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अगर आप भी टीवी देखते हैं या केबल डीटीएच सर्विसेस का इस्तेमाल करते हैं, तो ये खबर आपके लिए बहुत जरूरी है. भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने ब्रॉडकास्टिंग और केबल डिस्ट्रीब्यूशन इंडस्ट्री के लिए कुछ नए नियम बनाए हैं, जिनसे टीवी चैनल देखने और उनकी सर्विसेस से जुड़े कामकाज में बड़े बदलाव आने वाले हैं. ये नियम 1 अप्रैल, 2026 से लागू हो सकते हैं.
TRAI ने "टेलीकम्युनिकेशन (ब्रॉडकास्टिंग और केबल) सर्विसेज इंटरकनेक्शन (एड्रेसेबल सिस्टम्स) (सातवां संशोधन) रेगुलेशन, 2025" का एक नया ड्राफ्ट (प्रस्तावित नियम) जारी किया है. इसका सीधा मतलब है कि TRAI चाहता है कि टीवी चैनल ब्रॉडकास्टर (जैसे स्टार, ज़ी, सोनी) और केबल/डीटीएच डिस्ट्रीब्यूटर (जैसे टाटा प्ले, एयरटेल डिजिटल टीवी, स्थानीय केबल ऑपरेटर) के बीच संबंध और साफ सुथरे और पारदर्शी हों.
TRAI ने पहले 9 अगस्त, 2024 को इन नियमों पर लोगों और कंपनियों की राय जानने के लिए एक 'कंसल्टेशन पेपर' जारी किया था. अब उस राय मशवरे के आधार पर ये नए ड्राफ्ट नियम बनाए गए हैं.
TRAI ने आम जनता और इंडस्ट्री से जुड़े सभी लोगों से इन नए प्रस्तावित नियमों पर अपने सुझाव और टिप्पणियां मांगी हैं. आप अपनी राय 6 अक्टूबर, 2025 तक दे सकते हैं. ये सुझाव आप TRAI की सलाहकार (B&CS) डॉ. दीपाली शर्मा और संयुक्त सलाहकार (B&CS) सपना शर्मा को ईमेल के जरिए भेज सकते हैं.
ये नए नियम मुख्य रूप से तीन चीजों पर ध्यान केंद्रित करते हैं.
ये बदलाव ब्रॉडकास्टर और डिस्ट्रीब्यूटर के बीच के रिश्तों को मजबूत बनाएंगे और टीवी चैनलों को लोगों तक पहुंचाने के तरीके को बेहतर बनाएंगे.
अब डिस्ट्रीब्यूटर को हर साल 30 सितंबर तक अपनी ऑडिट रिपोर्ट सभी ब्रॉडकास्टर के साथ शेयर करनी होगी. ये ऑडिट किसी ऐसे ऑडिटर से करवाना होगा जिसे TRAI ने मान्यता दी हो, या जो ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड (BECIL) द्वारा प्रमाणित हो. इससे ये पता चलेगा कि डिस्ट्रीब्यूटर कितने ग्राहकों को सेवाएं दे रहा है और ब्रॉडकास्टर को उसका सही हिस्सा मिल रहा है या नहीं.
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए, डिस्ट्रीब्यूटर को ऑडिट कब होगा और कौन सा ऑडिटर इसे करेगा, इसकी जानकारी कम से कम 30 दिन पहले ब्रॉडकास्टर को देनी होगी. ये सुनिश्चित करेगा कि ब्रॉडकास्टर भी ऑडिट प्रक्रिया पर नजर रख सकें.
नए ड्राफ्ट में ब्रॉडकास्टर की निगरानी को भी मजबूत किया गया है ताकि ये सुनिश्चित हो सके कि ग्राहकों की सही संख्या की रिपोर्टिंग हो रही है. अक्सर ऐसा होता है कि डिस्ट्रीब्यूटर ग्राहकों की संख्या कम दिखाते हैं, जिससे ब्रॉडकास्टर को कम पैसा मिलता है. ये नियम इस तरह की धोखाधड़ी को रोकने में मदद करेंगे.
जो डिस्ट्रीब्यूटर 30 सितंबर की समय सीमा तक अपना ऑडिट पूरा नहीं करेंगे, उन्हें जुर्माना भरना पड़ सकता है. हालांकि, TRAI के ड्राफ्ट में इस समय सीमा को और स्पष्ट करने का प्रस्ताव है ताकि भविष्य में कोई विवाद न हो.
सीधे तौर पर देखें तो ये नियम ब्रॉडकास्टर और डिस्ट्रीब्यूटर के बीच के मसलों को सुलझाने के लिए हैं. लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से इसका फायदा ग्राहकों को भी मिलेगा:
बेहतर सेवा: जब इंडस्ट्री में पारदर्शिता बढ़ेगी और नियमों का पालन होगा, तो सेवा की गुणवत्ता भी बेहतर हो सकती है.
सही बिलिंग: ग्राहकों की संख्या की सही रिपोर्टिंग होने से डिस्ट्रीब्यूटर और ब्रॉडकास्टर के बीच पैसे के लेनदेन में ईमानदारी आएगी, जिसका असर आखिरकार ग्राहकों की बिलिंग पर भी दिख सकता है.
नए विकल्प: पारदर्शी माहौल में नई कंपनियां आ सकती हैं या मौजूदा कंपनियां ग्राहकों के लिए बेहतर और नए प्लान ला सकती हैं.
A1: TRAI ने "टेलीकम्युनिकेशन (ब्रॉडकास्टिंग और केबल) सर्विसेज इंटरकनेक्शन (एड्रेसेबल सिस्टम्स) (सातवां संशोधन) रेगुलेशन, 2025" का ड्राफ्ट जारी किया है.
A2: ये प्रस्तावित नियम 1 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाले हैं.
A3: आम जनता 6 अक्टूबर, 2025 तक इन प्रस्तावित नियमों पर अपने सुझाव दे सकती है.
A4: ऑडिट को कैलेंडर वर्ष के आधार से बदलकर वित्तीय वर्ष (अप्रैल से मार्च) के आधार पर करना शामिल है.
A5: डिस्ट्रीब्यूटर को हर साल 30 सितंबर तक TRAI से मान्यता प्राप्त ऑडिटर या BECIL द्वारा प्रमाणित ऑडिट रिपोर्ट सभी ब्रॉडकास्टर के साथ साझा करनी होगी.
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