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चैटजीपीटी (ChatGPT) का इस्तेमाल इस समय अधिकतर लोग कर रहे हैं. कई लोग तो इस पर पूरी तरह से निर्भर है. अपने ऑफिस से लेकर पर्सनल काम तक पूरे करवा रहे हैं. लेकिन ये कितना सेफ है? कहीं आपके डेटा की चोरी तो नहीं हो रही? हाल ही में OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने यूजर्स को चैटजीपीटी पर 100% भरोसा करने से मना कर दिया. जी हां ये खुद चैटजीपीटी बनाने वाले Sam Altman ने कहा. ऐसा क्यों कहा? क्या है वजह? चलिए जानते हैं.
Sam Altman ने कहा कि ये देखकर अच्छा लगता है कि लोग ChatGPT पर आंख बंद करके भरोसा करते हैं. लेकिन मेरी सलाह है कि न करें, क्योंकि AI कभी-कबार गलत जानकारी देता है, जो कि मिसलीडिंग और फॉल्स कंटेंट प्रोड्यूस कर सकता है. उन्होंने कहा कि इस पर ज्यादा भरोसा नहीं किया जा सकता. हालांकि ये इंटरेस्टिंग है, काफी सवालों के सही जवाब दे देता है.
उन्होंने आगे ये भी कहा कि ChatGPT में नए-नए फीचर्स जुड़ रहे हैं. लोगों को चैटजीपीटी का इस्तेमाल नए आइडिया सोचने या कुछ लिखने में मदद के लिए करना चाहिए. ये एक ऐसा टूल है जो आपकी हर वक्त मदद करता है. लेकिन इसी बीच उन्होंने चिंता भी जताई कि लोग उन कामों के लिए ChatGPT का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिन्हें बिल्कुल सही और सटीक जानकारी चाहिए होती है, लेकिन ऐसा करना गलत है, जानकारी ले सकते हैं, लेकिन उसे सच मानने से पहले खुद भी एक उस जानकारी के बारे में क्रॉस चेक करें.
ऑल्टमैन ने अपने फ्यूचर प्लांस भी बताए. उन्होंने कहा कि वो एक ऐसे AI पर काम कर रहे हैं जो सिर्फ जानकारी नहीं देगा, बल्कि आपके लिए काम भी करेगा. इसे 'एजेंट' कहा जाएगा. ये एक पर्सनल असिस्टेंट की तरह होगा जो आपके कहने पर फ्लाइट टिकट बुक करने या कोई अपॉइंटमेंट सेट करने जैसे काम खुद कर देगा. उन्होंने कहा कि ऐसे 'एजेंट' को बहुत ज़्यादा भरोसेमंद होना पड़ेगा. उन्होंने एग्जांपल देते हुए कहा कि जैसे आप चाहते हैं कि आपका कैलकुलेटर हमेशा 100% सही जवाब दे, वैसे ही कुछ कामों के लिए AI को भी पूरी तरह सटीक और भरोसेमंद होना चाहिए."