कमज़ोर होता रुपया कैसे बन रहा भारतीय IT शेयरों का सहारा? गिरते मार्केट में उम्मीद की नई किरण, समझिए पूरा गणित

शुक्रवार को रिकॉर्ड लो पर पहुंचे रुपये ने IT शेयरों को सहारा दिया. गिरते बाजार और विदेशी फंड आउटफ्लो के बीच Nifty IT में उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन कमजोर रुपया IT कंपनियों के लिए कमाई और मार्जिन के लिहाज से पॉजिटिव संकेत देता नजर आया.
कमज़ोर होता रुपया कैसे बन रहा भारतीय IT शेयरों का सहारा? गिरते मार्केट में उम्मीद की नई किरण, समझिए पूरा गणित

शेयर बाजार में शुक्रवार, 12 दिसंबर को माहौल थोड़ा दबाव वाला रहा, लेकिन इसी बीच IT सेक्टर ऐसा रहा जिसने निवेशकों को थोड़ी राहत की सांस दी. वजह साफ थी, रुपये में आई बड़ी गिरावट. भारतीय रुपया शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले 90.56 के रिकॉर्ड लो तक फिसल गया. आम निवेशक के लिए यह चिंता की बात हो सकती है, लेकिन IT कंपनियों के लिए यही कमजोरी एक तरह से सहारा बनकर सामने आई.

दिनभर कैसा रहा IT शेयरों का हाल?

दिनभर IT शेयरों में तेज़ उतार-चढ़ाव देखने को मिला. कभी तेजी, कभी मुनाफावसूली. दोपहर बाद के सेशन में Nifty IT करीब 0.18% की बढ़त के साथ 38,166 के आसपास ट्रेड करता दिखा. इंडेक्स ने दिन की शुरुआत 38,203.85 पर की थी और थोड़ी देर में ही यह 38,212.75 के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया. हालांकि बाद में दबाव आया और इंडेक्स 37,901.75 के लो लेवल तक भी फिसला. यानी पूरा दिन अनिश्चितता के माहौल में बीता.

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किन शेयरों में रही तेजी?

अगर स्टॉक्स की बात करें तो Tata Consultancy Services (TCS) लगभग 0.68% की बढ़त के साथ इंडेक्स का सबसे मजबूत शेयर रहा. Persistent Systems में भी करीब 0.66% की तेजी दिखी. Tech Mahindra, Wipro और Mphasis में भी हल्की बढ़त देखने को मिली, जिसने इंडेक्स को संभालने का काम किया.

इन IT शेयरों में दिखी तेजी

वहीं दूसरी तरफ कुछ बड़े नाम दबाव में रहे. Oracle Financial Services Software करीब 0.57% टूटा. Infosys, Coforge, LTIMindtree और HCL Technologies में भी हल्की गिरावट देखने को मिली. इससे साफ दिखा कि निवेशक अभी IT सेक्टर में चुनिंदा खरीदारी कर रहे हैं, पूरी तरह जोखिम लेने के मूड में नहीं हैं.

इन आईटी शेयरों में दिखा मार्केट के गिरावट का दबाव

कमज़ोर रुपया IT कंपनियों के लिए क्यों बनता है ताकत?

अब सवाल यह है कि आखिर गिरता रुपया IT कंपनियों के लिए इतना फायदेमंद क्यों माना जाता है. इसका जवाब सीधा और आसान है. भारतीय IT कंपनियां अपनी कुल कमाई का करीब 60 से 75% हिस्सा डॉलर में कमाती हैं. जब डॉलर मजबूत होता है और रुपया कमजोर, तो वही डॉलर की कमाई रुपये में बदलने पर ज्यादा रकम बन जाती है.

