आज बाजार में तूफानी तेजी क्यों? जानिए बाजार में निवेशकों के जोश के पीछे की असली कहानी

Stock Market Rally: खास बात ये रही कि बाजार में तेजी सिर्फ शॉर्ट कवरिंग की वजह से नहीं, बल्कि कई बड़े पॉजिटिव ट्रिगर्स के चलते आई. निवेशकों को लगने लगा है कि सरकार और RBI रुपये को संभालने और विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए बड़े कदम उठा सकते हैं. साथ ही अमेरिका-चीन बातचीत से भी बाजार का मूड सुधरा.
आज बाजार में तूफानी तेजी क्यों? जानिए बाजार में निवेशकों के जोश के पीछे की असली कहानी

बाजार में आई आज जोरदार रिकवरी. (फोटो: Zee Business)

Stock Market Rally: लगातार चार दिनों की भारी गिरावट और बाजार से लाखों करोड़ रुपये की वैल्यू साफ होने के बाद गुरुवार को शेयर बाजार में जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली. सेंसेक्स करीब 1000 अंक उछल गया, जबकि निफ्टी फिर से 23,700 के ऊपर निकल गया.

खास बात ये रही कि बाजार में तेजी सिर्फ शॉर्ट कवरिंग की वजह से नहीं, बल्कि कई बड़े पॉजिटिव ट्रिगर्स के चलते आई. निवेशकों को लगने लगा है कि सरकार और RBI रुपये को संभालने और विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए बड़े कदम उठा सकते हैं. साथ ही अमेरिका-चीन बातचीत से भी बाजार का मूड सुधरा.

इंट्राडे में सेंसेक्स 1,038 अंक चढ़कर 75,647 के स्तर पर पहुंचा था, जबकि निफ्टी 347 अंक की तेजी के साथ 23,759 पर पहुंच गया. हालांकि बाजार में पूरी तरह मजबूती नहीं रही और लगभग बराबर शेयरों में गिरावट भी देखने को मिली, लेकिन बड़े इंडेक्स स्टॉक्स में खरीदारी ने बाजार को मजबूत सहारा दिया.

बाजार में तूफानी तेजी क्यों?

- बाजार को उम्मीद है कि सरकार कुछ और कदम उठाएगी
- जिससे रुपया मजबूत हो और डॉलर बाहर जाना कम हो जाए
- आमतौर पर बड़े रिफॉर्म्स और बड़े कदम मुश्किल समय में ही आते हैं
- ऐसे में लोगों का अलग-अलग अनुमान है
- रुपए को मजबूत करने के लिए फॉरेक्स से जुड़े उपाय आ सकते हैं
- हो सकता है LRS की $2.5 लाख की लिमिट कम हो जाए
- FIIs की बिकवाली रोकने के लिए STT या कैपिटल गेन टैक्स में कटौती हो
- भारत में विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए कदम उठाए जाएं
- विदेश यात्राओं पर और विदेशी सामान के इंपोर्ट पर टैक्स बढ़े
- साथ ही बाजार को अमेरिका-चीन की मीटिंग से भी पॉजिटिव डेवलपमेंट की उम्मीद

ब्लूमबर्ग की खबर का असर

- विदेशियों के बॉन्ड इन्वेस्टमेंट पर टैक्स घटा सकती है सरकार
- RBI ने फॉरेनर्स बॉन्ड इन्वेस्टमेंट पर टैक्स घटाने की सिफारिश की थी
- 2023 के बाद से फॉरेनर्स बॉन्ड इन्वेस्टमेंट पर 20% का टैक्स लगता है
- FPIs पर लग रहे 5% Concessional Rate 2023 में हुआ खत्म

रुपए में भारी उतार-चढ़ाव क्यों?

- रुपए ने 95.96/$ पर बनाया नया Life Low
- रिकॉर्ड निचले स्तर से रुपया करीब 30 पैसे रिकवर हुआ
- ब्लूमबर्ग की खबर के बाद रुपए और बाजार में तेज रिकवरी
- इस साल अब तक 6.5% कमजोर, एशिया में सबसे कमजोर करेंसी
- युद्ध की शुरुआत से अब तक 4.7% फिसला

गिरावट के बाद वैल्यू बाइंग ने संभाला बाजार

पिछले चार कारोबारी सत्रों में बाजार करीब 4% तक टूट चुका था. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, पीएम मोदी की सोना न खरीदने, विदेश यात्रा न करने जैसी अपील और पश्चिम एशिया तनाव की वजह से निवेशकों में डर का माहौल बन गया था. लेकिन अब कई निवेशकों को गिर चुके शेयर आकर्षक वैल्यूएशन पर दिखने लगे. इसी वजह से बाजार में वैल्यू बाइंग लौटती दिखी.

