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Wipro के शेयर में नतीजों के बाद आई गिरावट. (Image: AI-generated)
Wipro Share Price: आईटी दिग्गज Wipro के Q4FY26 नतीजे आने के बाद शेयर में करीब 2.5% की गिरावट देखने को मिली और ये ₹204 के आसपास ट्रेड कर रहा था. पहली नजर में नतीजे अनुमान के मुताबिक ही रहे, लेकिन कमजोर गाइडेंस और डील्स की सुस्ती ने निवेशकों का मूड बिगाड़ दिया. हालांकि, ₹15,000 करोड़ का बायबैक शेयर के लिए सपोर्ट बन सकता है. अब सवाल है कि निवेशकों को इस शेयर में क्या करना चाहिए.
Wipro के नतीजों में तस्वीर मिली-जुली रही. रेवेन्यू और प्रॉफिट अनुमान के आसपास रहे, लेकिन मार्जिन उम्मीद से बेहतर निकले.
| पैरामीटर | Q4FY26 | QoQ बदलाव | अनुमान के मुकाबले |
| रेवेन्यू ($) | $265.1 करोड़ | +0.6% | थोड़ा कम |
| रेवेन्यू (₹) | ₹24,236 करोड़ | +2.9% | इन-लाइन |
| EBIT | ₹4,181 करोड़ | 19.7% | बेहतर |
| EBIT मार्जिन | 17.30% | +243 bps | बेहतर |
| PAT | ₹3,522 करोड़ | +12% | इन-लाइन |
| TCV (डील्स) | $3.5Bn | -13% YoY | कमजोर |
| Large Deals | $1.4Bn | -18.5% YoY | मिला-जुला |
कंपनी ने Q1FY27 के लिए रेवेन्यू गाइडेंस -2% से 0% (constant currency) दी है. इसका मतलब है कि ग्रोथ फिलहाल सुस्त रह सकती है. क्लाइंट्स खर्च में सावधानी बरत रहे हैं और डील्स की रफ्तार धीमी है. यही वजह है कि बाजार ने नतीजों पर निगेटिव रिएक्शन दिया.
कंपनी ने ₹250 प्रति शेयर के भाव पर ₹15,000 करोड़ के बायबैक का ऐलान किया है, जोकि मौजूदा कीमत से करीब 15-20% प्रीमियम पर है, जो शॉर्ट टर्म में शेयर को गिरने से बचा सकता है.
| बायबैक डिटेल | जानकारी |
| कुल राशि | ₹15,000 करोड़ |
| बायबैक प्राइस | ₹250 प्रति शेयर |
| इक्विटी हिस्सा | 5.70% |
| तरीका | टेंडर ऑफर |
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यानी कंपनी ने लागत और कर्मचारियों पर कंट्रोल रखा है, जिससे मार्जिन मजबूत रहे.
नतीजों के बाद ज्यादातर ब्रोकरेज हाउस सतर्क नजर आए हैं. 5 ब्रोकरेज कंपनियों ने निगेटिव या सावधानी भरा रुख रखा है.
इनका मानना है कि ग्रोथ विजिबिलिटी कमजोर है. क्लाइंट डिमांड धीमी है. IT सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बढ़ी है.
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4 ब्रोकरेज हैं, जोकि Wipro के शेयर पर न्यूट्रल या पॉजिटिव रेटिंग रख रहे हैं.
इनका कहना है कि कंपनी का मार्जिन मजबूत हैं. बायबैक सपोर्ट देगा. ऐसे में लॉन्ग टर्म में रिकवरी संभव है.
यहां निवेशकों को संतुलित नजरिया रखना जरूरी है.
शॉर्ट टर्म के लिए कमजोर गाइडेंस से दबाव संभव है, बायबैक से गिरावट में सहारा मिल सकता है. वहीं,
लॉन्ग टर्म में ग्रोथ अभी चुनौतीपूर्ण है. लेकिन कैश फ्लो और मार्जिन मजबूत है. अगर आप ट्रेडर हैं, तो वोलैटिलिटी का फायदा मिल सकता है. अगर आप निवेशक हैं, तो जल्दबाजी से बचें और धीरे-धीरे एंट्री पर विचार करें.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 Wipro का Q4 रिजल्ट कैसा रहा?
नतीजे कुल मिलाकर अनुमान के मुताबिक रहे, लेकिन गाइडेंस कमजोर रही.
Q2 शेयर क्यों गिरा?
कमजोर गाइडेंस और डील्स की सुस्ती के कारण निवेशकों ने मुनाफावसूली की.
Q3 बायबैक से क्या फायदा होगा?
बायबैक से शेयर को शॉर्ट टर्म सपोर्ट मिल सकता है और निवेशकों को रिटर्न मिलता है.
Q4 क्या IT सेक्टर में अभी कमजोरी है?
हाँ, क्लाइंट खर्च में कमी और ग्लोबल अनिश्चितता के कारण ग्रोथ धीमी है.
Q5 क्या यह शेयर अभी खरीदना चाहिए?
शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी रह सकती है. लॉन्ग टर्म निवेशक धीरे-धीरे निवेश पर विचार कर सकते हैं.