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अमेरिका की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियां भारत में अरबों डॉलर का निवेश कर रही हैं. इसकी वजह देश का डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक अहम ग्लोबल हब के तौर पर उभरना है. यह जानकारी अमेरिकी मीडिया की एक रिपोर्ट में शनिवार को दी गई. यूएसए के लीडिंग अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने कहा कि इस निवेश को माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन, गूगल और मेटा जैसी कंपनियां लीड कर रही हैं.
रिपोर्ट में बताया गया कि माइक्रोसॉफ्ट ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रोजेक्ट्स के लिए 17.5 बिलियन डॉलर निवेश करने का वादा किया है.
रिपोर्ट में कहा गया कि इन सभी निवेश को मिला दिया जाए तो अमेरिकी कंपनियों ने भारत के टेक सेक्टर में करीब 67.5 अरब डॉलर का निवेश करने का वादा किया है. यह देश में एक अकेले सेक्टर में देखा गया अब तक का सबसे बड़ा निवेश है.
भारत में सबसे बड़ा सिंगल सेक्टर इन्वेस्टमेंट
रिपोर्ट में बताया गया है कि यह बढ़ोतरी वॉशिंगटन और नई दिल्ली के बीच बढ़ते व्यापारिक तनाव के बावजूद हुई है, जिसमें इस साल की शुरुआत में अमेरिका द्वारा लगाए गए ऊंचे टैरिफ भी शामिल हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत सरकार, जो विदेशी सर्वर पर निर्भरता से बचना चाहती है, उसने डेटा को स्थानीय स्तर पर स्टोर करने के नियमों पर भी विचार किया है. 2018 से, अधिकारियों ने ऐसे कानूनों पर विचार किया है जो डिजिटल सेवाओं को देश के अंदर सर्वर पर आधारित होने के लिए अनिवार्य करते हैं, और बैंक और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पहले से ही ऐसी जरूरतों के अधीन हैं.
सवाल: कौन सी अमेरिकी कंपनियां भारत में निवेश कर रही हैं?
जवाब: माइक्रोसॉफ्ट, अमेजन, गूगल और मेटा जैसी दिग्गज टेक कंपनियां.
सवाल: यह निवेश किस क्षेत्र में किया जा रहा है?
जवाब: मुख्य रूप से डेटा सेंटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर में.
सवाल: कुल कितने निवेश का वादा किया गया है?
जवाब: अमेरिकी कंपनियों ने करीब 67.5 अरब डॉलर के निवेश का वादा किया है.
सवाल: किस कंपनी ने कितना निवेश करने की घोषणा की है?
जवाब: अमेजन ने 35 बिलियन, माइक्रोसॉफ्ट ने 17.5 बिलियन और गूगल ने 15 बिलियन डॉलर का ऐलान किया है.
सवाल: भारत में निवेश का मुख्य कारण क्या है?
जवाब: भारत दुनिया का सबसे बड़ा डेटा उपभोक्ता है और यहां डिजिटल इकोनॉमी तेजी से बढ़ रही है.