बैंकिंग, आईटी और बड़े ब्लूचिप शेयरों में खरीदारी ने सेंसेक्स और निफ्टी को मजबूत सपोर्ट दिया. निवेशकों का मानना है कि मौजूदा गिरावट जरूरत से ज्यादा हो चुकी थी और अब बाजार में कुछ स्थिरता लौट सकती है.

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India VIX में गिरावट से सुधरा सेंटीमेंट

वॉलेटिलिटी इंडेक्स India VIX करीब 4% गिरकर 18.66 पर आ गया. आमतौर पर VIX में गिरावट का मतलब होता है कि बाजार में घबराहट कम हो रही है. इससे इक्विटी मार्केट में रिस्क लेने की क्षमता बढ़ती है और निवेशक दोबारा खरीदारी शुरू करते हैं.

ग्लोबल मार्केट से मिला मजबूत सपोर्ट

एशियाई बाजारों से भी मजबूत संकेत मिले. जापान का Nikkei इंडेक्स रिकॉर्ड हाई के करीब पहुंचा, जबकि दक्षिण कोरिया, हांगकांग और ताइवान के बाजार भी बढ़त में रहे. टेक शेयरों में मजबूती और मजबूत कॉर्पोरेट नतीजों ने ग्लोबल सेंटीमेंट को सपोर्ट दिया. अमेरिका और चीन के बीच चल रही बातचीत को लेकर भी उम्मीदें बनी हुई हैं. निवेशकों को लग रहा है कि दोनों देशों के बीच ट्रेड और जियोपॉलिटिकल तनाव कम करने को लेकर कोई पॉजिटिव संकेत आ सकता है. इसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखा.

रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर से संभला

गुरुवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 95.96/$ के रिकॉर्ड निचले स्तर तक फिसल गया था. हालांकि बाद में इसमें करीब 30 पैसे की रिकवरी देखने को मिली. बाजार में अचानक आई इस रिकवरी के पीछे ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट बड़ी वजह बनी. रिपोर्ट में कहा गया कि सरकार विदेशी निवेशकों के बॉन्ड निवेश पर लगने वाले टैक्स में कटौती पर विचार कर रही है. RBI ने भी सरकार को ऐसी सिफारिश दी थी. फिलहाल 2023 के बाद से विदेशी बॉन्ड निवेश पर करीब 20% टैक्स लगता है, जबकि पहले FPIs को 5% कंसेशनल का फायदा मिलता था. इस खबर के बाद निवेशकों को लगा कि सरकार विदेशी पूंजी आकर्षित करने और रुपये को मजबूत करने के लिए बड़े कदम उठा सकती है.

किन लेवल्स पर रहेगी नजर?

अनिल सिंघवी के मुताबिक, तकनीकी नजरिए से देखें तो निफ्टी के लिए 23,425-23,575 की रेंज मजबूत सपोर्ट मानी जा रही है. वहीं बैंक निफ्टी के लिए 53,200-53,550 का दायरा अहम सपोर्ट है. ऊपर की तरफ निफ्टी के लिए 23,800-23,950 और बैंक निफ्टी के लिए 54,550-54,875 की रेंज अहम होगी. अगर निफ्टी 23,600 और बैंक निफ्टी 54,100 के ऊपर क्लोजिंग देता है, तो बाजार को बड़ी राहत मानी जाएगी.

कौन से शेयर रहे सबसे ज्यादा चर्चा में?

आज बाजार में कई स्टॉक्स एक्शन में रहे. Kaynes Tech में कमजोर नतीजों के बाद भारी गिरावट देखने को मिली. वहीं Bharti Airtel में खरीदारी का जोर रहा और शेयर करीब 5% तक दौड़ गया.

BSE का शेयर पहली बार 4000 के ऊपर निकल गया और लाइफ हाई पर पहुंचा. Cipla में लगातार दूसरे दिन तेजी रही. Balaji Amines, NLC India और MTAR Tech जैसे शेयर भी अच्छे नतीजों और पॉजिटिव ट्रिगर्स के चलते फोकस में रहे.

HAL के नतीजे अनुमान के मुताबिक रहे, जबकि Vishal Mega Mart के कमजोर नतीजों के बावजूद शेयर में निचले स्तर से रिकवरी देखने को मिली.

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