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पीएम मोदी ने नागरिकों से अगले एक साल तक शादी-ब्याह के लिए सोने की खरीद को टालने का आग्रह किया है. (प्रतीकात्मक फोटो: AI/Chatgpt)
Jewellery Stocks: सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में ज्वैलरी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई. टाइटन (Titan), कल्याण ज्वेलर्स (Kalyan Jewellers), सेनको गोल्ड और स्काई गोल्ड (SKYGOLD) जैसे शेयरों में 12% से ज्यादा की गिरावट देखी गई. इस बिकवाली की मुख्य वजह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा रविवार को हैदराबाद में दिया गया वह संबोधन है, जिसमें उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए नागरिकों से सोना (Gold) खरीद टालने की अपील की है. आज कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में 4.24 फीसदी तक की कमजोरी आई.
प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया संकट के कारण विदेशी मुद्रा भंडार (Foreign Exchange) को बचाने की जरूरत पर जोर दिया है. उन्होंने नागरिकों से अगले एक साल तक शादी-ब्याह के लिए सोने की खरीद और विदेश यात्राओं को टालने का आग्रह किया है. इस बयान के बाद निवेशकों में डर का माहौल बना और ज्वैलरी सेक्टर के शेयरों में जोरदार गिरावट आई.
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ज्वैलरी कंपनियों का कारोबार काफी हद तक उपभोक्ता मांग पर निर्भर करता है. अगर लोग सोने की खरीद टालते हैं, तो-
इसी आशंका ने निवेशकों को मुनाफावसूली के लिए मजबूर किया.
| स्टॉक का नाम | गिरावट |
| सेनको गोल्ड | 11% |
| टाइटन | 8% |
| स्काईगोल्ड एंड डायमंड | 12.25% |
| कल्याण ज्वेलर्स | 10% |
| P N Gadgil Jewellers | 9.14% |
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निवेशकों के लिए- अगर आपके पोर्टफोलियो में ज्वैलरी स्टॉक्स हैं, तो शॉर्ट-टर्म में अस्थिरता बनी रह सकती है. सरकार की अगली नीतियों और आयात शुल्क पर नजर रखना जरूरी है.
आम जनता के लिए- अगर आप शादी के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे थे, तो पीएम मोदी की इस अपील के बाद बाजार में मांग घट सकती है, जिससे कीमतों पर असर पड़ सकता है. हालांकि, यह केवल एक स्वैच्छिक अपील है, कोई आधिकारिक प्रतिबंध नहीं.
भारत दुनिया में सोने का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है. अगर मांग कम होती है, तो इन कंपनियों के रेवेन्यू और मुनाफे पर सीधा असर पड़ेगा.
ज्वैलरी स्टॉक्स में आई तेज गिरावट के बीच मार्केट एक्सपर्ट सचिन सर्वदे ने निवेशकों को घबराने के बजाय मौके पर नजर रखने की सलाह दी है. उनका कहना है कि सेक्टर में शॉर्ट-टर्म दबाव जरूर दिख रहा है, लेकिन ओवरऑल ज्वैलरी कंपनियों का अपट्रेंड अभी भी बरकरार है.
उनके मुताबिक हालिया करेक्शन के बाद उन ज्वैलरी स्टॉक्स में खरीदारी का मौका बन सकता है, जिनका ट्रेंड मजबूत बना हुआ है. उनका मानना है कि मिडियम और लॉन्ग-टर्म निवेशक इस गिरावट को एंट्री ऑपर्च्युनिटी के तौर पर देख सकते हैं.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 क्या सोने की खरीद पर कोई कानूनी प्रतिबंध लगा है?
नहीं, प्रधानमंत्री ने केवल एक अपील की है यह कोई कानूनी पाबंदी नहीं है.
Q2 पेट्रोल-डीजल की कीमतों का सोने से क्या संबंध है?
सोना और कच्चा तेल दोनों भारत के सबसे बड़े आयात हैं.
Q3 ज्वैलरी शेयरों में कब सुधार की उम्मीद है?
जब तक मिडिल ईस्ट संकट कम नहीं होता और मांग को लेकर स्पष्टता नहीं आती, बाजार सतर्क रहेगा.