1 साल के हाई पर Varun Beverages का Stock, PepsiCo के साथ एग्रीमेंट 2049 तक बढ़ा; Jefferies ने कहा- अब भागेगा शेयर!

Varun Beverages Share Price: इस डील ने निवेशकों का भरोसा और मजबूत कर दिया है क्योंकि अब कंपनी के सामने सिर्फ सॉफ्ट ड्रिंक्स नहीं, बल्कि दूसरे कंज्यूमर बिजनेस में भी एंट्री के रास्ते खुल गए हैं. ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने भी इसके बाद स्टॉक पर अपना टारगेट प्राइस भी बढ़ाया है.
1 साल के हाई पर Varun Beverages का Stock, PepsiCo के साथ एग्रीमेंट 2049 तक बढ़ा; Jefferies ने कहा- अब भागेगा शेयर!

Varun Beverages ने PepsiCo के साथ EBA 2049 तक बढ़ाया. (तस्वीर: varunbeverages.com)

Varun Beverages Share Price: FMCG सेक्टर की दिग्गज बॉटलिंग कंपनी Varun Beverages के शेयर में शुक्रवार को बाजार खुलते ही 52-वीक हाई हिट हो गया. शेयर 2% से ज्यादा चढ़कर ₹538 के भाव पर ट्रेड कर रहा था. कंपनी ने PepsiCo के साथ रिवाइज्ड एग्रीमेंट साइन किया है, जिसके बाद इसके शेयरों में तेजी दिखाई दे रही है.

इस डील ने निवेशकों का भरोसा और मजबूत कर दिया है क्योंकि अब कंपनी के सामने सिर्फ सॉफ्ट ड्रिंक्स नहीं, बल्कि दूसरे कंज्यूमर बिजनेस में भी एंट्री के रास्ते खुल गए हैं. ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Jefferies ने भी इसके बाद स्टॉक पर अपना टारगेट प्राइस भी बढ़ाया है.

क्या है PepsiCo और Varun Beverages की नई डील?

Varun Beverages और PepsiCo ने Exclusive Bottling Appointment (EBA) और Trademark License Agreement को रिवाइज किया है. सबसे बड़ी बात यह है कि इस एग्रीमेंट की अवधि अब 2039 से बढ़ाकर 2049 तक कर दी गई है. यानी अगले 25 साल तक Varun Beverages को PepsiCo के साथ मजबूत बिजनेस विजिबिलिटी मिल गई है. मार्केट के लिए यह बड़ा पॉजिटिव माना जा रहा है क्योंकि लंबी अवधि का एग्रीमेंट कंपनी के भविष्य के रेवेन्यू और ग्रोथ को ज्यादा स्थिर बनाता है.

सबसे बड़ा बदलाव क्या हुआ?

अब तक Varun Beverages भारत में मुख्य रूप से PepsiCo की SPV यानी Special Purpose Vehicle की तरह काम करती थी. इसका मतलब था कि कंपनी की गतिविधियां काफी हद तक PepsiCo के ब्रांड्स तक सीमित थीं.

लेकिन नए एग्रीमेंट में इस पाबंदी को हटा दिया गया है. अब कंपनी के पास दूसरे कंज्यूमर कैटेगरीज में बिजनेस बढ़ाने की आजादी होगी. यानी Varun Beverages अब सिर्फ Pepsi, Mountain Dew, Sting या 7UP जैसे ब्रांड्स तक सीमित नहीं रहेगी. यह बदलाव इसलिए भी अहम है क्योंकि FMCG सेक्टर में डाइवर्सिफिकेशन यानी बिजनेस फैलाव को लंबी अवधि की ग्रोथ का बड़ा हथियार माना जाता है.

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क्यों खुश हैं निवेशक?

मार्केट को लग रहा है कि कंपनी अब अपने मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क, सप्लाई चेन और पैकेजिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल नए बिजनेस वर्टिकल्स में कर सकती है.

ब्रोकरेज का मानना है कि मौजूदा समय में ग्लोबल सप्लाई चेन और पैकेजिंग इंडस्ट्री में जो चुनौतियां चल रही हैं, उनके बीच इतनी फ्लेक्सिबिलिटी मिलना कंपनी के लिए बड़ा फायदा साबित हो सकता है. यही वजह है कि शेयर में तेज खरीदारी देखने को मिली.

Jefferies क्यों हुआ बुलिश?

ग्लोबल ब्रोकरेज Jefferies ने Varun Beverages पर BUY रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस बढ़ाकर 615 रुपये कर दिया है, जोकि मौजूदा भाव से 16% का अपसाइड दिखा रहा है.

ब्रोकरेज का मानना है कि:

  • PepsiCo के साथ लंबी अवधि का रिश्ता कंपनी की ग्रोथ विजिबिलिटी मजबूत करता है
  • Non-Pepsi कैटेगरीज़ में एंट्री से नए रेवेन्यू स्रोत खुल सकते हैं
  • कंपनी के पास मजबूत एक्जीक्यूशन कैपेबिलिटी और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क है
  • आने वाले वर्षों में FMCG और बेवरेज कंजम्प्शन ग्रोथ का फायदा मिलेगा

Varun Beverages और PepsiCo की साझेदारी कितनी मजबूत?

Varun Beverages, USA के बाहर PepsiCo की सबसे बड़ी बॉटलिंग पार्टनर मानी जाती है.

कंपनी की शुरुआत नॉर्थ इंडिया से हुई थी, लेकिन समय के साथ PepsiCo ने कई क्षेत्र Varun Beverages को ट्रांसफर किए थे. 2019 में South और West India के बॉटलिंग ऑपरेशंस भी कंपनी को सौंप दिए गए थे. इसके बाद Varun Beverages भारत में PepsiCo की सबसे अहम पार्टनर बनकर उभरी.

भारत के बाहर भी मजबूत मौजूदगी

Varun Beverages सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है. कंपनी के पास कई देशों में PepsiCo फ्रेंचाइज अधिकार हैं. इनमें नेपाल, श्रीलंका, मोरक्को, जाम्बिया, जिम्बाब्वे, साउथ अफ्रीका और Democratic Republic of Congo जैसे देश शामिल हैं. कंपनी अफ्रीका के कुछ हिस्सों में डिस्ट्रीब्यूशन भी संभालती है. यानी कंपनी धीरे-धीरे एक ग्लोबल बेवरेज बॉटलिंग और डिस्ट्रीब्यूशन प्लेयर बन चुकी है.

निवेशकों के लिए क्या मतलब?

Varun Beverages लंबे समय से FMCG और बेवरेज स्पेस का मजबूत ग्रोथ स्टॉक माना जाता रहा है. अब PepsiCo के साथ रिवाइज्ड एग्रीमेंट ने इसकी लॉन्ग टर्म विजिबिलिटी को और मजबूत कर दिया है. सबसे बड़ा पॉजिटिव यह है कि कंपनी को अब नए कंज्यूमर कैटेगरीज में विस्तार की आजादी मिल गई है. इससे आने वाले वर्षों में कंपनी सिर्फ सॉफ्ट ड्रिंक्स पर निर्भर नहीं रहेगी.

हालांकि तेजी के बाद वैल्यूएशन थोड़ा महंगा जरूर दिख सकता है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए बाजार अभी भी इसे मजबूत ग्रोथ स्टोरी मान रहा है.

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