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Google Chrome, CERT-IN: गूगल क्रोम इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए भारत सरकार की साइबर सिक्युरिटी संस्था CERT-IN ने चेतावनी जारी की है. CERT ने एक दस्तावेज जारी कर बताया है कि ChromeOS (जो Chromebook में इस्तेमाल होता है) में कई कमजोरियां पाई गई हैं. ChromeOS में कुछ ऐसी कमियां मिली हैं जिनका फायदा उठाकर कोई हैकर आपके कंप्यूटर/क्रोमबुक में घुसपैठ कर सकता है. साथ ही हैकर्स आपकी जासूसी भी कर सकते हैं. हर वो व्यक्ति जो क्रोमबुक इस्तेमाल करता है वह इस खतरे से प्रभावित हो सकते हैं.
CERT-IN की एडवाइजरी के मुताबिक इन खामियों का फायदा उठाकर हैकर आपकी जासूसी कर सकता है, आपके डेटा को चुरा सकता है, आपके कंप्यूटर पर गलत काम करवा सकता है, या आपकी ज़रूरी जानकारी हासिल कर सकता है. ये कमियां कुछ तकनीकी गड़बड़ियों की वजह से हैं. साइबर सिक्युरिटी संस्था के मुताबिक ये खतरा मैकबुक, पीसी या लैपटॉप पर क्रोम चला रहे यूजर्स को है. स्मार्टफोन यूजर्स के लिए ये ज्यादा खतरनाक नहीं है.
16093.68.0 से पहले के सभी ChromeOS वर्ज़न और 132.0.6834.94 से पहले के सभी ब्राउजर वर्ज़न इस खतरे से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं. CERT-IN के मुताबिक अगर आप Chromebook इस्तेमाल करते हैं, तो अपने ChromeOS को जल्द से जल्द अपडेट करें ताकि आप सुरक्षित रह सकें. इसके अलावा गूगल ने भी इन कमियों को ठीक करने के लिए एक ब्लॉगपोस्ट में बताया था कि अगर आपको ChromeOS में कोई गड़बड़ या समस्या मिलती है, तो आप उसकी रिपोर्ट कर सकते हैं.
CERT के मुताबिक गूगल क्रोम के एक पुराने वर्ज़न (132.0.6834.83 से पहले के) में एक गड़बड़ थी. इसका फायदा उठाकर, कोई दूर बैठा हमलावर एक खास तरह की HTML फाइल बनाकर आपके कंप्यूटर की मेमोरी में छेड़छाड़ कर सकता था.