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Q4 नतीजों के बाद TCS के शेयरों में आई गिरावट. (Image: AI-generated)
TCS Share Price: आईटी कंपनी Tata Consultancy Services के Q4 नतीजों के बाद शेयर में 3% से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल रही है और कीमत ₹2,503 के आसपास आ गई. नतीजे उम्मीद के मुताबिक रहे, लेकिन बाजार को कोई बड़ा सरप्राइज नहीं मिला.
दिलचस्प बात यह है कि ब्रोकरेज हाउसेज की राय इस बार काफी बंटी हुई नजर आई. कुछ ने इसे लंबी अवधि के लिए मजबूत दांव बताया, तो कुछ ने ग्रोथ को लेकर चिंता जताई है.
कंपनी के नतीजे ब्रॉडली अनुमान के मुताबिक रहे. रेवेन्यू और मार्जिन स्थिर रहे, जबकि डील विंस मजबूत रहीं. AI से जुड़ा बिजनेस तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन कोर IT सर्विसेज में ग्रोथ अभी भी धीमी बनी हुई है.
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| मीट्रिक | आंकड़ा |
| Q4 Revenue Growth | 5.4% QoQ |
| Organic Growth (CC) | 0.8% QoQ |
| EBIT Margin | 25.3% |
| AI Revenue | $2.3 बिलियन (Annualised) |
| AI Contribution | 7.5% |
| Q4 Deal Wins | $12 बिलियन |
| FY26 TCV | $40.7 बिलियन |
| FCF Yield | 6% |
| Shareholder Payout | 80-100% FCF |
CLSA ने TCS पर “Accumulate” रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट बढ़ाकर ₹2,985 किया है.
ब्रोकरेज का मानना है कि Q4 नतीजे अधिकतर उम्मीद के मुताबिक रहे. AI रेवेन्यू 28% QoQ बढ़ा और अब 7.5% हिस्सा है. फ्री कैश फ्लो यील्ड करीब 6% है, जो कर्षक है. स्टॉक वैल्यूएशन peers के मुकाबले सस्ता है. CLSA के मुताबिक AI लंबी अवधि में ग्रोथ का बड़ा ड्राइवर बनेगा.
Morgan Stanley ने “Overweight” रेटिंग बनाए रखी है, लेकिन ग्रोथ अनुमान घटाए हैं. ब्रोकरेज ने इसपर 3,540 का टारगेट दिया है.
मॉर्गन स्टैनली ने FY26-28 के लिए 3-4% CAGR का अनुमान रखा है और कहा कि BFSI सेक्टर में डिमांड कमजोर है. मैक्रो अनिश्चितता से फैसले धीमे हैं. फिर भी ब्रोकरेज मानता है कि FY27 में धीरे-धीरे सुधार आ सकता है.
Nomura ने “Buy” रेटिंग के साथ टारगेट ₹2,930 किया है. ब्रोकरेज ने कहा कि Q4 में 3 मेगा डील्स हुईं. FY27 में बेहतर ग्रोथ की उम्मीद है. EPS अनुमान 2-3% बढ़ाया है. Nomura का मानना है कि इंटरनेशनल मार्केट में रिकवरी दिख सकती है.
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Goldman Sachs ने “Buy” रेटिंग रखी, लेकिन टारगेट घटाकर ₹2,710 किया.
पॉजिटिव:
नेगेटिव:
LIVE TV:
UBS ने “Neutral” रेटिंग के साथ ₹2,660 का टारगेट दिया है. ब्रोकरेज का मानना है कि फिलहाल स्टॉक में बड़ा ट्रिगर नहीं दिख रहा.
JP Morgan ने “Overweight” रेटिंग के साथ ₹3,150 का टारगेट दिया है. $12 बिलियन के मजबूत डील विंस हैं. AI रेवेन्यू तेजी से बढ़ रहा है. FY27 में धीरे-धीरे सुधार की उम्मीद है. JP Morgan को कंपनी की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ पर भरोसा है.
Jefferies ने “Underperform” रेटिंग के साथ टारगेट घटाकर ₹2,275 किया. ब्रोकरेज ने कहा कि BFSI में कमजोर डिमांड है. AI से प्रोडक्टिविटी बढ़ने पर रेवेन्यू दबाव में है. EPS CAGR सिर्फ 5.5% है. यह सबसे ज्यादा बेयरिश व्यू में से एक है.
Citigroup ने “Sell” रेटिंग के साथ ₹2,250 का टारगेट दिया. लो सिंगल डिजिट ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद है. हाई कॉम्पटिशन और AI का असर रहेगा. Infosys और HCL को प्राथमिकता ज्यादा है.
HSBC ने “Hold” रेटिंग के साथ ₹2,755 का टारगेट दिया. FY27 में सुधार की उम्मीद है. लॉन्ग टर्म ग्रोथ मिड-लो सिंगल डिजिट में रह सकता है.
Brokerage | Rating | New Target | Old Target |
CLSA | Accumulate | 2985 | 2982 |
Morgan Stanley | Overweight | 3540 | Maintain |
Nomura | Buy | 2930 | 2840 |
Goldman Sachs | Buy | 2710 | 2760 |
UBS | Neutral | 2660 | Maintain |
JP Morgan | Overweight | 3150 | Maintain |
Jefferies | Underperform | 2275 | 2350 |
Citi | Sell | 2250 | Maintain |
HSBC | Hold | 2755 | Maintain |
नतीजे खराब नहीं थे, फिर भी स्टॉक गिरा क्योंकि:
TCS एक मजबूत कंपनी है, लेकिन फिलहाल “हाई ग्रोथ” की बजाय “स्टेबल ग्रोथ” फेज में है.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 TCS का शेयर क्यों गिरा?
ग्रोथ धीमी रहने और मैक्रो अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने मुनाफावसूली की.
Q2 क्या TCS के नतीजे खराब थे?
नहीं, नतीजे ठीक-ठाक थे, लेकिन कोई बड़ा सरप्राइज नहीं मिला.
Q3 AI का TCS पर क्या असर है?
AI रेवेन्यू तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन कोर बिजनेस में प्रोडक्टिविटी प्रेशर भी ला सकता है
Q4 कौन से ब्रोकरेज सबसे ज्यादा बुलिश हैं?
CLSA, JP Morgan और Nomura कंपनी पर सकारात्मक हैं.
Q5 क्या अभी TCS में निवेश करना चाहिए?
लंबी अवधि के नजरिए से गिरावट में धीरे-धीरे निवेश किया जा सकता है, लेकिन शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव रहेगा.