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इस टीचर्स डे, शिक्षकों को सिर्फ स्टूडेंट्स से ही नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी की दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी से भी एक शानदार तोहफा मिलने वाला है. AI की दुनिया में क्रांति लाने वाली कंपनी OpenAI ने शिक्षकों के सम्मान में एक ऐसा ऐलान किया है, जिसे 'गुरु दक्षिणा' कहना गलत नहीं होगा. OpenAI भारत समेत पूरी दुनिया के 5 लाख शिक्षकों को ChatGPT Plus का सब्सक्रिप्शन बिल्कुल मुफ्त देने जा रहा है. ये सिर्फ एक फ्री अकाउंट नहीं है, बल्कि ये टीचर्स के हाथ में एक ऐसी 'जादुई छड़ी' देने जैसा है, जो उनके पढ़ाने और सिखाने के तरीके को हमेशा के लिए बदल सकती है.
अगर आप सोच रहे कि ये नॉर्मल ChatGPT जैसा ही है, तो आप गलत. ये ChatGPT का 'प्रो' वर्जन है. क्या है खास?. इसमें OpenAI का सबसे एडवांस मॉडल GPT 4o मिलता है, जो ज़्यादा स्मार्ट, फास्ट और सटीक जवाब देता है. वहीं जब नॉर्मल ChatGPT बिजी होता है, तो Plus यूजर्स को हमेशा प्राथमिकता मिलती है. टीचर्स सिर्फ बोलकर या लिखकर AI से कोई भी तस्वीर या चार्ट बनवा सकते हैं. इसके अलावा शिक्षक अब PDF या Excel शीट अपलोड करके उससे जुड़े सवाल पूछ सकते है, या समरी बनवा सकते हैं.
ये AI टूल एक टीचर के सबसे अच्छे दोस्त की तरह काम कर सकता है. इससे शिक्षक अपने घंटों के काम मिनटों में कर सकते है.
OpenAI का प्लान सिर्फ शिक्षकों को Plus अकाउंट देने तक ही सीमित नहीं है. कंपनी भारत में AI Tutors को भी टेस्ट करने की प्लानिंग बना रही है. इसका मतलब है कि जल्द ही स्टूडेंट्स को एक पर्सनल AI ट्यूटर मिल सकता है, जो उन्हें उनके हिसाब से पढ़ाएगा और उनकी मुश्किलों को हल करेगा. ये भारत की शिक्षा व्यवस्था में एक क्रांतिकारी कदम हो सकता ਹੈ.
हां, ये 5 लाख चयनित शिक्षकों के लिए पूरी तरह से मुफ्त होगा.
K 12 (कक्षा 12 तक) और हायर एजुकेशन के शिक्षक इसके लिए पात्र होंगे.
Plus वर्जन ज़्यादा तेज, ज़्यादा स्मार्ट (GPT 4o) है और इसमें DALL E (इमेज बनाना), डेटा एनालिसिस जैसे एडवांस टूल्स मिलते हैं.
OpenAI जल्द ही एप्लीकेशन की प्रक्रिया शुरू करेगा. इसके लिए वह भारत में कई शैक्षणिक संस्थानों और संगठनों के साथ मिलकर काम कर रहा है.
इसका मतलब है एक पर्सनलाइज्ड AI प्रोग्राम जो हर छात्र को उसकी स्पीड और सीखने के तरीके के हिसाब से पढ़ाएगा. ये अभी टेस्टिंग फेज में है.
OpenAI का ये कदम सिर्फ एक तोहफा नहीं है, बल्कि ये शिक्षा के भविष्य की एक झलक है. ये दिखाता है कि कैसे AI टेक्नोलॉजी शिक्षकों की मेहनत को कम कर सकती ਹੈ और बच्चों की सीखने की क्षमता को बढ़ा सकती है. ये टीचर्स डे का एक ऐसा उपहार है, जिसका असर आने वाली कई पीढ़ियों पर दिखेगा.
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