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सोने-चांदी में गुरुवार को तेज गिरावट. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
Gold-Silver Price Today: ईरान-अमेरिका युद्ध में डोनाल्ड ट्रंप के नए तेवरों ने फिर से सोने-चांदी में भूचाल ला दिया है. ट्रंप ने अपनी ताजा स्पीच में ईरान के खिलाफ हमले बढ़ाने की धमकी दी है, जबकि बाजार को किसी अच्छी खबर की उम्मीद थी. ये सबकुछ देखकर ये उम्मीद तो थी कि सोने-चांदी में आज तेज बिकवाली आ सकती है, लेकिन मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर आज कुछ ज्यादा ही खलबली दिखाई दे रही है.
अगर MCX के चार्ट पर देखें तो MCX गोल्ड सुबह 11:53 बजे शार्प गिरावट लेकर नीचे आ गया. डॉलर में मजबूती और गोल्ड-सिल्वर ETF में भी 3-4% की गिरावट को देखते हुए तेज बिकवाली दिख रही थी.
MCX पर दोपहर 12:40 अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट का गोल्ड 4,503 रुपये (-3%) की गिरावट के साथ 1,45,601 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था. कल ये 1,50,104 रुपये पर बंद हुआ था. इंट्राडे में 1,49,699 इसका हाई था. वहीं, गोल्ड 1,93,096 रुपये प्रति 10 ग्राम का लाइफटाइम हाई देख चुका है.
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इस दौरान MCX पर चांदी में तो और जोरदार गिरावट देखने को मिल रही थी. मई कॉन्ट्रैक्ट का सिल्वर 14,681 (-6.03%) की गिरावट के साथ 2,28,820 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर ट्रेड हो रहा था. इंट्राडे में चांदी 2,42,800 रुपये के हाई पर रही. पिछले सेशन में ये 2,43,501 रुपये के भाव पर बंद हुई थी. लाइफटाइम हाई की बात करें तो चांदी 4,39,337 के लेवल पर जा चुकी है.

दरअसल, ग्लोबल बाजारों को कल तक युद्ध खत्म होने की उम्मीद थी, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अपनी स्पीच में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वे ईरान के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे और हमले और तेज कर दिए जाएंगे. ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वे ईरान के तेल ठिकानों और पावर प्लांट्स को निशाना बनाएंगे. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका को मिडिल ईस्ट के तेल की जरूरत नहीं है.
ट्रंप के बयान के बाद चांदी में भारी गिरावट देखी गई. घरेलू बाजार में इसमें ₹15,000 से ₹16,000 की भारी गिरावट आई है. Axis Securities के देवय गगलानी ने कहा कि सिल्वर अगर इंट्राडे में 2,30,000 के आसपास आ जाए, तो बेचकर चलना चाहिए. नीचे में टारगेट 2,28,000 का रखना चाहिए.
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ग्लोबल मार्केट में सोना $100 से $190 तक टूटा है (करीब 4% की गिरावट). हालांकि, भारतीय बाजार में रुपये की मजबूती ने सोने की गिरावट को काफी हद तक संभाल लिया है, वरना यहां भी 4-5% की गिरावट दिखती. आरबीआई के एक्शन के बाद रुपया करीब ₹1.5 मजबूत होकर ₹93.14 के स्तर पर पहुंचा है. देवय गगलानी ने कहा कि गोल्ड में $4,500 एक मजबूत सपोर्ट जोन है. शॉर्ट टर्म में गिरावट संभव है, लेकिन लंबी अवधि के लिए गोल्ड में गिरावट पर खरीदारी का अच्छा मौका हो सकता है.
देखिए, आमतौर पर यही धारणा रही है कि दुनिया में जब भी कोई संकट आता है, तो सबसे ज्यादा तेजी सोने के दामों में ही दिखती है, क्योंकि निवेशक उस वक्त सुरक्षित निवेश की ओर रुख करते हैं, लेकिन ईरान-अमेरिका युद्ध के इस वक्त में हम ये ट्रेंड उलटा पड़ता हुआ देख रहे हैं. जब भी युद्ध को लेकर चिंताजनक खबरें आ रही हैं, सोने-चांदी में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है. इस बार ऐसा क्यों हो रहा है? दरअसल, युद्ध कितना लंबा चलेगा, ट्रंप ईरान में चाहते क्या हैं, क्या लेकर युद्ध खत्म होने की घोषणा करेंगे? ये सारे सवालों के जवाब नहीं मिल रहे हैं.
युद्ध लंबा चलने की आशंका में महंगाई की चिंता सता रही है. क्रूड, एलपीजी जैसे प्रॉडक्ट पहले ही महंगे हो रहे हैं. जब महंगाई बढ़ती है, तो इससे सेंट्रल बैंकों को नीतिगत ब्याज दरों को हाई रखना पड़ता है, इससे डॉलर में मजबूती आती है, जोकि सोने पर रिवर्स इफेक्ट डालता है. ऐसे में डॉलर की मजबूती को देखकर भी सोना गिर रहा है.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 सोने-चांदी की कीमतों में अचानक गिरावट क्यों आई?
डोनाल्ड ट्रंप के कड़े बयान और युद्ध बढ़ने की आशंका से डॉलर मजबूत हुआ, जिससे सोना-चांदी में बिकवाली बढ़ गई.
Q2 MCX पर गोल्ड और सिल्वर कितना गिरे?
MCX गोल्ड करीब 3% गिरकर ₹1.45 लाख के आसपास आ गया, जबकि सिल्वर में 6% तक की तेज गिरावट देखी गई.
Q3 संकट के समय भी सोना क्यों गिर रहा है?
आमतौर पर संकट में सोना बढ़ता है, लेकिन इस बार महंगाई और मजबूत डॉलर की वजह से सोने पर दबाव बना हुआ है.
Q4 डॉलर मजबूत होने से सोने पर क्या असर पड़ता है?
डॉलर मजबूत होने पर सोना महंगा लगता है, जिससे निवेशक कम खरीदते हैं और कीमतों में गिरावट आती है.
Q5 क्या अभी सोने-चांदी में निवेश करना सही है?
शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव रह सकता है, लेकिन लंबी अवधि के लिए गिरावट पर खरीदारी का मौका बन सकता है.