Alert! ट्रंप टैरिफ के बाद इन 3 Textile Stocks से दूर रहें

Textile Stocks: भारत का टोटल 28% टेक्सटाइल एंड अपैरल एक्सपोर्ट अमेरिका को होता है. वैल्यु के लिहाज से यह 10 बिलियन डॉलर है. ऐसे में 50% टैरिफ का असर निश्चित ही बड़ा होगा. ऐसे में निवेशकों को Textile Stocks से थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है.
Alert! ट्रंप टैरिफ के बाद इन 3 Textile Stocks से दूर रहें

Textile Stocks: डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका को भारत से होने वाले निर्यात पर 50% का टैरिफ लगा दिया है. इस टैरिफ के कारण भारत के सालाना 40-50 अरब डॉलर के एक्सपोर्ट पर असर देखने को मिल सकता है. टेक्सटाइल एक ऐसा सेक्टर है जिसपर टैरिफ का बड़ा बुरा असर होगा. ऐसे में ब्रोकरेज ने इस स्पेस के 3 स्टॉक्स की रेटिंग घटा दी है. अगर आप भी इन स्टॉक्स में निवेशित हैं तो फिलहाल दूर रहना बेहतर होगा.

अमेरिका के साथ डील का करना होगा इंतजार

एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट में कहा कि इंडियन टेक्सटाइल एक्सपोर्टर्स के लिए निर्यात अब नामुमकिन हो गया है. चीन पर 30%, बांग्लादेश पर 20%, पाकिस्तान पर 19% और वियतनाम पर 20% टैरिफ है. ऐसे में 50% टैरिफ के बाद एक्सपोर्टर्स कॉम्पिटिटव नहीं रह जाएंगे. ऐसे में जब तक अमेरिका के साथ ट्रेड डील नहीं हो जाती है, तब तक सेक्टर पर बुरा असर देखने को मिलेगा. ब्रोकरेज ने अपने कवरेज के 3 स्टॉक्स के लिए रेटिंग घटाया है.

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Textile Stocks Rating Downgraded

CompanyCMP (₹)New RatingOld Target (₹)New Target (₹)
Arvind Ltd284Hold453330
Welspun Living112Hold155132
KPR Mill979Hold1,055

इन स्टॉक्स के लिए रेटिंग घटाई गई

ब्रोकरेज ने टेक्सटाइल स्पेस से Arvind Ltd के लिए टारगेट प्राइस को 453 रुपए से घटाकर 330 रुपए कर दिया है और रेटिंग घटाकर HOLD कर दिया है. Welspun Living के लिए भी अब HOLD की रेटिंग दी गई है और टारगेट 155 रुपए से घटाकर 132 रुपए कर दिया है. KPR Mill के लिए भी HOLD की रेटिंग दी गई है और टारगेट 1055 रुपए पर मेंटेन रखा गया है.

ब्रोकरेज रिपोर्ट की 5 प्रमुख बातें

  • Arvind Ltd का 37% रेवेन्यू अमेरिका से आता है. अगले 3 साल यानी FY26/FY27/FY28 के लिए कमाई के अनुमान को -13%/-17%/-10% घटाया गया है.
  • Welspun Living का तो 60% रेवेन्यू अमेरिका से आता है. अगले 3 साल यानी FY26/FY27/FY28 के लिए कमाई के अनुमान को -15%/-15%/-15% घटाया गया है.
  • KPR Mill का तो 9% रेवेन्यू अमेरिका से आता है और कुल निर्यात में 21% अमेरिका को होता है. यही वजह है कि ब्रोकरेज ने रेटिंग को भी HOLD रखा है और टारगेट मेंटेन किया है.
  • भारत का टोटल 28% टेक्सटाइल एंड अपैरल एक्सपोर्ट अमेरिका को होता है. वैल्यु के लिहाज से यह 10 बिलियन डॉलर है.
  • टैरिफ से निपटने के लिए भारतीय कंपनियां प्रोडक्शन को कहीं और शिफ्ट करने की कोशिश कर रही हैं. सरकार भी GST रिफॉर्म्स और कॉटन इंपोर्ट पर ड्यूटी में राहत को 31 दिसंबर तक बढ़ाकर राहत की कोशिश की है.

28% टेक्सटाइल निर्यात अमेरिका को

ब्रोकरेज ने कहा कि इंडियन टेक्सटाइल एंड अपैरल इंडस्ट्री के लिए अमेरिका सबसे बड़ा बाजार है. भारत टोटल टेक्सटाइल एक्सपोर्ट का 28% केवल अमेरिका को करता है और इसकी वैल्यु 10 बिलियन डॉलर है. इसके अंतर्गत गारमेंट्स का योगदान लगभग 4.9 अरब डॉलर और होम टेक्सटाइल्स का शेयर 3.9 अरब डॉलर है। भारत अमेरिका का चौथा सबसे बड़ा अपैरल एक्सपोर्टर है और इसका मार्केट शेयर 7-8% है. होम टेक्सटाइल में भारत का शेयर 60% है.

कब तक Textile सेक्टर के लिए है खतरा?

जब तक अमेरिका के साथ ट्रेड डील नहीं हो जाती है तब तक एक्सपोर्ट का बाजार नरम रहेगा.इंडियन टेक्सटाइल के लिए अमेरिका ऐतिहासिक तौर पर अहम रहा है. हालांकि, ये कंपनियां अब नॉन-अमेरिकी बाजार पर फोकस कर रहे हैं. UK, ऑस्ट्रेलिया और UAE के साथ ट्रेड डील का फायदा मिलेगा. Gokaldas Exports का Q1 EU/ UK सेल्स 13% रहा जो FY25 में 9% था. Welspun Living का नॉन अमेरिकी रेवेन्यू शेयर 40% पर पहुंच गया है जबकि Arvind Ltd अगले कुछ सालों में यूके रेवेन्यू डबल करने का लक्ष्य लेकर चल रही है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1:- अमेरिका ने भारत से टेक्सटाइल निर्यात पर कितना टैरिफ लगाया है?

  • उत्तर: अमेरिका ने भारत से वस्त्र निर्यात पर कुल 50% का टैरिफ लगा दिया है.

Q2:- भारत का अमेरिका को टेक्सटाइल एक्सपोर्ट कितना है?

  • उत्तर: भारत का टोटल 28% टेक्सटाइल एंड अपैरल एक्सपोर्ट अमेरिका को होता है. वैल्यु के लिहाज से यह 10 बिलियन डॉलर है.

Q3:- ब्रोकरेज ने कौन से तीन टेक्सटाइल स्टॉक्स की रेटिंग घटाई है?

  • उत्तर: Arvind Ltd, Welspun Living, और KPR Mill की रेटिंग को HOLD में डाउनग्रेड किया गया है.

Q4:- Arvind और Welspun का अमेरिका से रेवेन्यू एक्सपोजर कितना है?

  • उत्तर: Arvind का लगभग 37% और Welspun Living का लगभग 60% रेवेन्यू अमेरिका से आता है.

Q5:- सरकार इस संकट से निपटने के लिए क्या कर रही है?

  • उत्तर: कॉटन इंपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी को अब 31 दिसंबर तक माफ कर दिया गया है. इसके अलावा GST रिफॉर्म्स से भी सेक्टर को राहत मिलेगी.

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