Airtel की नई सुपरपावर! अब सेंटीमीटर में होगा आपका पता, लोकेशन अब 100 गुना ज़्यादा सटीक!

Airtel-Skylark Precise Positioning Service: अमेरिका की सटीक-लोकेशन टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट कंपनी स्विफ्ट नेविगेशन (Swift Navigation) के साथ. इन दोनों ने मिलकर एक नई सर्विस लॉन्च की है – एयरटेल-स्काईलार्क प्रीसाइज पोजिशनिंग सर्विस (Airtel-Skylark Precise Positioning Service).
Airtel की नई सुपरपावर! अब सेंटीमीटर में होगा आपका पता, लोकेशन अब 100 गुना ज़्यादा सटीक!

क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी गाड़ी या फोन की लोकेशन इतनी सटीक हो जाए कि वो आपको ठीक उसी जगह बताए जहां आप खड़े हैं, सेंटीमीटर-सेंटीमीटर? अब ये सपना सच होने वाला है. भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनियों में से एक एयरटेल (Airtel Business) ने पार्टनरशिप की है. अमेरिका की सटीक-लोकेशन टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट कंपनी स्विफ्ट नेविगेशन (Swift Navigation) के साथ. इन दोनों ने मिलकर एक नई सर्विस लॉन्च की है – एयरटेल-स्काईलार्क प्रीसाइज पोजिशनिंग सर्विस (Airtel-Skylark Precise Positioning Service).

ये क्या करती है?

ये आपकी लोकेशन को 100 गुना ज़्यादा सटीक बना देती है. जहां पहले आपका फोन आपको कुछ मीटर तक गलत लोकेशन दिखाता था, अब ये आपको सेंटीमीटर-लेवल तक की सटीकता देगा. इसका मतलब है कि ये आपके घर का पता ही नहीं, बल्कि आपके घर के ठीक सामने की जगह भी बता पाएगा.

क्यों जरूरी है ये सेंटीमीटर-लेवल की सटीकता?

सोचिए, अगर कोई इमरजेंसी हो और आपको एम्बुलेंस या पुलिस को बुलाना हो. अगर वे आपकी सही लोकेशन पर पहुँच जाएँ, तो कितनी जान बच सकती है. या फिर, अगर आपकी कार खुद-ब-खुद चलती है (सेल्फ-ड्राइविंग कार), तो उसे हर मोड़, हर गली और हर रास्ते की एकदम सही जानकारी होनी चाहिए ताकि कोई दुर्घटना न हो.

यही वजह है कि ये नई टेक्नोलॉजी बहुत खास है. ये उन कामों के लिए बहुत ज़रूरी है जहां थोड़ी सी भी गलती भारी पड़ सकती है, जैसे:

  • कर्मचारी सुरक्षा: बड़ी फैक्ट्रियों या कंस्ट्रक्शन साइट्स पर कर्मचारियों की सही लोकेशन जानना ताकि इमरजेंसी में तुरंत मदद पहुँच सके.
  • सार्वजनिक सेवाएं: एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड जैसी इमरजेंसी सेवाओं को सही जगह तक तेज़ी से पहुंचाना.

एयरटेल-स्काईलार्क कैसे काम करता है?

ये एक AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और ML (मशीन लर्निंग) पर आधारित, क्लाउड-आधारित सर्विस है. इसका मतलब है कि ये एयरटेल के पूरे भारत में फैले मज़बूत 4G/5G नेटवर्क का इस्तेमाल करती है. जैसे ही आप अपने डिवाइस पर इस सर्विस को एक्टिवेट करते हैं, ये आपके डिवाइस को सैटेलाइट से मिलने वाले सिग्नल में सुधार करती है और आपको एकदम सटीक लोकेशन बताती है.

शरत सिन्हा, डायरेक्टर और सीईओ – एयरटेल बिज़नेस, कहते हैं कि भारत जैसे देश में जहाँ सड़कें और गलियाँ बहुत घुमावदार हैं, वोाँ हर सेंटीमीटर की सटीकता बहुत मायने रखती है, खासकर इमरजेंसी के समय. वो इस साझेदारी पर गर्व महसूस कर रहे हैं क्योंकि ये भारत की पहली क्लाउड-आधारित, AI/ML-संचालित GNSS (ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम) करेक्शन सर्विस है जो सेंटीमीटर-लेवल की सटीकता देती है. ये सिर्फ इमरजेंसी सेवाओं को ही नहीं बदलेगी, बल्कि कई उद्योगों के लिए नए रास्ते खोलेगी, जैसे सेल्फ-ड्राइविंग कारें और सैटेलाइट से टोल वसूलना.

