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Whatsapp चलाने वालों को राहत.
भारत सरकार ने वॉट्सऐप, टेलीग्राम, सिग्नल जैसी मैसेजिंग ऐप्स के लिए सिम बाइंडिंग नियम लागू करने की डेडलाइन को 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दिय है. संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी ने सदन में एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि वेब लॉगआउट के लिए कोई तय समयसीमा नहीं है. इसका रिस्क-बेस्ड एनालिसिस होगा, इसके बाद कोई फैसला लिया जाएगा. आपको बता दें कि सिम बाइंडिंग नियमों के तहत मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को मोबाइल पर अपनी सर्विस तभी दे सकेगा, जब उसमें एक्टिव सिम कार्ड मौजूद है.
संचार राज्य मंत्री ने सदन में दिए लिखित जवाब में कहा कि कुछ ऐप बेस्ड कम्युनिकेशन सर्विस प्रोवाइडर्स को ऐसे निर्देश दिए हैं कि वह ग्राहकों के मोबाइल में मौजूद सिम कार्ड को ऐप के साथ लिंक करें.
डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकॉम ने 28 नवंबर 2025 को कई मैसेजिंग बेस्ड कम्युनिकेशन सर्विस प्रोवाइडर्स से कहा थी कि वह 26 फरवरी से सर्विस को डिवाइस में एक्टिव सिम कार्ड से लगातार जोड़कर रखें.
साइबर फ्रॉड उठा रहे थे फायदा
आपको बता दें कि ब्रॉडबैंड इंडिया फोरम (BIF), जो भारत में मेटा, गूगल जैसी बड़ी टेक कंपनियों का प्रतिनिधित्व करता है, उसने इस नियम की कानूनी वैधता पर सवाल उठाए हैं. BIF ने टेलिकॉम सेक्रेटरी को एक चिट्ठी लिखी थी जिसमें कहा था टेलीकम्युनिकेशंस अमेंडमेंट नियम 2025 और सिम बाइंडिंग से जुड़े नियम 2023 के मूल टेलीकम्युनिकेशंस अधिनियम के दायर से बाहर हैं. साथ ही इनके असंवैधानिक होने का खतरा है.