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Chandra Grahan 2025: इस साल सितंबर का पहला हफ्ता खगोल विज्ञान और ज्योतिष, दोनों नजरियों से बेहद खास होने वाला है. 7 सितंबर 2025 की रात को पूर्ण चंद्रग्रहण (Total Lunar Eclipse) लगेगा, जिसे आमतौर पर लोग ब्लड मून भी कहते हैं. यह नजारा भारत सहित एशिया, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के कई हिस्सों से देखा जा सकेगा. खास बात यह है कि यह ग्रहण 82 मिनट तक चलेगा, यानी हाल के वर्षों का सबसे लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण होगा.
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के ज्योतिष विभाग के प्रोफेसर विनय कुमार पांडे के मुताबिक, भारत में यह ग्रहण 7 सितंबर की रात 9:57 बजे शुरू होकर 1:27 बजे तक रहेगा. काशी समेत देश के हर कोने से यह साफ दिखाई देगा.
वैज्ञानिकों के अनुसार, जब पृथ्वी सूरज और चांद के बीच आ जाती है, तब उसकी छाया चांद पर पड़ती है. इसी दौरान पृथ्वी का वातावरण सूर्य की नीली रोशनी को रोक लेता है और लाल रोशनी चांद पर पड़ती है. इसी वजह से चांद लालिमा लिए नजर आता है, जिसे ब्लड मून कहा जाता है.
ग्रहण से पहले सूतक काल शुरू हो जाता है, जिसमें मंदिरों में पूजा-पाठ और मूर्तियों का स्पर्श वर्जित माना जाता है. इस दौरान भोजन करना भी मना होता है. हालांकि, बच्चों, बुजुर्गों और रोगियों के लिए इसमें छूट है.
वैज्ञानिक कहते हैं कि चंद्रग्रहण को नंगी आंखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित है. टेलिस्कोप और दूरबीन से देखने पर इसकी खूबसूरती और भी निखरकर सामने आती है. फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए यह एक सुनहरा मौका है. ट्राइपॉड और मैनुअल सेटिंग वाले कैमरे से चांद की लालिमा वाली झलक कैद की जा सकती है.
भारत ही नहीं, बल्कि एशिया, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के बड़े हिस्से से यह ग्रहण नजर आएगा. अनुमान है कि दुनिया की लगभग 85% आबादी इस ग्रहण का कुछ न कुछ हिस्सा जरूर देख पाएगी. हालांकि, उत्तर और दक्षिण अमेरिका के ज्यादातर हिस्सों में यह दृश्य दिखाई नहीं देगा.
FAQs
प्रश्न 1. 7 सितंबर 2025 का चंद्रग्रहण भारत में कब शुरू होगा?
यह ग्रहण रात 9:57 बजे से शुरू होकर 1:27 बजे तक चलेगा.
प्रश्न 2. क्या यह ग्रहण पूरे भारत में दिखाई देगा?
हां, यह ग्रहण देश के सभी हिस्सों से दिखाई देगा.
प्रश्न 3. क्या चंद्रग्रहण को नंगी आंखों से देखना सुरक्षित है?
हां, वैज्ञानिकों के अनुसार चंद्रग्रहण देखना पूरी तरह सुरक्षित है.
प्रश्न 4. ज्योतिष के अनुसार किन राशियों के लिए ग्रहण शुभ है?
मेष, कन्या और धनु राशि वालों के लिए यह ग्रहण लाभकारी माना गया है.
प्रश्न 5. सूतक काल में क्या नियम हैं?
सूतक काल में भोजन और मूर्ति स्पर्श वर्जित है, हालांकि बच्चों, बुजुर्गों और रोगियों को छूट है.