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आजकल हम सभी इंटरनेट और सोशल मीडिया का जमकर इस्तेमाल करते हैं. फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम—ये सब हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन चुके हैं. लेकिन, जैसे-जैसे डिजिटल दुनिया बढ़ रही है, वैसे-वैसे ऑनलाइन धोखाधड़ी (Online Fraud) के मामले भी तेज़ी से बढ़ रहे हैं. इन स्कैम्स का सबसे ज़्यादा शिकार हमारे घर के बुजुर्ग (Senior Citizens) होते हैं, जिन्हें डिजिटल दुनिया की पूरी जानकारी नहीं होती. दुनिया भर में लोगों को ऑनलाइन सुरक्षित रखने की अपनी कोशिशों के तहत, मेटा (Meta) ने अब कुछ नए एंटी-स्कैम फीचर्स और जागरूकता कार्यक्रम शुरू किए हैं. इसका मकसद लोगों को, खासकर बुजुर्गों को, साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन स्कैम से बचाना है. आइए जानते हैं कि मेटा ने कौन-कौन से नए टूल दिए हैं और आप इनका इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं.
मेटा ने अपने तीन सबसे बड़े प्लेटफॉर्म्स—व्हाट्सएप, मैसेंजर और फेसबुक—पर सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं:
धोखाधड़ी करने वाले अक्सर लोगों को वीडियो कॉल के दौरान अपनी स्क्रीन शेयर करने के लिए मजबूर करते हैं, ताकि वे बैंक डिटेल्स या वेरिफिकेशन कोड जैसी गोपनीय जानकारी चुरा सकें.
नया फीचर: अगर आप किसी अनजान व्यक्ति से वीडियो कॉल पर बात करते हुए अपनी स्क्रीन शेयर करने की कोशिश करेंगे, तो WhatsApp आपको तुरंत एक चेतावनी (Warning) देगा.
फ़ायदा: ये आपको उस धोखे को पहचानने और उससे बचने में मदद करेगा, जिससे आपकी संवेदनशील जानकारी लीक होने से बच जाएगी.

नया फीचर: मैसेंजर पर अब एडवांस AI की मदद से स्कैम डिटेक्शन (धोखाधड़ी पकड़ने वाला सिस्टम) की टेस्टिंग चल रही है.
कैसे काम करेगा: अगर कोई नया व्यक्ति आपको धोखाधड़ी वाला मैसेज भेजेगा, तो आपको तुरंत अलर्ट मिल जाएगा. ये सिस्टम आपको कॉमन स्कैम्स के बारे में ज़्यादा जानकारी देगा और आपको उस अकाउंट को ब्लॉक या रिपोर्ट करने का विकल्प भी देगा.
पासवर्ड याद रखना एक झंझट का काम है और ये चोरी भी हो सकते हैं.
नया फीचर: अब आप फेसबुक, मैसेंजर और व्हाट्सएप में 'Passkeys' सेट कर सकते हैं.
फ़ायदा: ये आपके फिंगरप्रिंट (Fingerprint), चेहरे की पहचान (Face ID) या फ़ोन के PIN की तरह काम करता है. अब आप उसी तरीके से सुरक्षित रूप से लॉगिन कर सकते हैं जिसका इस्तेमाल आप पहले से अपने मोबाइल डिवाइस पर करते हैं. ये पासवर्ड की ज़रूरत को कम करता है और लॉगिन को ज़्यादा सुरक्षित बनाता है.
फेसबुक और इंस्टाग्राम पर: अब आप 'Security Checkup' का उपयोग करके अपनी सुरक्षा सेटिंग्स की समीक्षा कर सकते हैं और पासवर्ड अपडेट करने जैसे सुरक्षा संबंधी कदमों पर सुझाव प्राप्त कर सकते हैं.
व्हाट्सएप पर: 'Privacy Checkup' आपको महत्वपूर्ण प्राइवेसी सेटिंग्स, जैसे कि आपको ग्रुप में कौन जोड़ सकता है, इसकी जानकारी देता है, जिससे आप अपनी सुरक्षा का सही स्तर चुन सकें.
इनपुट: सुरक्षा के लिए दो सबसे ज़रूरी बातें (My Added Input)
सिर्फ नए फीचर्स ही काफी नहीं हैं. ऑनलाइन सुरक्षा के लिए कुछ मूलभूत बातें भी हैं, जिनका पालन करना ज़रूरी है
1. टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) ऑन करें: अपने सभी अकाउंट्स (फेसबुक, व्हाट्सएप, ईमेल) पर टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (Two-Factor Authentication) ज़रूर चालू करें. इससे अगर आपका पासवर्ड किसी को पता भी चल जाए, तब भी वे लॉगिन नहीं कर पाएंगे, क्योंकि लॉगिन के लिए आपके फ़ोन पर आने वाले कोड की ज़रूरत होगी. ये सुरक्षा का सबसे मज़बूत कवच है.
2. लोकप्रिय स्कैम पहचानें
रिश्तेदार संकट में (Imposter Scams): स्कैमर आपके किसी रिश्तेदार या दोस्त की पहचान बताकर इमरजेंसी में पैसे मांगते हैं. हमेशा क्रॉस-चेक करें.
नौकरी या निवेश का लालच: भारी रिटर्न या विदेश में नौकरी का लालच देने वाले मैसेज या कॉल हमेशा फ्रॉड होते हैं.
धोखाधड़ी करने वाले अक्सर एक ही प्लेटफॉर्म पर टिके नहीं रहते, इसलिए उनसे लड़ने के लिए मिलकर काम करना बहुत ज़रूरी है.
