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Tilaknagar Industries Share Price: शराब बनाने वाली प्रमुख कंपनी तिलकनगर इंडस्ट्रीज (TI) के लिए एक बड़ी राहत की खबर है. बॉम्बे हाईकोर्ट ने दशकों पुराने ट्रेडमार्क विवाद में अपना फैसला सुनाते हुए "मेंशन हाउस" (Mansion House) ब्रांड नाम पर तिलकनगर इंडस्ट्रीज के मालिकाना हक को बरकरार रखा है. इस फैसले से कंपनी को अपने प्रमुख ब्रांड पर पूरा अधिकार मिल गया है, जो उसकी कुल बिक्री में एक बड़ी हिस्सेदारी रखता है. इस खबर के बाद Tilaknagar Industries Share Price में 2% से ज्यादा की तेजी आई और शेयर 411 रुपये के इंट्राडे हाई पर गया.
Tilaknagar Industries Share पिछले 5 दिनों में 16% चढ़ा है. 1 महीने में 8% चढ़ा है. 6 महीनों में शेयर 2% की गिरावट रही है. वहीं, इस साल शेयर अभी तक 5% नीचे है. लेकिन पिछले 1 साल में शेयर करीब 60% चढ़ चुका है. वहीं, 5 सालों में इसमें 2200% का रिटर्न दे चुका है.
यह कानूनी लड़ाई 2009 से तिलकनगर इंडस्ट्रीज और एलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स (ABD) के बीच चल रही थी. विवाद "मेंशन हाउस" और "सेवॉय क्लब" ब्रांड नामों के इस्तेमाल को लेकर था. तिलकनगर इंडस्ट्रीज 1983 से इन ब्रांडों के तहत भारत में शराब का विपणन और बिक्री कर रही है. हालांकि, बाद में एलाइड ब्लेंडर्स ने भी इस ब्रांड नाम पर अपना दावा पेश किया, जिससे यह मामला कोर्ट तक पहुंच गया.
इससे पहले, फरवरी 2025 में कोर्ट की एक सिंगल बेंच ने तिलकनगर इंडस्ट्रीज की याचिका को खारिज कर दिया था, जिससे ABD को पश्चिम बंगाल में मेंशन हाउस-ब्रांडेड उत्पादों को बेचने की अनुमति मिल गई थी. हालांकि, इस फैसले पर चार सप्ताह के लिए रोक लगा दी गई थी ताकि तिलकनगर इंडस्ट्रीज एक डिवीजन बेंच में अपील कर सके. अब डिवीजन बेंच का यह नया फैसला तिलकनगर इंडस्ट्रीज के पक्ष में आया है, जिससे कंपनी के अधिकारों की पुष्टि हुई है.
मेंशन हाउस ब्रांडी, तिलकनगर इंडस्ट्रीज का एक फ्लैगशिप उत्पाद है. यह न केवल भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाली ब्रांडी है, बल्कि विश्व स्तर पर दूसरी सबसे बड़ी बिकने वाली ब्रांडी भी है. कंपनी के ब्रांडी सेगमेंट की कुल बिक्री का लगभग 93% हिस्सा अकेले मेंशन हाउस ब्रांडी से आता है. इस फैसले से कंपनी की बाजार स्थिति और मजबूत होगी.
तिलकनगर इंडस्ट्रीज भारतीय ब्रांडी बाजार में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी है. बाजार हिस्सेदारी के मामले में कंपनी का स्थान कुछ इस प्रकार है-
इसके अलावा, कंपनी ने अपनी वित्तीय स्थिति में भी काफी सुधार किया है. एक समय पर 1100 करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज में डूबी कंपनी आज 107 करोड़ रुपये की नेट कैश स्थिति में है. यह कानूनी जीत कंपनी के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है.