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Waaree Energies Share Price: भारत की सबसे बड़ी सोलर पैनल निर्माता कंपनी Waaree Energies के शेयर में शुक्रवार को जोरदार गिरावट देखी गई. स्टॉक इंट्राडे में लगभग 6% टूटकर ₹3,245.25 तक फिसल गया. गिरावट की वजह अमेरिकी अधिकारियों की ओर से कंपनी पर एंटी-डंपिंग और काउंटरवेलिंग ड्यूटी चकमा देने के आरोपों की जांच है.
जानकारी है कि अमेरिकी Customs and Border Protection (CBP) ने कहा कि वह यह जांच कर रहा है कि कहीं वारी एनर्जीज ने चीन और अन्य एशियाई देशों में बने सोलर सेल्स और पैनल को "Made in India" लेबल लगाकर अमेरिका में बेचा तो नहीं. अमेरिका ने चीन से आने वाले सोलर प्रोडक्ट्स पर पिछले 10 साल से टैरिफ लगाया हुआ है.
CBP ने कंपनी और American Alliance for Solar Manufacturing Trade Committee के वकीलों को भेजे एक मेमो में कहा कि उन्हें इस बात पर संकेत है कि ने कुछ प्रोडक्ट्स को सही तरीके से लेबल नहीं किया और अमेरिकी ड्यूटी से बचने की कोशिश की.
पिछले दो साल में अमेरिका का भारत से सोलर पैनल इंपोर्ट तेज़ी से बढ़ा है. इसकी बड़ी वजह यह है कि अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने चीन और कई अन्य एशियाई देशों से आने वाले प्रोडक्ट्स पर कड़े टैरिफ लगाए हैं. ऐसे में भारत से सोलर मॉड्यूल और पैनल का निर्यात बढ़ा. अब जांच शुरू होने से Waaree Energies की US बिजनेस ग्रोथ पर असर पड़ सकता है.
Waaree Energies भारत की प्रमुख सोलर एनर्जी कंपनियों में से एक है. इसका फोकस PV मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग पर है. कंपनी की 5 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज गुजरात (सूरत, टुंब, नंदिग्राम, चिकली) और उत्तर प्रदेश (नोएडा) में स्थित हैं. कुल 15 GW PV मॉड्यूल और 5.4 GW सोलर सेल्स की इंस्टॉल्ड क्षमता है. कंपनी का हेडक्वार्टर मुंबई में है.
Waaree Energies का IPO पिछले साल आया था और इसे 76.34 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था. लिस्टिंग के बाद से कंपनी का स्टॉक तेज़ी में रहा है. पिछले 6 महीनों में स्टॉक 34% ऊपर है. YTD आधार पर 14% की तेजी रही है, लेकिन बीते 2 हफ्तों में करीब 10% गिरावट देखने को मिली है
फिलहाल अमेरिकी एजेंसी की जांच शुरुआती स्तर पर है. अगर जांच में आरोप साबित होते हैं तो Waaree Energies पर कड़े टैरिफ, पेनाल्टी या प्रतिबंध लग सकते हैं, जिससे कंपनी के निर्यात और सेंटिमेंट पर दबाव बढ़ेगा.