दूसरी अहम बात यह है कि IT कंपनियों का ज्यादातर खर्च भारत में होता है, यानी रुपये में. सैलरी, ऑफिस खर्च, इंफ्रास्ट्रक्चर, सब कुछ रुपये में. ऐसे में जब कमाई डॉलर में बढ़ी हुई दिखती है और खर्च लगभग स्थिर रहता है, तो कंपनियों का प्रॉफिट मार्जिन अपने आप बेहतर हो जाता है. यही वजह है कि एनालिस्ट्स कमजोर रुपये को IT सेक्टर के लिए पॉजिटिव मानते हैं.

इसके अलावा कमजोर रुपया IT कंपनियों को एक और फायदा देता है. वे डॉलर के हिसाब से अपनी सर्विस की कीमत थोड़ी कम रख सकती हैं. इससे उन्हें नए क्लाइंट्स मिल सकते हैं और पुराने क्लाइंट्स से बड़े ऑर्डर आने की संभावना भी बढ़ जाती है. यानी लंबे समय में बिजनेस ग्रोथ को भी सपोर्ट मिलता है.

रुपया क्यों टूटा रिकॉर्ड लो तक?

फॉरेक्स मार्केट की बात करें तो शुक्रवार को रुपये पर दबाव साफ दिखा. फॉरेक्स ट्रेडर्स के मुताबिक, इंपोर्टर्स की तरफ से डॉलर की जोरदार खरीदारी देखने को मिली. इसके साथ ही इंटरनेशनल मार्केट में सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं की कीमतें बढ़ने से भी डॉलर की मांग बढ़ी.

इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में रुपया 90.43 पर खुला और कुछ ही देर में 90.56 तक फिसल गया, यानी पिछले क्लोजिंग लेवल से 24 पैसे की गिरावट. डॉलर इंडेक्स भी हल्की मजबूती के साथ 98.37 पर ट्रेड कर रहा था, जिसने रुपये पर और दबाव बनाया.

उधर ब्रेंट क्रूड की कीमतों में भी तेजी रही और यह करीब 61.69 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखा. क्रूड महंगा होने का असर भी रुपये पर पड़ता है, क्योंकि भारत को तेल के लिए ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ते हैं.

आगे कैसा रहने वाला है माहौल?

कुल मिलाकर देखा जाए तो कमजोर रुपया इस समय भारतीय IT कंपनियों के लिए एक मजबूत सपोर्ट बना हुआ है. हालांकि विदेशी फंड आउटफ्लो और ग्लोबल अनिश्चितता अभी भी बाजार पर दबाव बना सकती है. लेकिन अगर रुपया कमजोर बना रहता है, तो आने वाले क्वार्टर में IT कंपनियों के नतीजे बेहतर दिख सकते हैं. यही वजह है कि गिरते बाजार में भी IT शेयर निवेशकों के लिए उम्मीद की किरण बने हुए हैं.

खबर से जुड़े FAQs

1. कमजोर रुपया IT कंपनियों के लिए फायदेमंद क्यों होता है?

क्योंकि उनकी ज्यादातर कमाई डॉलर में होती है और रुपये में बदलने पर रेवेन्यू और प्रॉफिट मार्जिन बढ़ जाता है.

2. शुक्रवार को Nifty IT का क्या हाल रहा?

इंडेक्स दिनभर उतार-चढ़ाव में रहा और दोपहर बाद करीब 0.18% की बढ़त के साथ ट्रेड करता दिखा.

3. सबसे ज्यादा फायदा किस IT शेयर को हुआ?

TCS और Persistent Systems ने इंडेक्स में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया.

4. रुपया रिकॉर्ड लो पर क्यों पहुंचा?

इंपोर्टर्स की डॉलर खरीद, कीमती धातुओं की बढ़ती कीमतें और मजबूत डॉलर इंडेक्स इसकी बड़ी वजह रहे.

5. आगे IT सेक्टर के लिए क्या संकेत हैं?

अगर रुपया कमजोर बना रहता है तो आने वाले क्वार्टर में IT कंपनियों की कमाई बेहतर रह सकती है.

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