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भारत ने स्मार्टफोन की दुनिया में जो करिश्मा कर दिखाया है. नीति आयोग के पूर्व CEO और G20 शेरपा रह चुके अमिताभ कांत ने एक ऐसा 'मास्टर प्लान' सामने रखा है, जो भारत को दुनिया की अगली मैन्युफैक्चरिंग सुपरपावर बना सकता है. उन्होंने कहा है कि अब समय आ गया है कि भारत स्मार्टफोन वाली सफलता को 10 और बड़े सेक्टर्स में दोहराए.
चीन का किला ढहा: अमेरिका के स्मार्टफोन बाजार में, जहाँ पहले चीन का 61% कब्जा था, अब वह घटकर सिर्फ 25% रह गया है.
भारत का परचम लहराया: वहीं, 'मेड इन इंडिया' फोन की हिस्सेदारी 13% से तीन गुना से भी ज़्यादा बढ़कर 44% हो गई है. भारत ने पहली बार चीन को पछाड़कर अमेरिका के सबसे बड़े स्मार्टफोन सप्लायर का ताज पहना है.
इस बड़े बदलाव के पीछे Apple की 'चाइना प्लस वन' रणनीति का सबसे बड़ा हाथ है, जिसके तहत कंपनी अब चीन पर अपनी निर्भरता कम करके भारत को अपना नया मैन्युफैक्चरिंग हब बना रही है.
स्मार्टफोन की इसी कामयाबी से उत्साहित होकर अमिताभ कांत ने 'एक्स' पर लिखा कि अब रुकने का समय नहीं है. उन्होंने आगे का रास्ता दिखाते हुए कहा, "भारत को वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी करके और वर्ल्डवाइड सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बनकर, यही कहानी 10 और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर्स में दोहरानी होगी."
ग्लोबल चैंपियंस के साथ पार्टनरशिप: दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियों (जैसे Apple) को भारत में मैन्युफैक्चरिंग के लिए आकर्षित करना.
सप्लाई चेन का हिस्सा बनना: सिर्फ असेंबलिंग नहीं, बल्कि पार्ट्स बनाने से लेकर फाइनल प्रोडक्ट तक, पूरी प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनना.
हालांकि कांत ने 10 सेक्टर्स के नाम नहीं बताए, लेकिन एक्सपर्ट्स के अनुसार, भारत अब इन क्षेत्रों में चीन को कड़ी टक्कर दे सकता है:
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