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Vedanta Share Price: अनिल अग्रवाल की कंपनी Vedanta के शेयरों में अचानक से गिरावट दिखाई दी. शेयर में अचानक से लगभग 4% की तेज गिरावट देखने को मिली. चार्ट पर शार्प गिरावट के साथ शेयर 455 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. इसका मुख्य कारण सरकार की ओर से National Company Law Tribunal (NCLT), मुंबई में दायर आपत्ति है. ग्रुप के डीमर्जर के मामले में सरकार ने आपत्ति जताई है.
दरअसल, वेदांता ग्रुप की योजना थी कि भारत में अपनी ऑपरेशंस को पांच अलग-अलग पब्लिकली लिस्टेड कंपनियों में विभाजित किया जाए. ये कंपनियां होंगी- Vedanta Aluminium, Vedanta Oil & Gas, Vedanta Power, Vedanta Iron & Steel और Vedanta Ltd (जिसमें Zinc और Silver व्यवसाय रहेंगे). लेकिन सरकार ने इस डिमर्जर स्कीम पर गंभीर आपत्ति जताई है.
सरकार ने आरोप लगाया कि यह डिमर्जर स्कीम सरकारी बकाया वसूली से बचने की चाल हो सकती है. यानी Vedanta इस स्कीम के जरिए अपने पुराने बकाए और देनदारियों से बचने की कोशिश कर सकता है. NCLT ने कहा है कि इस केस की अगली सुनवाई अब 8 अक्टूबर 2025 को होगी. इस बीच, शेयर प्रेशर में है और निवेशकों में चिंता की स्थिति बनी हुई है.
कुछ दिन पहले Vedanta की सब्सिडियरी Talwandi Sabo Power Ltd (TSPL) ने एक महत्वपूर्ण समझौता किया था. TSPL ने SEPCO Electric Power Construction Corporation के साथ EPC (Engineering, Procurement, Construction) विवाद को सेटल कर लिया. इस समझौते के तहत पुराने EPC contract से जुड़े सभी claims और counter-claims को पूरी तरह निपटाया जाएगा. आर्बिट्रेशन की प्रोसिडिंग्स पूरी तरह से वापस ली जाएंगी. इससे TSPL की ऑपरेशनल स्थिति और मजबूत होगी.