&format=webp&quality=medium)
टेक जगत की दिग्गज कंपनी एप्पल 1 अप्रैल को अपने 50 साल पूरे करने जा रही है. 50 साल के इस सफर में कंपनी ने कई बड़े मुकाम छुए. हालांकि, साल 2011 में एप्पल को बड़ा झटका लगा था जब उनके फाउंडर्स में से एक स्टीव जॉब्स का निधन हो गया था. स्टीव जॉब्स अपने निधन से कुछ वक्त पहले ही स्वास्थ्य कारणों से सीईओ के पद छोड़ चुके थे, उन्होंने टिम कुक को अपना उत्तराधिकारी चुना था. हालांकि, उस वक्त सवाल उठा था कि क्या स्टीव जॉब्स के बिना कंपनी सरवाइव कर पाएगी या नहीं लेकिन, टिम कुक के नेतृत्व में कंपनी ने अभूतपूर्व सफलता हासिल की है.
टिम कुक ने जब एप्पल की कमान संभाली थी तो उसका मार्केट कैप लगभग 348 बिलियन डॉलर था. कुक की लीडरशिप में कंपनी एप्पल दुनिया की पहली 1, 2 और फिर 3 ट्रिलियन डॉलर वैल्यूएशन हासिल की.
सर्विस इकोसिस्टम में बदली कंपनी
स्टीव जॉब्स के वक्त एप्पल आईफोन और दूसरे प्रोडक्ट्स की बिक्री पर निर्भर थी. टिम कुक ने न केवल नए प्रोडक्ट लॉन्च किए, बल्कि कंपनी को एक सर्विस इकोसिस्टम में बदल दिया.
फॉर्च्यून 500 कंपनियों की कमाई से थी ज्यादा
टिम कुक के नेतृत्व में जहां बड़ी सफलता हासिल की लेकिन, कुछ प्रोडक्ट्स बुरी तरह फेल हुए. साल 2012 में कूक ने आईफोन में अपना एप्पल मैप्स लॉन्च किया, लेकिन यह बुरी तरह से फेल हुआ था. यही नहीं, टिम को सार्वजनिक तौर पर ग्राहकों से माफी मांगना पड़ा था. साल 2017 में टिम कुक ने एयरपावर वायरलेस चार्जिंग मैट की घोषणा की थी लेकिन, हीटिंग की तकनीकी समस्याओं को एप्पल के इंजीनियर सुलझा नहीं पाए थे. साल 2019 में प्रोजेक्ट को रद्द किया था. मैकबुक को पतला बनाने के लिए एप्पल ने 2015 में बटरफ्लाई कीबोर्ड पेश किया. यह इतनी बड़ी विफलता थी कि कंपनी ने ग्राहकों के भारी विरोध और मुकदमा भी झेला था. बाद में इस डिजाइन को वापस लिया गया था.