Refrigerator Tips and Tricks: मानसून में फ्रिज पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है. इस मौसम में नमी के कारण फ्रिज में कई खराबी आ सकती है.
1/6बरसात के मौसम में फ्रिज की मेंटेनेंस जरूरत से ज्यादा हो जाती है. वातावरण में बढ़ी हुई नमी और वोल्टेज के उतार-चढ़ाव के कारण फ्रिज में कई तरह की दिक्कतें आने लगती है. मानसून में यदि आपके फ्रिज से कुछ संकेत मिल रहे हैं तो मैकेनिक को बुलाने की जरूरत है.
2/6सबसे पहले फ्रिज के बाहरी हिस्से, दरवाजे पर पानी की बूंदें नॉर्मल से ज्यादा जमा हो रही है तो मतलब दरवाजों की गैस्केट कमजोर हो गई. इससे कंप्रेसर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है. बिजली का बिल भी बढ़ता है.
3/6मानसून में नमी के कारण फ्रिज को ठंडा करने में ज्यादा मेहनत लगती है. कूलिंग कम होने का कारण थर्मोस्टेट में खराबी या गैस का रिसाव हो सकता है.
4/6फ्रिज से यदि कुछ भिनभिनाने या तेज गड़गड़ाहट जैसी असामान्य आवाजें आ रही है तो पंखें की मोटर या फिर कंप्रेसर में खराबी का संकेत हो सकता है.
5/6फ्रिज के अंदर नीचे की तरफ यदि पानी जमा हो रहा है तो इसका मतलब है कि ड्रेन पाइप चोक हो गया है. इससे फंगस और बैक्टीरिया पनप सकता है. ये स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक होता है.
6/6मानसून में यदि फ्रिज की बॉडी को छून पर यदि हल्का सा करंट महसूस होता है तो फ्रिज को तुरंत बंद कर देना चाहिए. वायरिंग में खराबी के कारण ऐसा हो सकता है. इससे बड़ा हादसा हो सकता है.