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IT इंडेक्स मई के Low से 13% ऊपर चढ़ा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: AI/ChatGPT)
IT Stocks: घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को निफ्टी की वीकली एक्सपायरी पर बाजार में वॉलेटिलिटी देखने को मिली. निफ्टी फिलहाल 1 महीने के निचले स्तर के पास आ गया है. बैंक निफ्टी में भी पिछले 5 सत्रों से बिकवाली दर्ज हो रही है. लेकिन इस बीच निफ्टी आईटी इंडेक्स में जोरदार तेजी दर्ज हो रही थी.
NIFTY IT आज के सेशन में 4.6% की जोरदार रैली दिखा रहा था. TCS 6% चढ़ा था. Infosys भी करीब 6% ऊपर था. Coforge और HCL Tech भी 4% की तेजी पर थे. इंडेक्स के सारे ही शेयर अच्छी बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे थे. निफ्टी आईटी मई के निचले स्तरों से 13% ऊपर आ चुका है. सस्ते वैल्युएशन पर खरीदारी और AI (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस) को लेकर शिफ्ट होते नजरिए के चलते आईटी शेयरों में रैली देखने को मिल रही है.
लेकिन अब असली सवाल है कि बाजार जब इतना गिर रहा है, तो फिर आईटी शेयरों में तेजी कहां से आ रही है? इस तेजी के पीछे कई कारण नजर आ रहे हैं.
-TCS, Infosys जैसे बड़े IT stocks लंबे करेक्शन के बाद अट्रैक्टिव वैल्युएशन पर पहुंच गए हैं. कई निवेशकों को यहां अब रिस्क-रिवॉर्ड बेहतर दिख रहा है. TCS का शेयर 1 साल में 29% गिर चुका है. इन्फोसिस भी 18% नीचे ट्रेड कर रहा है.
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पहले AI से IT बिजनेस पर असर की चिंता थी. अब AI, Cloud और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन डील्स बढ़ रही हैं. मार्केट AI को ग्रोथ अपॉर्चुनिटी के तौर पर देख रहा है
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- Nasdaq और अमेरिकी बाजार के टेक स्टॉक्स में मजबूती बनी हुई है. US की सॉफ्टवेयर कंपनियों के अच्छे नतीजों से टेक में स्पेंडिंग मजबूत रहने के संकेत मिले हैं. - इसका फायदा भारतीय IT कंपनियों को मिल सकता है.
IT स्टॉक्स में पहले काफी शॉर्ट पोजीशंस बनी थीं. हालिया तेजी में शॉर्ट कवरिंग के साथ फ्रेश लॉन्ग पोजीशन भी देखने को मिली हैं.
रुपये में कमजोरी IT कंपनियों के लिए फायदेमंद है. इससे ओवरसीज रेवेन्यू का रियलाइजेशन बेहतर होता है.
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Nifty IT इस साल ब्रॉडर मार्केट से ज्यादा गिरा था. इस साल की अभी तक की गिरावट देखें तो ये टॉप लूजर इंडेक्स है था और 20% गिरा था. अब वैल्युएशंस और सेंटीमेंट में सुधार के चलते रिकवरी की उम्मीद बढ़ी है.

इस बीच बाजार के लिए एक अच्छी खबर ये भी है कि ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म Morgan Stanley का मानना है कि भारतीय शेयर बाजार का सबसे खराब दौर शायद पीछे छूट चुका है. अब कॉरपोरेट कमाई (Earnings) में तेजी आने की उम्मीद है, जबकि वैल्यूएशन और निवेशकों का उत्साह भी पहले के मुकाबले संतुलित हुआ है. ऐसे में अगले एक साल में भारतीय बाजार अच्छा प्रदर्शन कर सकता है.
ब्रोकरेज का कहना है कि भारत की लॉन्ग टर्म ग्रोथ स्टोरी अभी भी मजबूत बनी हुई है, भले ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर कई तरह की बहस चल रही हो.
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Morgan Stanley ने घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े सेक्टर्स को ज्यादा पसंद किया है. ब्रोकरेज की पहली पसंद Financials, Consumer Discretionary (ऑटो, रिटेल, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स आदि) और Industrials सेक्टर हैं.
इसके मुकाबले Energy, Materials, Utilities और Healthcare सेक्टर पर ब्रोकरेज की राय कमजोर है और इन सेक्टर्स में Underweight रहने की सलाह दी है.
ब्रोकरेज का मानना है कि IT Services सेक्टर आने वाले समय में "डार्क हॉर्स" साबित हो सकता है. दुनियाभर की कंपनियां AI आधारित एप्लिकेशन और सॉल्यूशंस बनाने के लिए IT कंपनियों का सहारा ले रही हैं, जिससे भारतीय IT कंपनियों को फायदा मिल सकता है.
Morgan Stanley का मानना है कि भारतीय बाजार की बुनियादी कहानी मजबूत बनी हुई है. कमाई में सुधार, बेहतर ग्रोथ संभावनाएं और संतुलित वैल्यूएशन के चलते भारतीय शेयर बाजार अगले 12 महीनों में मजबूती दिखा सकता है. घरेलू मांग से जुड़े सेक्टर्स फिलहाल सबसे आकर्षक नजर आ रहे हैं.
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