DoT के साथ सहयोग: मेटा ने भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) के साथ मिलकर 'स्कैम्स से बचो' नाम से एक खास कैंपेन शुरू किया है. इस कैंपेन में खास तौर पर बुजुर्गों के लिए मल्टीलिंगुअल वीडियो कंटेंट बनाया गया है, जो उन्हें ऑनलाइन स्कैम को पहचानने, उनसे बचने और उनकी शिकायत करने में मदद करेगा.
सक्षम सीनियर पहल: मेटा 'सक्षम सीनियर' जैसी पहलों का भी समर्थन कर रहा है. ये पहल भारत में वरिष्ठ नागरिकों को आत्मविश्वास के साथ डिजिटल दुनिया में आगे बढ़ने के लिए आसान भाषा में सीखने के संसाधन देती है.
मेटा की एक्सपर्ट टीम्स दुनिया भर में स्कैम सेंटर्स चलाने वाले क्रॉस-बॉर्डर क्रिमिनल नेटवर्क्स की पहचान करके उन्हें बंद करने का काम कर रही है. 2025 की पहली छमाही में ही, मेटा ने म्यांमार, लाओस, कंबोडिया, संयुक्त अरब अमीरात और फिलीपींस जैसे देशों में स्कैम सेंटर्स से जुड़े करीब 80 लाख अकाउंट्स को पकड़कर बंद कर दिया है. इसके अलावा, लोगों को ठगने के लिए कस्टमर सपोर्ट बनकर काम करने वाले 21,000 से ज़्यादा पेजेस और अकाउंट्स पर भी कार्रवाई की गई है.
बुजुर्गों और परिवारों के लिए सुरक्षा के आसान टिप्स
अनजान कॉल या मैसेज से सावधान रहें: कभी भी किसी भी अप्रत्याशित कॉल, ईमेल या मैसेज के जवाब में अपना पर्सनल या फाइनेंशियल डेटा (जैसे अकाउंट नंबर या PIN) शेयर न करें. कोई भी भरोसेमंद कंपनी या सरकारी एजेंसी अचानक आपसे ये जानकारी नहीं मांगेगी.
रुकें और भरोसेमंद व्यक्ति से पूछें: स्कैमर अक्सर आपको घबराकर तुरंत काम करने या बात को गुप्त रखने के लिए दबाव डालते हैं. ये खतरे की निशानी है. कोई भी कदम उठाने से पहले, हमेशा अपने परिवार के किसी भरोसेमंद व्यक्ति से बात करें.
हमेशा आधिकारिक चैनलों का उपयोग करें: अगर आपको किसी कंपनी की मदद चाहिए, तो हमेशा उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर उनका हेल्पलाइन नंबर ढूंढें. ईमेल या मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक न करें.
सक्रिय बातचीत करें: अपने बुजुर्गों से ऑनलाइन सुरक्षा के बारे में नियमित रूप से बात करें. उन्हें पूछने के लिए प्रोत्साहित करें.
गोपनीयता सेटिंग (Privacy Settings) सेट करें: उनके फ़ोन और सोशल मीडिया अकाउंट्स पर गोपनीयता और सुरक्षा सेटिंग्स (Privacy and Security Settings) को मज़बूत करने में उनकी मदद करें.
पासवर्ड मैनेजर का उपयोग करें: एक सुरक्षित पासवर्ड मैनेजर सेट करने में उनकी मदद करें, ताकि उन्हें जटिल पासवर्ड याद रखने की ज़रूरत न पड़े.
| सवाल (Question) | जवाब (Answer) |
| Passkeys क्या है? | Passkeys एक सुरक्षित तरीका है जो आपको पासवर्ड के बजाय अपने फ़ोन के पिन, फिंगरप्रिंट या चेहरे की पहचान (Face ID) का उपयोग करके फेसबुक, व्हाट्सएप या मैसेंजर में लॉगिन करने की सुविधा देता है. |
| स्क्रीन शेयरिंग चेतावनी कब आएगी? | यह चेतावनी व्हाट्सएप वीडियो कॉल के दौरान तब आएगी जब आप किसी अनजान कांटेक्ट के साथ अपनी स्क्रीन शेयर करने की कोशिश करेंगे। यह आपको धोखे से बचाने के लिए एक अतिरिक्त सुरक्षा कवच है. |
| साइबर स्कैम की शिकायत कहाँ करें? | अगर आप किसी ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं, तो आप तुरंत साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (Cyber Crime Reporting Portal) पर या अपने नज़दीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत कर सकते हैं. |
| 'सक्षम सीनियर' पहल क्या है? | यह एक पहल है जो भारत में वरिष्ठ नागरिकों को डिजिटल दुनिया से जुड़ी जानकारी, स्कैम से बचने के तरीके और स्वास्थ्य सुरक्षा टिप्स आसानी से सिखाती है. |
| प्लेटफॉर्म | नया सुरक्षा फीचर | यह कैसे मदद करेगा? |
| स्क्रीन शेयरिंग चेतावनी | अनजान वीडियो कॉल पर संवेदनशील जानकारी लीक होने से बचाएगा. | |
| Messenger | AI स्कैम डिटेक्शन (टेस्टिंग) | धोखाधड़ी वाले मैसेज आने पर तुरंत अलर्ट करेगा और ब्लॉक करने का सुझाव देगा. |
| Facebook/WhatsApp/Messenger | पास-की (Passkeys) | बिना पासवर्ड के फिंगरप्रिंट या फेस आईडी से सुरक्षित और आसान लॉगिन. |
| Facebook/Instagram | सिक्योरिटी चेकअप | अकाउंट की सुरक्षा सेटिंग्स की जाँच करने और उन्हें सुधारने में मदद करेगा. |