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Gold Price Rally: साल 2025 गोल्ड के लिए गोल्डन टाइम रहा है. इस साल अब तक सोने में 50% की तेजी आ चुकी है. डोमेस्टिक बाजार में MCX पर सोना 1 लाख 20 हजार रुपए के पार पहुंच चुका है जबकि कॉमेक्स पर गोल्ड ने 4000 डॉलर प्रति आउंस को पार कर लिया है. आइए जानने की कोशिश करते हैं कि गोल्ड में इस सुपर रैली के पीछे प्रमुख कारण क्या हैं. क्या यह ग्लोबल इकोनॉमी और इक्विटी बबल को लेकर किसी खतरे की तरफ इशारा तो नहीं कर रहा है?
7 अक्टूबर को MCX पर दिसंबर डिलिवरी वाला गोल्ड 120900 रुपए प्रति दस ग्राम के भाव तक पहुंच गया जबकि दिसंबर डिलिवरी वाली सिल्वर का रेट 147800 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है. आइए जानते हैं कि गोल्ड में सुपर रैली का क्य मतलब है.
टाटा म्यूचुअल फंड ने अपने नोट में कहा कि जब-जब दुनिया में खतरा बढ़ता है तब-तब गोल्ड की डिमांड बढ़ जाती है. 2008 के फाइनेंशियल क्राइसिस के समय जनवरी 2008 से अगस्त 2011 के बीच सोने की कीमत में 100% का उछाल दर्ज किया गया था. उसके बाद 2020 में कोविड के बाद जनवरी-अगस्त के बीच गोल्ड का भाव 53% बढ़ा था और इसने 2011 के हाई को पार किया था. 2025 में एकबार फिर से सोने में जबरदस्त एक्शन है और यह इस साल अब तक 50% बढ़ चुका है.
फंड हाउस का मानना है कि शॉर्ट टर्म में इंटरनेशनल मार्केट में गोल्ड का भाव 3500-4000 डॉलर प्रति आउंस की रेंज में कंसोलिडेट करेगा. अमेरिकी टैरिफ, जियो पॉलिटिकल सिचुएशन और एलिवेटेड अमेरिकी ग्रोथ को लेकर चिंता दिख रही है. ऐसे में लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स गोल्ड में स्ट्रैटिजिक एलोकेशन कर सकते हैं. यह इंफ्लेशन के खिलाफ हेजिंग, जियो पॉलिटिकल अनसर्टेनिटी और करेंसी डेप्रिसिएशन को सपोर्ट करने में मदद करेगा. नतीजन, अगर गोल्ड में किसी कारण गिरावट आती है तो निचले स्तर पर एक्यूमुलेशन देखा जा सकता है जिससे प्राइस को सपोर्ट मिलेगा. फंड हाउस ने निवेशकों को 50:50 अनुपात में गोल्ड और सिल्वर में खरीदारी की सलाह दी है.
1. सेंट्रल बैंक की तरफ से खरीदारी: दुनियाभर के सेंट्रल बैंकों की तरफ से गोल्ड की जबरदस्त खरीदारी की जा रही है. पिछले 10 सालों में इन्होंने गोल्ड रिजर्व को डबल कर दिया है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले तीन सालों से दुनियाभर के सेंट्रल बैंकों ने करीब 1000 टन गोल्ड की खरीदारी की है जो पिछले एक दशक से करीब 400-500 टन हुआ करता था.
2. फेडरल रिजर्व की तरफ से रेट कट: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरफ से पिछले कुछ समय से रेट कट किया जा रहा है. गोल्ड प्राइस के लिए यह टेलविंड माना जाता है. अमेरिकी जॉब मार्केट डेटा उतना मजबूत नहीं है. ट्रंप की तरफ से रेट कट का अत्यधिक दबाव है. ऐसे में फेडरल रिजर्व आगे भी रेट कर का ऐलान कर सकता है जिससे गोल्ड प्राइसिंग को सपोर्ट मिलेगा.
3. ग्लोबल अनसर्टेनिटी: दुनियाभर में अनसर्टेनिटी का माहौल है. पहला कई देशों के बीच युद्ध हुआ है और जारी है. जैसे रसिया-यूक्रेन के बीच युद्ध, इजरायल का मिडिल ईस्ट से टेंशन, भारत-पाकिस्तान के बीच टेंशन. इसके अलावा ट्रंप ने दुनियाभर के देशों पर टैरिफ का ऐलान किया है. इसके कारण ट्रेड अनसर्टेनिटी पैदा हो गई है. नतीजन, गोल्ड की डिमांड सेफ हेवन के तौर पर बढ़ रही है.
4. इन्वेस्टमेंट के तौर पर गोल्ड की डिमांड: गोल्ड की डिमांड इन्वेस्टमेंट को लेकर भी तगड़ा है. कीमत में तेजी कारण ज्वैलरी के तौर पर डोमेस्टिक डिमांड में कमजोर जरूर देखी जा रही है. लेकिन इन्वेस्टिंग के लिहाज से गोल्ड ETF और डिजिटल गोल्ड की जबरदस्त डिमांड है.
5. इंडियन रुपए का डेप्रिसिएशन: भारत 86% गोल्ड का इंपोर्ट करता है. हाई ड्यूटी के बावजूद यह इंपोर्ट जारी है. ऐसे में जब डॉलर के मुकाबले रुपए में गिरावट आती है तो गोल्ड का आयात महंगा हो जाता है. ऐसे में डेप्रिसिएटिंग करेंसी में गोल्ड की डिमांड बढ़ जाती है.
गोल्डमैन सैश ने भी गोल्ड को लेकर जारी अपनी रिपोर्ट में कहा कि 2026 मिड के लिए गोल्ड का टारगेट 4000 डॉलर प्रति आउंस और 2026 के अंत तक 4300 डॉलर प्रति आउंस का रखा था. ऐनालिस्ट ने इसे हाई कन्विक्शन लॉन्ग कमोडिटी के तौर पर पिक किया है. सेंट्रल बैंकों की तरफ से लगातार खरीदारी के कारण कीमत को सपोर्ट मिल रहा है.
Q1. Gold का ताजा भाव क्या है?
डोमेस्टिक मार्केट में MCX पर गोल्ड का भाव 1.21 लाख के करीब पहुंच गया है जबकि इंटरनेशनल मार्केट में 4000 डॉलर प्रति आउंस के पार पहुंच गई है.
Q2. Gold में तेजी का क्या कारण है?
सेंट्रल बैंकों की तरफ से खरीदारी, जियो पॉलिटिकल अनसर्टेनिटी और ट्रंप का टैरिफ ऐलान ट्रेड अनसर्टेनिटी पैदा करता है.
Q3. Gold ने इस साल कितना रिटर्न दिया है?
2025 में अब तक सोना ने 50% से अधिक रिटर्न दिया है.
Q4. Gold में निवेश करना चाहिए या नहीं?
टाटा म्यूचुअल फंड ने कहा कि 3500-4000 डॉलर की रेंज में गोल्ड एक्यूमुलेट कर सकता है. शॉर्ट टर्म में करेक्शन आने पर बायर्स फिर हावी हो सकते हैं.
Q5. Gold का आउटलुक क्या है?
गोल्डमैन सैश ने इसे फेवरेट लॉन्ग कमोडिटी पिक किया है और 2026 के अंत तक 4300 डॉलर प्रति आउंस का टारगेट दिया है.
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