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ऑनलाइन की दुनिया में हम सब हैं, लेकिन क्या हम सच में सुरक्षित हैं? आए दिन होने वाले ऑनलाइन फ्रॉड और स्कैम से हमें बचाने के लिए मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम की पेरेंट कंपनी) ने एक अनोखा और मजेदार अभियान शुरू किया है. इस कैंपेन का नाम है ‘स्कैम से बचो 2.0’, और इसका अंदाज बिलकुल नया है. इस बार कोई लंबा-चौड़ा भाषण नहीं, बल्कि सड़कों पर लगे चटपटे पोस्टर्स आपको डिजिटल सेफ्टी के गुरू-मंत्र सिखा रहे हैं. चलिए जानते हैं और डीटेल में.
मेटा ने इस बार डिजिटल क्रिएटर 'साइनबोर्ड_वाला' के साथ हाथ मिलाया है, जो अपने हाथ से लिखे मजेदार पोस्टर्स के लिए जाने जाते हैं. ये कैंपेन अब मुंबई की मशहूर और व्यस्त सड़कों पर नजर आ रहा है. इसका मकसद है कि सेफ्टी की बातें सिर्फ इंटरनेट तक सीमित न रहें, बल्कि आम लोगों के बीच, उनकी अपनी भाषा में पहुंचें. ये एक ऐसी कोशिश है जो सेफ्टी के गंभीर मैसेज को हल्के-फुल्के अंदाज़ में बताती है.
सोचिए जरा, आप सड़क से गुजर रहे हैं और आपको एक पोस्टर दिखे जिस पर लिखा है - “एक्स हो या स्कैमर, दोनों को ब्लॉक और रिपोर्ट करो”. ये लाइन आपको हंसाएगी भी और सोचने पर मजबूर भी करेगी. एक और पोस्टर कहता है - “दोस्तों को पास रखो, OTP को और भी पास”. ये दिखाता है कि आपका OTP कितना कीमती है और इसे किसी के साथ भी शेयर नहीं करना चाहिए, चाहे वो कितना भी करीबी क्यों न हो.
ये अभियान लोगों का ध्यान खींचने के लिए देसी और मजेदार भाषा का इस्तेमाल करता है, जिससे लोग सेफ्टी के टिप्स आसानी से याद रख पाते हैं. फर्जी लोन, झूठी पहचान और OTP फ्रॉड जैसे गंभीर अपराधों के बारे में ये अभियान आपको हंसाते-हंसाते सचेत कर देता है.
इस पहल के जरिए मेटा अपने सेफ्टी फीचर्स जैसे टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) और ब्लॉक-रिपोर्ट बटन के बारे में भी जागरूकता बढ़ा रहा है. इसका सीधा संदेश है कि ऑनलाइन दुनिया में अपनी सेफ्टी की पहली जिम्मेदारी आपकी खुद की है. इन आसान टूल्स का इस्तेमाल करके आप खुद को स्कैमर्स से काफी हद तक बचा सकते हैं.
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