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दिवाली का सीजन है और त्योहारों की चमक के बीच रियलमी (Realme) ने भारत के लिए एक बड़ा ऐलान किया है. कंपनी ने बताया है कि उसके AIoT (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऑफ थिंग्स) प्रोडक्ट्स अब पूरी तरह 'मेड इन इंडिया' बन गए हैं, जो 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान को एक नई गति दे रहा है. रियलमी ने गर्व से घोषणा की है कि उनका नया AIoT प्रोडक्ट, realme T200 Lite, जुलाई 2025 से 100% भारत में बन रहा है. ये वाकई एक बड़ी उपलब्धि है, खासकर तब जब कई ब्रांड्स अभी भी इस राह पर चल रहे हैं. रियलमी अब एकमात्र चीनी स्मार्टफोन ब्रांड बन गया है जो अपने AIoT प्रोडक्ट्स को पूरी तरह से भारत में बना रहा है. ये भारत में तकनीक और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की उनकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
रियलमी इंडिया के चीफ मार्केटिंग ऑफिसर, फ्रांसिस वोंग ने इस मौके पर अपनी खुशी ज़ाहिर की. उन्होंने कहा कि दिवाली सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि इनोवेशन और नए अवसरों का जश्न है. वोंग ने ये भी बताया कि रियलमी की प्रति दिन 2,000 यूनिट्स बनाने की क्षमता है. इससे वे त्योहारों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और भारत के टॉप 3 AIoT ब्रांड्स में शामिल होने के लक्ष्य की ओर बढ़ रहे हैं.
इस दिवाली रियलमी का संदेश है: "मेड इन इंडिया, मेड फॉर इंडिया." वे सिर्फ इनोवेटिव और किफ़ायती टेक्नोलॉजी नहीं दे रहे, बल्कि ऐसे प्रोडक्ट्स बना रहे हैं जो देश की मैन्युफैक्चरिंग ग्रोथ में भी योगदान दे रहे हैं. ये रियलमी की भारत के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दोहराता है. वे देश की आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के साथ साथ ग्राहकों को बेहतरीन इनोवेशन भी प्रदान कर रहे हैं.
रियलमी भारत को एक वैश्विक निर्यात हब के रूप में भी देख रहा है. यानी, भारत में बने रियलमी प्रोडक्ट्स अब दुनिया भर के बाजारों में अपनी पहचान बनाएंगे. ये भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन है और दिखाएगा कि भारतीय निर्मित उत्पाद भी वैश्विक मानकों पर खरे उतर सकते हैं.
रियलमी AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के क्षेत्र में भी बड़े कदम उठा रहा है. वे अपनी प्रोडक्ट इकोसिस्टम में अगली पीढ़ी की तकनीकों को एकीकृत कर रहे हैं. इसका मतलब है कि भारतीय उपभोक्ताओं को एक स्मार्ट, कनेक्टेड और भविष्य के लिए तैयार लाइफस्टाइल मिलेगी. AI आधारित फीचर्स उनके जीवन को और आसान बनाएंगे.
2018 में स्थापित, रियलमी ने तेज़ी से 61 वैश्विक बाजारों में अपनी पैठ बनाई है. 2025 में 300 मिलियन से अधिक यूज़र्स तक पहुंचकर, ये 21 देशों में टॉप पांच स्मार्टफोन ब्रांड्स में शामिल हो गया है.
रियलमी का लक्ष्य युवा यूज़र्स के लिए बेहतरीन इनोवेशन और प्रीमियम डिज़ाइन वाले प्रोडक्ट्स उपलब्ध कराना है. उनका "मेक इट रियल" का विजन उनकी सोच को दर्शाता है.
तकनीक को सभी तक पहुंचाना
रियलमी का मिशन है कि एडवांस टेक्नोलॉजी को सभी के लिए सुलभ बनाया जाए. उन्होंने दुनिया की सबसे तेज़ 320W सुपरसोनिक चार्जिंग और AI एडिट जीनी जैसे फीचर्स पेश किए हैं. वे पहले स्मार्टफोन ब्रांड हैं जो पेरिस्कोप कैमरा, डेडिकेटेड जीपीयू और 7000mAh बैटरी जैसे फ्लैगशिप लेवल फीचर्स को मिड रेंज स्मार्टफोन्स में लेकर आए हैं. ये वाकई सराहनीय है!
रियलमी 2025 के अंत तक 650 से अधिक ग्राहक सेवा केंद्र संचालित करने की राह पर है. ये देश भर में ग्राहकों को सहज आफ्टर सेल्स सपोर्ट सुनिश्चित करेगा. इसका मतलब है कि ग्राहक अपने रियलमी प्रोडक्ट्स के साथ किसी भी समस्या के लिए आसानी से सहायता प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उनका अनुभव और भी बेहतर होगा.
रियलमी की प्रोडक्ट स्ट्रैटेजी उपभोक्ताओं की विविध ज़रूरतों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन की गई है. GT सीरीज़ उनके प्रीमियम सेगमेंट का प्रतिनिधित्व करती है, जिसमें अत्याधुनिक AI पावर्ड परफॉर्मेंस और इनोवेशन शामिल हैं.
नंबर सीरीज़ मेनलाइन रिटेल सेगमेंट को पूरा करती है, जो शक्तिशाली कैमरा और अगली पीढ़ी के परफॉर्मेंस का एक संतुलित मिश्रण प्रदान करती है. P सीरीज़ ऑनलाइन फर्स्ट हीरो है, जो डिजिटल बाजारों में ग्रोथ लाने के लिए परफॉर्मेंस और स्टाइल को जोड़ती है.
जवाब 1: रियलमी ने realme T200 Lite को 100% 'मेड इन इंडिया' का दर्जा दिया है.
जवाब 2: हां, रियलमी एकमात्र चीनी स्मार्टफोन ब्रांड है जिसने अपने AIoT प्रोडक्ट्स को पूरी तरह भारत में बनाया है.
जवाब 3: रियलमी प्रतिदिन 2,000 यूनिट्स का उत्पादन करने में सक्षम है.
जवाब 4: realme T200 Lite के लिए 100% 'मेड इन इंडिया' स्टेटस जुलाई 2025 से हासिल किया गया है.
जवाब 5: रियलमी भारत को एक वैश्विक निर्यात हब के रूप में विकसित करने की योजना बना रहा है.
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