भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन- इसरो ने नए साल 2020 में अपने मिशनों का खुलासा कर दिया है. इसरो इस साल चंद्रयान 3 और गगनयान पर अपना ध्यान फोकस करेगा. साथ ही इसरो तमिलनाडू के थुथुकुडी में अपना दूसरा स्पेस पोर्ट (Spaceport) बनाने जा रहा है. साथ ही इसरो सूरज की किरणों के अध्ययन के लिए आदित्य सैटलाइट की लॉन्चिंग पर भी इस साल फोकस करेगा.
1/6पिछले साल 22 जुलाई को लॉन्च हुए मिशन चंद्रयान 2 भले ही अपने टारगेट में कामयाब नहीं हो पाया हो, लेकिन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन-इसरो ने हार नहीं मानी और वह अगले मिशन मून यानी चंद्रयान 3 की तैयारियों में जुट गया है. इसरो ने कहा है कि वह इस साल चंद्रयान 3 लॉन्च करेगा और इसकी लागत चंद्रयान 2 से काफी कम होगी.
2/6सरकार ने चंद्रयान-3 मिशन ( Mission Chandrayaan 3) की मंज़ूरी दे दी है. इस मिशन में ऑर्बिटर नहीं भेजा जायेगा. चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर और रोवर की सॉफ्ट लैंडिंग कराई जायेगी.
3/6चंद्रयान 3 (Chandrayaan 3) पर चंद्रयान 2 मिशन से भी कम लागत आएगी. इसरो ने बताया कि चंद्रयान 3 पर करीब 250 करोड़ रुपये का खर्च आएगा. चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर से इसमें मदद ली जाएगी.
4/6आदित्य-एल1 (Aditya-L1) एक अंतरिक्षयान जिसका मिशन सूर्य का अध्ययन करने के लिए है. गगनयान भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन है. यह सूर्य का अध्ययन करने वाला पहला भारतीय मिशन होगा और पहला लाग्रंगियन बिंदु एल1 पर स्थापित होने वाला भारतीय मिशन भी होगा.
5/6इसरो के प्रमुख डॉक्टर के. सिवन ने बताया कि 2019 में गगनयान प्रोजेक्ट पर काफी काम हुआ है. गगनयान के लिए वायुसेना के चार अधिकारियों को चुना गया है. ये चारों अधिकारी इस महीने के तीसरे सप्ताह से रूस में अंतरिक्ष यात्रियों की ट्रेनिंग लेंगे. गगनयान के लिए नेशनल अडवाइजरी कमिटी बनाई गई है.
6/6इसरो अध्यक्ष डॉक्टर के. सिवन ने बताया कि इस साल 35 से ज्यादा उपग्रहों को अंतरिक्ष भेजने की योजना है. इनमें जी-सैट 30 और आदित्य प्रमुख हैं. आदित्य सैटेलाइट सूरज की किरणों का परीक्षण करेगा, जिससे वातावरण पर होने वाले बदलाव का कारण पता लगायेगा.