Annapurti: 5G से चलने वाला अनाज ATM, अब राशन मिलेगा चुटकियों में- जानें कैसे करती है काम

Annapurti Ration Machine: राशन लेने के लिए अभी आपको घंटों लाइन में लगना पड़ता है, नंबर आते-आते शाम हो जाती है. लेकिन अब सरकार द्वारा लॉन्च की गई इस मशीन के जरिए आप राशन आसानी से, रियल टाइम में और कम समय में निकाल सकेंगे. 
Annapurti: 5G से चलने वाला अनाज ATM, अब राशन मिलेगा चुटकियों में- जानें कैसे करती है काम

IMC 2025: इंडियन मोबाइल कॉन्ग्रेस 2025 में एरिक्सन (Ericsson) ने एक और शानदार 'मेड-इन-इंडिया' डिवाइस शोकेस किया, जिसका नाम है 'अन्नपूर्ती'. ये एक 5G-इनेबल्ड अनाज ATM है, जिसे वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के साथ मिलकर बनाया गया है. सोचिए जरा, अब आपको राशन लेने के लिए लंबी कतारों में नहीं लगना पड़ेगा. राशन लेने के लिए अभी आपको घंटों लाइन में लगना पड़ता है, नंबर आते-आते शाम हो जाती है. लेकिन अब सरकार द्वारा लॉन्च की गई इस मशीन के जरिए आप राशन आसानी से, रियल टाइम में और कम समय में निकाल सकेंगे.

आधार से पहचान, 30 सेकंड में 30 किलो अनाज!

ये 'अन्नपूर्ती' डिवाइस आधार-आधारित बायोमेट्रिक स्कैनिंग का उपयोग करता है. यानी, आपकी पहचान आधार से होगी, जिससे राशन वितरण में पूरी पारदर्शिता आएगी और कोई गड़बड़ी नहीं होगी. कंपनी का दावा है कि ये डिवाइस सिर्फ 30 सेकंड में 25 से 30 किलोग्राम अनाज बांट सकता है. फिलहाल ये भोपाल, गोरखपुर, लखनऊ, शिलांग और वाराणसी में लगे हैं, और 2026 के अंत तक 23 और शहरों में उपलब्ध होंगे.

ग्रामीण इलाकों तक पहुंची फाइबर जैसी तेज स्पीड!

एरिक्सन के एंड्रेस विन्सेंट (मार्केट एरिया साउथईस्ट एशिया, ओशिनिया और इंडिया के प्रमुख) ने बताया कि उनकी 'फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस (FWA)' सॉल्यूशन ने देश में 8.4 मिलियन ग्राहक बना लिए हैं. ग्रामीण इलाकों में इसकी पहुंच 40% तक है. इसका मतलब है कि जहाँ फाइबर केबल नहीं पहुंच पाते, वहाँ भी ये वायरलेस तकनीक फाइबर जैसी तेज़ इंटरनेट स्पीड दे रही है. ये ग्रामीण भारत के डिजिटल सशक्तिकरण के लिए एक बड़ा कदम है.

अन्नपूर्ती ग्रेन ATM की खास बातें

  • सबके लिए आसान पहुंच: भारत में कोई भी राशन कार्डधारक, चाहे वह किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का हो, अपने हक का अनाज पा सकता है.
  • तेज़ और असरदार: ये मशीन सिर्फ 5 मिनट में 50 किलोग्राम तक अनाज बांट देती है, जिससे इंतजार का समय 70% तक कम हो जाता है.
  • कई तरह के अनाज का वितरण: बायोमेट्रिक पहचान के बाद ये मशीन चावल, गेहूं और अन्य अनाज बहुत सटीकता से देती है.
  • लगातार और बिना रुकावट पहुंच: इससे ये सुनिश्चित होता है कि लाभार्थियों को बिना किसी मानवीय दखल के उनका पूरा राशन मिले.
  • ऊर्जा-कुशल और मॉड्यूलर: इसे आसानी से जोड़ा जा सकता है और ये बहुत कम बिजली खपत करती है. इसमें सोलर पैनल लगाने का भी विकल्प है ताकि ये अपने आप भरता रहे.

कैसे काम करता है ओडिशा का पहला 'राइस ATM'?