होल्गर इप्पाच, ईवीपी ऑफ प्रोडक्ट एंड मार्केटिंग – स्विफ्ट नेविगेशन, का कहना है कि वे एयरटेल के साथ मिलकर स्काईलार्क को भारत लाने के लिए बहुत उत्साहित हैं. एयरटेल की दमदार IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) सेवाओं के साथ, वे देशभर के बिज़नेस और डेवलपर्स को आसानी से सटीक लोकेशन टेक्नोलॉजी अपनाने में मदद कर रहे हैं, ताकि सब कुछ और ज़्यादा ऑटोमेटिक और आधुनिक हो सके.

एयरटेल-स्काईलार्क के बड़े फायदे

ये नई सर्विस किन-किन सेक्टरों में क्रांति लाएगी, आइए देखते हैं:-

सेक्टरक्या बदलेगा?
ऑटोमोटिव और ट्रांसपोर्टेशनसेल्फ-ड्राइविंग कारें और ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर-असिस्टेंस सिस्टम): गाड़ियां और ज़्यादा सुरक्षित होंगी और ट्रैफिक और आसानी से चलेगा. आपकी कार को हर मोड़, हर लेन की एकदम सटीक जानकारी मिलेगी.
मोबाइल और उपभोक्ता एप्लीकेशंसनेविगेशन, टैक्सी बुकिंग और फिटनेस ऐप्स: अब आपका Google Maps आपको बताएगा कि आपकी टैक्सी कहां खड़ी है, कौन से दरवाज़े पर खड़ी है! फिटनेस ऐप आपकी रनिंग को और सटीक ट्रैक कर पाएंगे.
स्मार्ट टोलिंगबिना रुके टोल वसूली: टोल प्लाज़ा पर रुकने की ज़रूरत नहीं! आपकी गाड़ी चलते-चलते ही टोल का भुगतान कर देगी, क्योंकि सिस्टम आपकी लोकेशन के हिसाब से टोल वसूल लेगा.
लॉजिस्टिक्स और लास्ट-माइल डिलीवरीड्रोन और डिलीवरी रोबोट्स: डिलीवरी और ज़्यादा तेज़ी से और सटीक होगी. ड्रोन और रोबोट्स सही पते पर सामान पहुंचा पाएंगे, खासकर भीड़भाड़ वाले शहरी इलाकों में.
रेलवेट्रेनों की सुरक्षा और स्पीड: ट्रेनों की सही लोकेशन जानने से रेलवे और ज़्यादा सुरक्षित और कुशल बनेगा.
कृषि (खेती)स्मार्ट खेती (Precision Agriculture): अब किसान अपनी ज़मीन पर पानी, खाद और कीटनाशकों का सही मात्रा में इस्तेमाल कर पाएंगे. स्वचालित ट्रैक्टर और स्प्रेयर से खेती करना और आसान और ज़्यादा फायदेमंद होगा, जिससे फसल की पैदावार बढ़ेगी.

आम सवाल (FAQs)

Q1: एयरटेल-स्काईलार्क प्रीसाइज पोजिशनिंग सर्विस क्या है?

A1: ये एयरटेल बिज़नेस और स्विफ्ट नेविगेशन द्वारा लॉन्च की गई एक नई सेवा है जो सामान्य जीपीएस (GPS) की तुलना में 100 गुना ज़्यादा सटीक लोकेशन बताती है, यानी सेंटीमीटर-लेवल तक की सटीकता.

Q2: ये सर्विस किनके लिए उपयोगी होगी?

A2: ये ऑटोमोबाइल, लॉजिस्टिक्स, कृषि, रेलवे, इमरजेंसी सेवाओं और मोबाइल ऐप्स जैसे कई उद्योगों और आम लोगों के लिए बहुत उपयोगी होगी जहां सटीक लोकेशन की बहुत ज़रूरत होती है.

Q3: ये सर्विस भारत में कैसे काम करेगी?

A3: ये एयरटेल के पूरे भारत में फैले 4G/5G नेटवर्क का इस्तेमाल करेगी. ये AI/ML-आधारित और क्लाउड-आधारित टेक्नोलॉजी पर काम करती है.

Q4: इससे सेल्फ-ड्राइविंग गाड़ियों को क्या फायदा होगा?

A4: सेल्फ-ड्राइविंग गाड़ियों को हर मोड़, हर लेन और सड़क की सही जानकारी मिलेगी, जिससे वे और ज़्यादा सुरक्षित और कुशल तरीके से चल पाएंगी.

Q5: क्या ये आम लोगों के स्मार्टफोन में भी काम करेगी?

A5: हां, ये नेविगेशन, टैक्सी बुकिंग और फिटनेस ऐप्स जैसी उपभोक्ता सेवाओं को भी बेहतर बनाएगी, जिससे स्मार्टफोन पर और सटीक ट्रैकिंग मिलेगी.

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