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Why is Market Down Today: घरेलू शेयर बाजार इस समय भारी दबाव में है और प्रमुख इंडेक्स करीब 11 महीने के निचले स्तरों पर आ गए हैं. सोमवार को सेंसेक्स में करीब 1800 अंकों की तेज गिरावट देखने को मिली, जबकि निफ्टी 22,550 के नीचे फिसल गया. बाजार में सबसे बड़ी चिंता यह है कि तकनीकी रूप से कई इंडेक्स oversold जोन में होने के बावजूद बिकवाली थम नहीं रही है. इसके साथ ही India VIX भी एक साल से ज्यादा के ऊपरी स्तरों पर पहुंच गया है, जो निवेशकों की बढ़ती घबराहट को दिखाता है.
ग्लोबल स्तर पर बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव, खासकर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती सख्ती, बाजार के लिए बड़ा ट्रिगर बनकर सामने आया है. अमेरिका की ओर से 48 घंटे का अल्टीमेटम दिए जाने के बाद निवेशकों ने जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनानी शुरू कर दी है.
इस समय बाजार की तस्वीर काफी कमजोर नजर आ रही है. लगभग 95% F&O स्टॉक्स में बिकवाली देखने को मिल रही है, जो बताता है कि गिरावट सिर्फ कुछ सेक्टर्स तक सीमित नहीं है बल्कि व्यापक है. निफ्टी और बैंक निफ्टी की गिरावट में सबसे ज्यादा योगदान HDFC Bank का रहा है, जिससे इंडेक्स पर अतिरिक्त दबाव बना. बाजार oversold जोन में पहुंच चुका है, लेकिन फिर भी शॉर्ट टर्म में कमजोरी बनी हुई है.
India VIX करीब डेढ़ साल के ऊपरी स्तरों पर पहुंच गया है, जो बताता है कि बाजार में अस्थिरता काफी बढ़ चुकी है और ट्रेडर्स जोखिम लेने से बच रहे हैं.
तकनीकी तौर पर निफ्टी अभी एक महत्वपूर्ण सपोर्ट के करीब ट्रेड कर रहा है. निफ्टी के लिए 22,500 का स्तर फिलहाल हल्का सपोर्ट माना जा रहा है. अगर यह स्तर टूटता है तो बाजार में और दबाव बढ़ सकता है.
ऑप्शन डेटा भी फिलहाल ज्यादा मजबूती नहीं दिखा रहा. सबसे ज्यादा कॉल राइटिंग 22,700 के स्तर पर देखने को मिल रही है, जहां करीब 1.4 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स बने हुए हैं. वहीं 22,500 के स्तर पर हल्की पुट बाइंग जरूर दिख रही है, लेकिन पुट साइड पर अभी मजबूत एक्शन की कमी है.
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बैंक निफ्टी में भी कमजोरी जारी है और यह अहम स्तरों के करीब है. बैंक निफ्टी के लिए 51,500 का स्तर फिलहाल हल्का सपोर्ट माना जा रहा है. इंडेक्स फ्यूचर्स में ओपन इंटरेस्ट करीब 3.5% बढ़ा है, जो शॉर्ट बिल्डअप का संकेत देता है. इसका मतलब है कि ट्रेडर्स अभी गिरावट पर दांव लगा रहे हैं.
बाजार की गिरावट के पीछे कई बड़े फैक्टर एक साथ काम कर रहे हैं.
Brent Crude Price: सबसे बड़ा कारण कच्चे तेल की ऊंची कीमतें हैं. ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर के ऊपर बना हुआ है और करीब 112 डॉलर प्रति बैरल के आसपास ट्रेड कर रहा है. भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए ऊंचा कच्चा तेल महंगाई, चालू खाते के घाटे और रुपये पर दबाव बढ़ा सकता है.
FIIs Selling: दूसरा बड़ा कारण विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली है. मार्च में अब तक FPIs करीब 90,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की बिकवाली कर चुके हैं. बाजार में तो यह भी चर्चा है कि बिकवाली की रफ्तार करीब 1000 करोड़ रुपए प्रति घंटे तक पहुंच गई.
India VIX: तीसरा फैक्टर है बढ़ती अस्थिरता. India VIX में करीब 15% की तेजी आई है और यह 26 के स्तर के आसपास पहुंच गया है, जो बताता है कि निवेशक अनिश्चितता को लेकर काफी सतर्क हैं.
Geopolitical Tension: इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भी बाजार को हिला दिया है. स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर जारी टकराव से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई को खतरा बढ़ गया है.
Global Markets: ग्लोबल बाजारों की कमजोरी भी घरेलू बाजार पर असर डाल रही है. एशियाई बाजारों में तेज गिरावट देखने को मिली, जहां जापान और कोरिया के इंडेक्स 4% से 6% तक टूट गए. वहीं अमेरिकी बाजार भी पिछले सत्र में कमजोरी के साथ बंद हुए.
Rupee: रुपया भी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब पहुंच गया है, जिससे विदेशी निवेशकों का भरोसा और कमजोर हुआ है.
गिरावट लगभग सभी सेक्टर्स में देखने को मिली. ऑटो इंडेक्स में 2% से ज्यादा गिरावट आई. PSU बैंक सबसे ज्यादा कमजोर रहे और करीब 2.8% टूटे. आईटी, ऑयल एंड गैस और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में भी दबाव बना रहा.
मौजूदा माहौल निवेशकों के लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण है. बाजार में वोलैटिलिटी बढ़ी हुई है और शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है. हालांकि, कई क्वालिटी स्टॉक्स अब आकर्षक वैल्यूएशन पर आने लगे हैं. लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह धीरे-धीरे खरीदारी का मौका बन सकता है, लेकिन जल्दबाजी से बचना जरूरी है.
1. बाजार में इतनी तेज गिरावट क्यों आ रही है?
ग्लोबल जियोपॉलिटिकल तनाव, ऊंचे कच्चे तेल के दाम, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कमजोर ग्लोबल संकेत गिरावट के प्रमुख कारण हैं.
2. India VIX बढ़ने का क्या मतलब है?
India VIX बढ़ने का मतलब है कि बाजार में अनिश्चितता और वोलैटिलिटी बढ़ रही है. ऐसे समय में बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है.
3. क्या बाजार अभी oversold जोन में है?
हां, कई इंडेक्स तकनीकी रूप से oversold जोन के करीब हैं, लेकिन कमजोर सेंटीमेंट के कारण बिकवाली जारी है.
4. निवेशकों को इस समय क्या करना चाहिए?
लंबी अवधि के निवेशकों को चरणबद्ध तरीके से निवेश करना चाहिए और मजबूत कंपनियों पर फोकस रखना चाहिए. शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को रिस्क मैनेजमेंट पर ध्यान देना चाहिए.