अन्नपूर्ती ग्रेन ATM कैसे काम करता है, इसकी प्रक्रिया नीचे दी गई है:

वितरण प्रक्रिया: ये मशीन 5 मिनट के अंदर 50 किलोग्राम तक चावल कुशलता से बांट देती है, जिसमें गलती की दर सिर्फ 0.01% होती है.
उपयोगकर्ता की पहुंच: लाभार्थी टचस्क्रीन पर अपना राशन कार्ड नंबर डालते हैं, बायोमेट्रिक पहचान (उंगली का निशान या आँखों की स्कैनिंग) करवाते हैं, और सफल पहचान के बाद उन्हें उनका आवंटित चावल (25 किलोग्राम तक) मिल जाता है.

अन्नपूर्ती ग्रेन ATM के फायदे

इंतजार का समय कम: ये पारंपरिक राशन वितरण केंद्रों पर लगने वाली लंबी कतारों को खत्म करता है.
बढ़ी हुई सुरक्षा: ये खाद्य वितरण प्रणाली में चोरी और कालाबाजारी को कम करता है.
बेहतर सटीकता और गति: ये सटीक वजन सुनिश्चित करता है और इंतजार के समय को 70% तक कम करता है.
24/7 उपलब्धता: ये लाभार्थियों को किसी भी समय चावल इकट्ठा करने की सुविधा देता है.

अन्नपूर्ती ग्रेन ATM का विस्तार और ऊर्जा दक्षता

शुरुआती लॉन्च: इसे सबसे पहले भुवनेश्वर में लॉन्च किया गया था, और ओडिशा के सभी 30 जिलों में इसका विस्तार करने की योजना है.
भविष्य का एकीकरण: 'वन नेशन वन राशन कार्ड' योजना के तहत देशव्यापी रोलआउट की संभावना है.
ऊर्जा बचाने वाला डिज़ाइन: ये प्रति घंटे केवल 0.6 वाट बिजली की खपत करता है और स्वचालित रूप से भरने के लिए सोलर पैनल कनेक्टिविटी को सपोर्ट करता है.
आसान इंस्टॉलेशन: इसे विभिन्न स्थानों पर आसानी से स्थापित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है.

अतिरिक्त सुधार और बढ़ोतरी

फर्जी राशन कार्ड हटाना: 16 लाख से अधिक फर्जी राशन कार्डधारियों की पहचान करके उन्हें हटा दिया गया है, जिससे ये सुनिश्चित हो रहा है कि असली लाभार्थियों पर कोई असर न पड़े.
आधार-आधारित सत्यापन: पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) लागू किया गया है.

नई पहल:

  • माता-पिता के घर से अलग होने वाले लोगों के लिए अलग राशन कार्ड.
  • वरिष्ठ नागरिकों और विकलांग व्यक्तियों के लिए घर पर डिलीवरी सेवाएं.
  • जिन लाभार्थियों को उंगलियों के निशान पहचानने में दिक्कत होती है, उनके लिए विशेष बायोमेट्रिक समाधान.

FAQs: अन्नपूर्ती ग्रेन ATM

भारत का पहला ग्रेन ATM कहाँ लॉन्च किया गया था?

ओडिशा ने भुवनेश्वर के मंचेश्वर में भारत का पहला 24/7 ग्रेन ATM लॉन्च किया. इस पहल का उद्घाटन ओडिशा के खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता कल्याण मंत्री, कृष्णा चंद्र पात्रा ने किया था.

अन्नपूर्ती ग्रेन ATM का उपयोग कौन कर सकता है?

भारत में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत कोई भी राशन कार्डधारक, चाहे वह किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश का हो, ग्रेन ATM का उपयोग कर सकता है.

किस प्रकार के खाद्य अनाज वितरित किए जा सकते हैं?

ये मशीन लाभार्थी के राशन हक के आधार पर चावल, गेहूं और दालें वितरित कर सकती है.

अन्नपूर्ती ग्रेन ATM कितना ऊर्जा-कुशल है?

ग्रेन ATM प्रति घंटे केवल 0.6 वाट बिजली की खपत करता है और स्वचालित रूप से भरने के लिए सोलर पैनल से कनेक्ट किया जा सकता है, जिससे ये एक ऊर्जा-कुशल समाधान है.

क्या सरकार पूरे भारत में ग्रेन ATM का विस्तार करने की योजना बना रही है?

हां, ओडिशा सभी 30 जिलों में ग्रेन ATM स्थापित करने की योजना बना रहा है, और 'वन नेशन वन राशन कार्ड' योजना के तहत देशव्यापी विस्तार की संभावित योजनाएं भी हैं.

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