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टायर कंपनियों के शेयरों में मंगलवार को जोरदार तेजी देखने को मिली. प्रमुख टायर निर्माताओं MRF, JK Tyre, Apollo Tyres और Ceat के शेयरों में 5-6% तक का उछाल दर्ज हुआ. इस रैली के पीछे कई अहम कारण रहे, जिनमें ऑटोमोबाइल कंपनियों की मजबूत बिक्री रिपोर्ट, रिप्लेसमेंट डिमांड की उम्मीद, सरकारी नीतियों का समर्थन और त्योहारों का सीजन शामिल है.
मंगलवार के ट्रेडिंग सेशन में MRF का शेयर ₹1,54,238.70 के स्तर पर पहुंच गया, जोकि इसका अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है. इससे पहले 17 जुलाई 2025 को इसने ₹1,53,000 का स्तर छुआ था. इस स्टॉक में 6% की तेजी आई, जिसने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा. इसी के साथ, JK Tyre का शेयर भी 6% उछलकर ₹352.90 पर बंद हुआ. वहीं Apollo Tyres के शेयर ₹491.80 और Ceat के शेयर ₹3,550 तक चढ़े.
टायर कंपनियों में आई इस रैली का सबसे बड़ा कारण ऑटो सेक्टर की मजबूत बिक्री रिपोर्ट रही.
टू-व्हीलर सेगमेंट- TVS Motors ने अगस्त 2025 में 30% की जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की. Eicher Motors (Royal Enfield) ने भी अपने अब तक के सबसे ऊंचे बिक्री आंकड़े दर्ज किए. वहीं Bajaj Auto ने भी स्थिर प्रदर्शन दिखाया.
कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट- Tata Motors ने इस कैटेगरी में 10% Y-o-Y की ग्रोथ दर्ज की. Ashok Leyland के वॉल्यूम में 5.4% Y-o-Y की बढ़त रही. Eicher Motors के VECV डिवीजन में भी 9.5% Y-o-Y ग्रोथ दर्ज की गई.
इन आंकड़ों ने बाजार को यह संदेश दिया कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में मांग मजबूत है, जिससे टायर कंपनियों के लिए रिप्लेसमेंट और OEM (Original Equipment Manufacturer) दोनों ही डिमांड सेगमेंट में ग्रोथ के अच्छे संकेत मिले हैं.
ब्रोकरेज हाउस Kotak Institutional Equities का मानना है कि सरकार की ओर से GST में कटौती जैसे कदम उठाने से ऑटो सेक्टर में और तेजी आएगी. अगर GST को 18% पर लाया गया, तो टू-व्हीलर, पैसेंजर व्हीकल, कमर्शियल व्हीकल और ट्रैक्टरों की ऑन-रोड कीमतों में 3-8% तक की कमी हो सकती है.
इससे बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. इसके अलावा हालिया रेपो रेट कटौती और अनुकूल मानसून ने भी ग्रामीण और शहरी दोनों बाजारों में डिमांड बढ़ाने का काम किया है.
टायर कंपनियों की ग्रोथ का मुख्य सहारा रिप्लेसमेंट डिमांड है. जैसे-जैसे ऑटोमोबाइल सेक्टर में बिक्री बढ़ रही है, रिप्लेसमेंट टायरों की खपत भी तेजी से बढ़ रही है. Apollo Tyres का कहना है कि भारत में उसकी ग्रोथ मुख्य रूप से रिप्लेसमेंट सेगमेंट के कारण होगी.
कंपनी को उम्मीद है कि वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में डिमांड और मजबूत होगी. कच्चे माल की लागत में Q2 में थोड़ी गिरावट की संभावना है, हालांकि विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव को लेकर थोड़ी अनिश्चितता बनी हुई है.
त्योहारी सीजन और उपभोक्ताओं की सकारात्मक भावनाओं का फायदा टायर कंपनियों को मिल सकता है. JK Tyre का अनुमान है कि FY26 में भारतीय टायर इंडस्ट्री 7-8% ग्रोथ दर्ज करेगी. कंपनी का कहना है कि प्रीमियम टायरों की मांग लगातार बढ़ रही है, जिससे रियलाइजेशन बेहतर हो रहा है. रिप्लेसमेंट डिमांड मजबूत बनी हुई है, भले ही OEM की ऑफटेक में थोड़ी सुस्ती हो.
टायर कंपनियों में हालिया तेजी निवेशकों को यह संकेत दे रही है कि इस सेक्टर में ग्रोथ के अवसर लंबे समय तक बने रह सकते हैं. मजबूत ऑटोमोबाइल बिक्री आंकड़े और सरकारी सपोर्ट ने इस सेक्टर को मजबूती दी है.
कच्चे माल की लागत में स्थिरता और प्रीमियमाइजेशन के चलते कंपनियों के मार्जिन में सुधार होने की संभावना है. ग्लोबल मार्केट पर निर्भर कंपनियों (जैसे Balkrishna Industries) को छोड़कर ज्यादातर भारतीय टायर कंपनियों का फोकस घरेलू मांग पर है, जिससे उनका प्रदर्शन बेहतर रहने की उम्मीद है.