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US SEC Summons Gautam Adani.
Adani Group Stocks: अडानी एंड अडानी ग्रुप कंपनियों को लेकर इस समय कुछ भी अच्छा नहीं चल रहा है. पिछले हफ्ते एक अमेरिकी कोर्ट ने गौतम अडानी पर रिश्वत देने का आरोप लगाया था. अब अमेरिकी मार्केट रेग्युलेटर SEC यानी सिक्योरिटीड एंड एक्सचेंज कमीशन ने गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी समेत 7 लोगों को समन भेजा है. इन लोगों को अगले 21 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है. 21 दिन में जवाब न देने पर कोर्ट अपना फैसला सुना देगी. इसके अलावा S&P ने आउटलुक को निगेटिव कर दिया है.
इधर S&P Global Ratings ने अडानी ग्रुप की कंपनियों को लेकर आउटलुक को पॉजिटिव से नेगेटिव कर दिया है. रेटिंग एजेंसी ने Adani Ports, Adani Green समेत तीन अडानी ग्रुप कंपनियों के लिए आउटलुक को निगेटिव किया है. इसका कहना है कि ग्रुप के कैशफ्लो और गवर्नेंस को लेकर बड़ी गंभीर समस्या है. हालांकि, रेटिंग एजेंसी ने रेटिंग को “BBB-“ पर बरकरार रखा है.
इस बीच अडानी ग्रुप को लेकर हिंडनबर्ग रिपोर्ट मामले को लेकर याचिकाकर्ता विशाल तिवारी ने सुप्रीम कोर्ट में नई अर्जी दाखिल की है. याचिकाकर्ता ने अर्जी में भारतीय एजेंसी को भी जांच करने की मांग की है. इसमें कहा गया कि अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस द्वारा गौतम अडानी के खिलाफ शुरू की गई कोर्ट कार्रवाई के मामले में भारत की जांच एजेंसियां को भी अपने स्तर से जांच करनी चाहिए. याचिका में यह भी कहा गया है कि जिस तरह के आरोप अडानी ग्रुप और उनके सहयोगियों के खिलाफ लगे हैं, वे काफी गंभीर हैं. इन आरोपों की जांच देशहित में जरूरी है.
इन तमाम आरोपों के बीच अडानी ग्रुप ने भी सफाई जारी की है. इस सफाई में कहा गया कि मामला सिर्फ अडानी ग्रीन के एक कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा हुआ है. यह कॉन्ट्रैक्ट अडानी ग्रीन के कुल बिजनेस का सिर्फ 10% है. ग्रुप की 11 कंपनियां शेयर बाजार में लिस्ट हैं. इस मामले का ग्रुप की अन्य किसी कंपनी से लेना-देना नहीं है.
पिछले हफ्ते एक और खबर आई थी कि विवादों के बीच केन्या ने अडानी ग्रुप के साथ 2.5 बिलियन डॉलर की डील कैंसिल करने का फैसला किया है. इस मामले पर भी अडानी ग्रुप ने सफाई जारी की है. कंपनी ने कहा कि, उसने केन्या में एयरपोर्ट से जुड़ा कोई कॉन्ट्रैक्ट नहीं किया था. बता दें कि खबर आई थी कि केन्या के मेन एयरपोर्ट को ऑपरेट करने का अधिकार अडानी ग्रुप को मिला था. ग्रुप ने यह भी कहा कि यह प्रोजेक्ट SEBI के डिस्क्लोजर रूल्स के अंतर्गत नहीं आता है, इसलिए कैंसिलेशन को लेकर जानकारी भी नहीं दी गई है.