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JP Morgan ने बताया भविष्य का पूरा सच!
दुनिया भर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं. कुछ लोग इसे 'जॉब किलर' मानते हैं, तो कुछ इसे अगली इंडस्ट्रियल रेवोल्यूशन बता रहे हैं. इसी बीच JPMorgan Chase की एशिया पैसिफिक इक्विटी रिसर्च टीम की एक खास रिपोर्ट आई है, जो भारतीय IT सेक्टर के लिए राहत की खबर लेकर आई है. इस रिपोर्ट के अनुसार, AI भारतीय IT सर्विसेज का विकल्प नहीं, बल्कि उनका पावर टूल है.
JP Morgan का कहना है कि AI, IT सर्विसेज़ की जरूरत को खत्म नहीं करेगा. इसके बजाय, यह कंपनियों को वही बजट रखते हुए ज्यादा आउटपुट देने में मदद करेगा.
यह वैसा ही बदलाव है जैसा पहले ऑफशोर लेबर, एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर और क्लाउड कंप्यूटिंग ने लाया था. हर बार डर था कि पुराना मॉडल खत्म हो जाएगा, लेकिन हुआ उल्टा काम का दायरा और बढ़ा. अब AI भी उसी कतार में खड़ा है.
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हाल ही में NIFTY IT करीब 10% गिरा, जबकि बाकी NIFTY 50 लगभग फ्लैट रहा. इसका मतलब है कि बाजार को डर है कि AI तेजी से आकर रेवेन्यू ग्रोथ कम कर देगा, लेकिन रिपोर्ट कहती है कि यह डर शायद हद से ज्यादा है.
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AI के कारण IT कंपनियों के लिए कुछ नए और बड़े अवसर बन रहे हैं:
यानि AI खुद ही नए सर्विस कॉन्ट्रैक्ट पैदा कर रहा है.
रिपोर्ट ने IT कंपनियों को टेक्नोलॉजी की दुनिया का 'प्लंबर' कहा है. जैसे प्लंबर के बिना घर की पाइपलाइन नहीं चलती, वैसे ही एंटरप्राइज सिस्टम बिना इंटीग्रेशन एक्सपर्ट के नहीं चलते.
AI भले कोड जनरेट कर दे, लेकिन:
रिपोर्ट यह भी बताती है कि बड़ी कंपनियों की टेक्नोलॉजी टीमें लंबे समय से कम बजट में ज्यादा काम कर रही हैं. वे AI को अपनाएंगी, लेकिन पूरी IT सर्विस कंपनी को बाहर नहीं करेंगी.
AI उन्हें कम पैसों में ज्यादा काम का मौका देगा. लेकिन सिस्टम डिजाइन, माइग्रेशन, मेंटेनेंस और अपग्रेड जैसे काम के लिए उन्हें बाहरी पार्टनर्स की जरूरत रहेगी.
लेकिन JP Morgan का मानना है कि AI को एक्सटिंक्शन इवेंट मान लेना जल्दबाजी है.
अगर आप IT सेक्टर में नौकरी कर रहे हैं या निवेशक हैं, तो यह रिपोर्ट एक संकेत देती है अभी खेल खत्म नहीं हुआ, बल्कि नियम बदल रहे हैं. अब मांग होगी:
यानि स्किल अपग्रेड जरूरी है, लेकिन पूरी इंडस्ट्री गायब नहीं होने वाली.
रिपोर्ट के अनुसार, हर टेक्नोलॉजी साइकिल में डर पैदा होता है. लेकिन इतिहास बताता है कि नई टेक्नोलॉजी काम खत्म नहीं करती, उसका स्वरूप बदल देती है. JP Morgan की राय भी यही कहती है कि AI भारतीय IT सर्विसेज को खत्म नहीं करेगा. बल्कि वह उन्हें पहले से ज्यादा जरूरी बना सकता है, बस भूमिका बदलेगी.