मस्क बनाम ऑल्टमैन: 134 अरब डॉलर की वो कानूनी जंग, जो तय करेगी कि कौन बनेगा AI का असली सुल्तान!

एलन मस्क ने ओपनएआई और माइक्रोसॉफ्ट पर ठोका 134 अरब डॉलर का दावा. जानिए क्यों मस्क ने लगाया धोखाधड़ी का आरोप और क्या है 500 अरब डॉलर की कंपनी का पूरा विवाद.
मस्क बनाम ऑल्टमैन: 134 अरब डॉलर की वो कानूनी जंग, जो तय करेगी कि कौन बनेगा AI का असली सुल्तान!

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में इन दिनों एक ऐसा ड्रामा चल रहा है, जिसकी स्क्रिप्ट किसी हॉलीवुड थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है. एक तरफ हैं दुनिया के सबसे चर्चित कारोबारी एलन मस्क, और दूसरी तरफ है वो कंपनी जिसने चैटजीपीटी (ChatGPT) बनाकर पूरी दुनिया में तहलका मचा दिया- ओपनएआई. लेकिन यह लड़ाई सिर्फ तकनीक की नहीं है, बल्कि यह लड़ाई है 'धोखे', 'पैसों' और 'सिद्धांतों' की.

टेस्ला के मालिक एलन मस्क ने अब इस लड़ाई को एक कदम आगे ले जाते हुए ओपनएआई और दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. मस्क ने अदालत से मांग की है कि उन्हें 79 अरब डॉलर से लेकर 134 अरब डॉलर तक का हर्जाना दिलाया जाए. यह रकम इतनी बड़ी है कि कई छोटे देशों की अर्थव्यवस्था इससे कम होती है. आखिर क्यों मस्क अपनी ही बनाई एक संस्था के पीछे हाथ धोकर पड़ गए हैं? आइए, इस पूरी कहानी को विस्तार से समझते हैं.

धोखे का आरोप

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कहानी शुरू होती है साल 2015 में. उस समय एलन मस्क ने सैम ऑल्टमैन के साथ मिलकर ओपनएआई की नींव रखी थी. मकसद बहुत नेक था, एक ऐसी एआई बनाना जो किसी एक कंपनी की जागीर न हो और पूरी मानवता के लिए मुफ्त में उपलब्ध रहे. मस्क का आरोप है कि उन्होंने इसी भरोसे पर शुरुआत में 38 लाख डॉलर की बड़ी रकम दी थी.

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लेकिन मस्क का कहना है कि जैसे ही ओपनएआई को कामयाबी मिली, सैम ऑल्टमैन के इरादे बदल गए. मस्क के मुताबिक, ओपनएआई ने अपना 'गैर-लाभकारी' (Non-profit) चोला उतार फेंका और माइक्रोसॉफ्ट के साथ हाथ मिलाकर इसे एक 'मुनाफा कमाने वाली मशीन' बना दिया. मस्क इसे सीधे तौर पर अपने साथ और दुनिया के साथ हुई धोखाधड़ी बता रहे हैं.

500 अरब डॉलर की कंपनी और मस्क का हक

आज ओपनएआई की वैल्यूएशन करीब 500 अरब डॉलर के आसपास आंकी जा रही है. मस्क के वकीलों का तर्क बड़ा दिलचस्प है. उनका कहना है कि जैसे किसी छोटे स्टार्टअप में शुरुआत में पैसे लगाने वाला इन्वेस्टर बाद में कंपनी के बड़े होने पर मुनाफे का हकदार होता है, वैसा ही हक मस्क का भी बनता है. मस्क के वकील स्टीवन मोलो ने अदालत में साफ कहा कि ओपनएआई और माइक्रोसॉफ्ट ने जो 'गलत फायदा' कमाया है, उसका हिस्सा मस्क को मिलना ही चाहिए.

आंकड़ों की बात करें तो मस्क का दावा है कि ओपनएआई ने गलत तरीके से 65.50 अरब से 109.43 अरब डॉलर तक का फायदा कमाया है. वहीं माइक्रोसॉफ्ट को इस साझेदारी से 13.30 अरब से 25.06 अरब डॉलर तक का लाभ हुआ है. मस्क चाहते हैं कि न सिर्फ उनके नुकसान की भरपाई हो, बल्कि इन कंपनियों पर भारी जुर्माना भी लगाया जाए.

