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क्या बदलने वाली है वेदांता के निवेशकों की किस्मत? (Image Source- AI)
शेयर बाजार के गलियारों में इस समय वेदांता लिमिटेड की खूब चर्चा हो रही है. वजह बड़ी दिलचस्प है. एक तरफ कंपनी अपने निवेशकों की जेब भरने की तैयारी कर रही है, तो दूसरी तरफ ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस CLSA ने इसके शेयरों को लेकर एक ऐसी रिपोर्ट जारी की है, जिसने निवेशकों का जोश बढ़ा दिया है. अगर आप भी स्टॉक मार्केट में दिलचस्पी रखते हैं, तो वेदांता से जुड़ी ये हलचल आपके लिए समझना बहुत जरूरी है.
अनिल अग्रवाल की अगुआई वाली वेदांता लिमिटेड ने हाल ही में एक बड़ी जानकारी साझा की है. कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग सोमवार, 23 मार्च 2026 को होने वाली है. इस बैठक का मुख्य एजेंडा वित्त वर्ष 2025-26 के लिए तीसरे अंतरिम डिविडेंड (Third Interim Dividend) पर विचार करना और उसे मंजूरी देना है.
आपको बता दें कि वेदांता का रिकॉर्ड हमेशा से ही अपने शेयरहोल्डर्स को मालामाल करने का रहा है. पिछले साल भी कंपनी ने कुल 43.50 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से चार बार डिविडेंड दिया था. अब इस साल की तीसरी बारी है, जिस पर सबकी नजरें टिकी हैं.
इस बीच, ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म CLSA ने वेदांता के शेयरों पर अपनी 'Accumulate' रेटिंग बरकरार रखी है. मौजूदा भाव 674 रुपये के आसपास है, लेकिन CLSA का मानना है कि इसमें अभी और दम बाकी है. ब्रोकरेज ने इसका टारगेट प्राइस 835 रुपये तय किया है.
CLSA की इस तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह कंपनी का डीमर्जर प्लान है. वेदांता खुद को पांच अलग-अलग कंपनियों में बांटने की प्रक्रिया के अंतिम चरणों में है. ब्रोकरेज का कहना है कि जैसे-जैसे ये बंटवारा हकीकत बनेगा, हर इकाई की अपनी एक अलग वैल्यू निकलकर सामने आएगी.
CLSA ने अपनी रिपोर्ट में डीमर्जर के बाद बनने वाली अलग-अलग कंपनियों की संभावित वैल्यू का भी अनुमान लगाया है. रिपोर्ट के अनुसार-
जिंक और बेस मेटल्स: डीमर्जर के तुरंत बाद लिस्ट होने वाली इस स्टैंडअलोन एंटिटी की वैल्यू करीब 379 रुपये प्रति शेयर हो सकती है.
एल्युमीनियम इकाई: यह यूनिट बाकी कंपनियों के साथ बाद में लिस्ट होगी और इसकी वैल्यू करीब 425 रुपये प्रति शेयर आंकी गई है.
जानकारों का मानना है कि ऑपरेशनल तौर पर भी कंपनी में काफी सुधार देखने को मिल रहे हैं, खासकर एल्युमीनियम और जिंक सेगमेंट में, जो आने वाले समय में ग्रोथ को रफ्तार दे सकते हैं.
अगर हम इस वित्त वर्ष की बात करें, तो वेदांता ने अब तक दो बार डिविडेंड का फायदा अपने निवेशकों को दिया है-
पहला अंतरिम डिविडेंड: 18 जून 2025 को बोर्ड ने 7 रुपये प्रति शेयर के डिविडेंड को मंजूरी दी थी, जिसमें कुल 2,737 करोड़ रुपये बांटे गए थे.
दूसरा अंतरिम डिविडेंड: 21 अगस्त 2025 को कंपनी ने 16 रुपये प्रति शेयर के बड़े डिविडेंड का ऐलान किया. इसकी कुल रकम 6,256 करोड़ रुपये थी और इसके लिए 27 अगस्त 2025 की रिकॉर्ड डेट तय की गई थी.
वेदांता लिमिटेड एक ऐसी कंपनी के रूप में उभरी है जो न सिर्फ अपने बिजनेस को फैलाने पर ध्यान दे रही है, बल्कि मुनाफे का एक बड़ा हिस्सा अपने निवेशकों के साथ बांटने में भी पीछे नहीं रहती. डीमर्जर की प्रक्रिया और लगातार मिलते डिविडेंड ने इसे मार्केट के रडार पर ला दिया है. अब 23 मार्च की मीटिंग में क्या फैसला आता है, इस पर बाजार की पैनी नजर रहेगी.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)