ZEEL में लौटा 'जोश'! शेयर में आएगी 45% की तूफानी तेजी? 2-2 ब्रोकरेज हुए सुपर बुलिश

ZEEL Share Price: अब ZEE के लिए एक ऐसी खबर आई है, जिसने बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह बदल दिया है और ब्रोकरेज हाउसेस इसमें 45% तक की तेजी देख रहे हैं.
ZEEL में लौटा 'जोश'! शेयर में आएगी 45% की तूफानी तेजी? 2-2 ब्रोकरेज हुए सुपर बुलिश

ZEEL Share Price: एक वक्त था जब ज़ी एंटरटेनमेंट (ZEEL) के शेयर में निवेशकों को आगे का रास्ता साफ नहीं दिख रहा था. Sony के साथ मर्जर टूटना, कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर सवाल और गिरती परफॉर्मेंस ने स्टॉक को बुरी तरह तोड़ दिया था. लेकिन अब ZEE के लिए एक ऐसी खबर आई है, जिसने बाजार का सेंटिमेंट पूरी तरह बदल दिया है और ब्रोकरेज हाउसेस इसमें 45% तक की तेजी देख रहे हैं. यह बड़ी खबर है- कंपनी के प्रमोटर्स का खुद कंपनी में एक बड़ा निवेश करने का फैसला. इस बीच ZEEL Share Price 147 रुपये के भाव पर ट्रेड कर रहा था. इसमें 19 जून के बाद से 15% की तेजी आ चुकी है.

सबसे बड़ी खबर: प्रमोटर्स खुद लगा रहे हैं ₹2240 करोड़!

कंपनी के प्रमोटर्स ने वारंट के जरिए कंपनी में करीब 2240 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश करने का ऐलान किया है. आसान भाषा में समझें तो, प्रमोटर्स कंपनी में नई पूंजी डाल रहे हैं, जिसके बदले उन्हें कंपनी के नए शेयर मिलेंगे. इस कदम के बाद कंपनी में प्रमोटर्स की हिस्सेदारी मौजूदा ~4% से बढ़कर 18.3% हो जाएगी.

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यह सिर्फ एक वित्तीय लेनदेन नहीं है, बल्कि एक बहुत बड़ा संकेत है. जब कंपनी का मालिक खुद अपनी जेब से हजारों करोड़ रुपये लगाकर कंपनी में अपनी हिस्सेदारी चार गुना से भी ज्यादा बढ़ा रहा हो, तो यह बाजार को एक सीधा संदेश देता है - "हमें अपनी कंपनी के भविष्य पर पूरा भरोसा है."

क्यों है यह एक गेम-चेंजर? 5 पॉइंट्स में समझें पूरी कहानी

प्रमोटर्स का यह कदम सिर्फ भरोसे का संकेत नहीं है, बल्कि यह कंपनी की पूरी दशा और दिशा बदलने की क्षमता रखता है. ब्रोकरेज रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके 5 बड़े सकारात्मक असर होंगे:

1. भरोसे की वापसी (Return of Confidence): जैसा कि JM Financial ने कहा, प्रमोटर्स का प्रीमियम पर पैसा लगाना एक बहुत अच्छा संकेत है. यह दिखाता है कि उन्हें कंपनी की मौजूदा कीमत कम लगती है और भविष्य में ग्रोथ की अपार संभावनाएं दिख रही हैं. इससे छोटे यानी माइनॉरिटी शेयरधारकों का भरोसा लौटता है.

2. ZEE5 बनेगा ग्रोथ का असली इंजन: कंपनी का OTT प्लेटफॉर्म ZEE5 अब तक पैसा खर्च कर रहा था. लेकिन अब मैनेजमेंट का लक्ष्य वित्त वर्ष 2026 तक इसे मुनाफे में लाना (EBITDA Break-even) है. ZEE5 के नए 'बुलेट' प्लेटफॉर्म और ग्रुप के मजबूत रीजनल टीवी नेटवर्क के कंटेंट से इसे जबरदस्त फायदा मिलने की उम्मीद है.

3. TV बिजनेस में फिर से दबदबा: कंपनी ने अपने टीवी बिजनेस के लिए भी आक्रामक लक्ष्य रखे हैं.
व्यूअरशिप: टीवी देखने वालों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 17.5% करना.
विज्ञापन से कमाई: विज्ञापन से होने वाली आय में 8-10% की ग्रोथ हासिल करना.
मुनाफा: वित्त वर्ष 2026 तक 18-20% का EBITDA मार्जिन हासिल करना.

4. पैसे का होगा सही इस्तेमाल: प्रभुदास लीलाधर की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ₹2240 करोड़ की पूंजी का इस्तेमाल एक सोची-समझी रणनीति के तहत किया जाएगा:
₹1000 करोड़: नए बिजनेस को खड़ा करने और बढ़ाने के लिए.
₹710 करोड़: दूसरी कंपनियों के अधिग्रहण (Inorganic Expansion) के लिए.
बाकी रकम: कंपनी के दूसरे जरूरी कामों के लिए.

5. छोटे निवेशकों के हित में फैसला: जब प्रमोटर्स की हिस्सेदारी बढ़ती है, तो उनके हित कंपनी की सफलता के साथ और मजबूती से जुड़ जाते हैं. इसका सीधा फायदा छोटे निवेशकों को मिलता है, क्योंकि अब प्रमोटर्स कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए पहले से ज्यादा प्रेरित होंगे.

ब्रोकरेज हाउस ने बढ़ाया भरोसा, दिए नए टारगेट

ZEEL Brokerage Chart

तो अब निवेशकों को क्या करना चाहिए?

ZEE एंटरटेनमेंट एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां से एक बड़े बदलाव की कहानी शुरू हो सकती है. प्रमोटर्स का निवेश उस भरोसे की कमी को दूर करता है, जो पिछले कुछ समय से कंपनी पर हावी थी. कंपनी के पास अब ग्रोथ के लिए एक स्पष्ट रोडमैप, जरूरी पूंजी और प्रमोटर्स का मजबूत समर्थन है. ZEE5 को मुनाफे में लाने और टीवी बिजनेस को फिर से खड़ा करने के लक्ष्य बहुत महत्वाकांक्षी और सकारात्मक हैं.

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