अमरनाथ यात्रा के दौरान क्‍या करें और क्‍या न करें, श्रद्धालु जाने से पहले जरूर देख लें श्राइन बोर्ड की ये एडवाइजरी

अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra 2025) 3 जुलाई से शुरू हो रही है और 9 अगस्‍त तक चलेगी. श्रद्धालुओं की इस धार्मिक यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए अमरनाथजी श्राइन बोर्ड द्वारा एडवाइजरी जारी की गई है. अगर आप भी इस बार बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जा रहे हैं तो एक बार इस एडवाइजरी को ध्‍यान से पढ़ लें.
अमरनाथ यात्रा के दौरान क्‍या करें और क्‍या न करें, श्रद्धालु जाने से पहले जरूर देख लें श्राइन बोर्ड की ये एडवाइजरी

अमरनाथ यात्रा (Amarnath Yatra 2025) 3 जुलाई से शुरू हो रही है और 9 अगस्‍त तक चलेगी. हर साल देश के लाखों श्रद्धालु इस यात्रा के लिए जाते हैं. अमरनाथ की यात्रा काफी कठिन है. पवित्र गुफा तक पहुंचने के लिए 14,800 फीट की ऊंचाई पर पहुंचना पड़ता है. ऐसे में लोगों को चढ़ाई करते हुए कठिन मार्ग से गुजरना पड़ता है. श्रद्धालुओं की इस धार्मिक यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए अमरनाथजी श्राइन बोर्ड द्वारा एडवाइजरी जारी की गई है. अगर आप भी इस बार बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जा रहे हैं तो एक बार इस एडवाइजरी को ध्‍यान से पढ़ लें.

यात्रा के दौरान क्‍या करें

  • गर्म कपड़े जरूर रखें, क्योंकि कभी-कभी तापमान अचानक 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है.
  • छाता, विंडचीटर, रेनकोट और वाटरप्रूफ जूते रखें क्योंकि यात्रा क्षेत्र में मौसम कभी भी बदल सकता है.
  • अपने कपड़े और खाने का सामान वॉटरप्रूफ बैग में रखें, ताकि बारिश में वे भीग न जाएं.
  • जेब में एक पर्ची रखें, जिसमें आपके साथ दर्शन को जा रहे यात्री का नाम, पता और मोबाइल नंबर लिखा हो, ताकि आपात स्थिति में मदद मिल सके.
  • पहचान पत्र (आइडेंटिटी कार्ड), ड्राइविंग लाइसेंस और यात्रा परमिट हमेशा साथ रखें्
  • समूह में यात्रा करें, सामान ढोने के लिए पोर्टर, घोड़ा या खच्चर का उपयोग करें.
  • अगर कोई सदस्य लापता हो जाए तो तुरंत पुलिस की मदद लें और यथासंभव पब्लिक अनाउंसमेंट कराएं.
  • सहयात्रियों की मदद करें और श्रद्धा भाव से यात्रा करें.
  • यात्रा प्रशासन के निर्देशों का पालन करें.
  • सहायता के लिए SASB कैंप निदेशक या यात्रा कंट्रोल रूम से संपर्क करें.
  • किसी दुर्घटना या आपात स्थिति में निकटतम कैंप निदेशक या पर्वतीय रेस्क्यू टीम (MRT) से संपर्क करें.
  • पूरी यात्रा में जगह-जगह फ्री लंगर की सुविधा है, वहां भोजन कर सकते हैं.
  • दूसरे राज्यों के प्रीपेड सिम J&K और यात्रा क्षेत्र में काम नहीं करते. यात्री बेस कैंप (बालटाल, नुनवान) और जम्मू, लक्षनपुर से प्री-एक्टिवेटेड सिम खरीद सकते हैं.
  • धरती, जल, वायु, अग्नि और आकाश भगवान शिव का हिस्सा हैं, इसलिए पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाएं.
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क्या न करें

  • महिलाएं साड़ी न पहनें, सलवार-कमीज़, पैंट-शर्ट या ट्रैकसूट पहनें.
  • 6 हफ्ते से अधिक की गर्भवती महिलाएं यात्रा नहीं कर सकतीं.
  • 13 साल से कम उम्र के बच्चे और 70 साल से ऊपर के बुजुर्ग यात्रा नहीं कर सकते.
  • जहां चेतावनी लगी हो वहां न रुकें, केवल तय रास्ते पर चलें.
  • अपने समूह से अलग न हों, सभी को नज़रों के सामने रखें. वापसी में भी अपने समूह के साथ बेस कैंप से रवाना हों.
  • नंगे पांव या बिना गर्म कपड़ों के न रहें, तापमान बहुत कम हो सकता है.
  • स्लीपर चप्पल न पहनें, केवल अच्छे फीते वाले ट्रैकिंग जूते पहनें.
  • शॉर्टकट रास्तों से जाने की कोशिश न करें, यह खतरनाक है.
  • खाली पेट यात्रा शुरू न करें, इससे तबीयत बिगड़ सकती है.
  • यात्रा के दौरान ऐसा कुछ न करें जिससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचे.
  • पॉलीथीन लेकर न जाएं, J&K में यह कानूनन प्रतिबंधित है.
  • शिवलिंग के पास सिक्के, पैसे, चुनरी, लोटा आदि न फेंकें.
  • पवित्र गुफा में रात को न रुकें, वहां का मौसम बहुत कठोर और ऊंचाई ज्यादा है.


किसी भी जानकारी या मदद के लिए यहां करें संपर्क

  • जम्मू: 0191-2503399, 0191-2555662
  • श्रीनगर: 0194-2313146, 0194-2313147-49
  • टोल फ्री नंबर: 180018071987, 18001807199
  • वेबसाइट: https://jksasb.nic.in
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