सैम ऑल्टमैन का पलटवार

दूसरी तरफ, ओपनएआई और उसके बॉस सैम ऑल्टमैन इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रहे हैं. कंपनी ने मस्क के मुकदमे को 'बेबुनियाद' और 'कानूनी प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल' बताया है. ऑल्टमैन का मानना है कि मस्क यह सब इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वह अब एआई की रेस में पीछे छूट गए हैं.

याद दिला दें कि मस्क ने 2018 में ओपनएआई के बोर्ड से इस्तीफा दे दिया था और अब वह अपनी खुद की एआई कंपनी 'xAI' चला रहे हैं. ओपनएआई का कहना है कि मस्क सिर्फ एक प्रतिस्पर्धी (Competitor) कंपनी की रफ्तार को धीमा करना चाहते हैं. उनका आरोप है कि मस्क ने पहले ही निवेशकों को चेतावनी दे दी थी कि वे ऐसे चौंकाने वाले दावे करते रहेंगे.

माइक्रोसॉफ्ट की चुप्पी और 27% की हिस्सेदारी

इस पूरे विवाद के केंद्र में माइक्रोसॉफ्ट भी खड़ा है. अक्टूबर में ओपनएआई ने अपनी बनावट में बदलाव किया था, जिसके तहत माइक्रोसॉफ्ट को कंपनी में 27 प्रतिशत की हिस्सेदारी दी गई. हालांकि, कंपनी का कहना है कि कंट्रोल अभी भी गैर-लाभकारी संस्था के पास ही है, लेकिन मस्क इसे मानने को तैयार नहीं हैं. माइक्रोसॉफ्ट ने फिलहाल इस मुकदमे पर 'नो कमेंट' कहकर चुप्पी साध रखी है, लेकिन अदालत में उन्हें भी मस्क के तीखे सवालों का सामना करना होगा.

अदालत में होगा फैसला

यह कानूनी लड़ाई अब ऑकलैंड, कैलिफोर्निया की एक संघीय अदालत में लड़ी जाएगी. ओपनएआई और माइक्रोसॉफ्ट ने कोशिश की थी कि वे इस मुकदमे के जूरी ट्रायल से बच जाएं, लेकिन जज ने उनकी यह मांग ठुकरा दी है. अब अप्रैल के अंत में यह ट्रायल शुरू होगा, जहां दुनिया के सामने ओपनएआई के अंदरूनी दस्तावेजों और ईमेल के जरिए कई बड़े राज खुल सकते हैं. मस्क इस बात पर अड़े हैं कि जो तकनीक सबके लिए खुली होनी चाहिए थी, उसे माइक्रोसॉफ्ट के सर्वरों में बंद कर दिया गया है. यह मुकदमा सिर्फ पैसों के लिए नहीं है, बल्कि यह एआई के भविष्य के उसूलों की लड़ाई भी बन चुका है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल-FAQs

Q1. एलन मस्क ने ओपनएआई पर कितने हर्जाने का दावा किया है?

मस्क ने 79 अरब डॉलर से लेकर 134 अरब डॉलर तक के भारी-भरकम हर्जाने की मांग की है.

Q2. मस्क ने ओपनएआई पर मुख्य रूप से क्या आरोप लगाए हैं?

मस्क का आरोप है कि ओपनएआई ने अपने मूल 'गैर-लाभकारी' उद्देश्य को धोखा दिया और माइक्रोसॉफ्ट के साथ मिलकर एक मुनाफे वाली कंपनी में तब्दील हो गई.

Q3. इस मुकदमे का ट्रायल कहां और कब शुरू होगा?

यह मुकदमा अमेरिका के कैलिफोर्निया राज्य के ऑकलैंड शहर में चलेगा और इसका जूरी ट्रायल अप्रैल 2026 के अंत में शुरू होने की उम्मीद है.

Q4. ओपनएआई की स्थापना में एलन मस्क का क्या योगदान था?

मस्क ने 2015 में ओपनएआई की स्थापना में मदद की थी और शुरुआती दौर में 38 लाख डॉलर का निवेश किया था.

Q5. माइक्रोसॉफ्ट की ओपनएआई में कितनी हिस्सेदारी है?

अक्टूबर 2025 में हुए बदलावों के अनुसार, ओपनएआई में माइक्रोसॉफ्ट की हिस्सेदारी अब 27 प्रतिशत हो गई है.

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