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Titan Share Price: टाटा ग्रुप की कंपनी Titan Company Ltd ने अपने इंटरनेशनल एक्सपेंशन की रफ्तार तेज़ करते हुए UAE आधारित ज्वेलरी ब्रांड Damas International में बड़ा अधिग्रहण करने का फैसला किया है. कंपनी की सब्सिडियरी Titan Holdings International FZCO ने इस सौदे के तहत Damas LLC (UAE) में 67% हिस्सेदारी खरीदने का करार किया है. यह डील लगभग ₹2,440 करोड़ की एंटरप्राइज वैल्यू पर 31 जनवरी 2026 तक पूरी की जाएगी. साथ ही, Titan के पास 31 दिसंबर 2029 के बाद बची हुई 33% हिस्सेदारी खरीदने का विकल्प भी रहेगा. इसके बाद विदेशी ब्रोकरेज Morgan Stanley की ओर से इसपर 'Overweight' की रेटिंग आई है.
इस डील के बाद GCC यानी गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के छह देशों—UAE, सऊदी अरब, कुवैत, ओमान, बहरीन और कतर—में Titan की मौजूदगी मजबूत होगी. खास बात यह है कि यह विस्तार सिर्फ भारतीय डायस्पोरा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अन्य राष्ट्रीयताओं और एथनिक ग्रुप्स को भी टारगेट किया जाएगा. Damas LLC, जो फिलहाल Mannai Corporation QPSC की सब्सिडियरी है, इस डील के बाद 'Signature Jewellery Holding SPC' के अंतर्गत रीस्ट्रक्चर की जाएगी. नई होल्डिंग कंपनी के तहत Damas की सभी एंटिटीज़ को लाया जाएगा.
Motilal Oswal की रिपोर्ट के अनुसार Titan का कोर बिजनेस यानी ज्वेलरी, वॉचेज, और आईकेयर सेगमेंट अब भी तेज़ी से बढ़ रहा है. FY25 में कंपनी ने 18% की सालाना ग्रोथ दर्ज की, जबकि ज्वेलरी सेगमेंट में 21% रेवेन्यू ग्रोथ और 12% EBIT ग्रोथ रही. हालांकि, गोल्ड प्राइसेज़ में उतार-चढ़ाव और कड़ी प्रतिस्पर्धा के चलते ज्वेलरी मार्जिन FY23 की तुलना में 230 बेसिस पॉइंट गिरकर 11.4% पर आ गया. वॉचेज एंड वियरेबल्स सेगमेंट में भी 17% रेवेन्यू और 39% EBIT की बढ़त देखी गई, जबकि आईकेयर सेगमेंट में रेवेन्यू ग्रोथ तो रही लेकिन मार्जिन पर दबाव बना रहा. Titan ने डिजिटल इन्वेस्टमेंट, ओम्नीचैनल स्ट्रैटेजी, और इंटरनेशनल नेटवर्क पर भी बड़ा फोकस बनाए रखा है.
Motilal Oswal ने Titan पर BUY रेटिंग दी है और ₹4,250 का टारगेट प्राइस तय किया है, जो CMP ₹3,472 से करीब 22% ऊपर है. Morgan Stanley ने भी Titan पर Overweight रेटिंग बरकरार रखी है और ₹3,876 का टारगेट दिया है, जोकि मौजूदा प्राइस 3,472 रुपये से 11% ऊपर था. ब्रोकरेज का मानना है कि Damas डील वाजिब वैल्यूएशन पर हुआ स्ट्रैटजिक अधिग्रहण है, जो कंपनी को ग्लोबल फुटप्रिंट बढ़ाने में मदद करेगा.
Titan की ये डील सिर्फ एक अधिग्रहण नहीं है, बल्कि यह एक ग्लोबल रणनीति है जो कंपनी को इंटरनेशनल ज्वेलरी मार्केट में स्थायी पहचान दिला सकती है. बढ़ती प्रतिस्पर्धा और मार्जिन पर दबाव के बीच, यह कदम Titan को एक नए ग्रोथ ट्रैक पर ला सकता है. निवेशकों और बाजार की निगाहें अब इस डील के कार्यान्वयन और इसके लॉन्ग टर्म रिटर्न्स पर टिकी होंगी.