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Tata Technologies IPO: प्राइमरी मार्केट में एक बार फिर बहार आ गई है. एक के बाद एक पब्लिक इश्यु खुल रहे. इस कड़ी में टाटा ग्रुप की कंपनी 19 साल बाद IPO खुलने जा रहा. यह 22 नवंबर से खुलकर 24 नवंबर को बंद हो जाएगा. इससे पहले टाटा ग्रुप का पब्लिक इश्यू साल 2004 में खुला था, जोकि देश की सबसे बड़ी IT कंपनी TCS का था. निवेशकों में टाटा टेक्नोलॉजी के इश्यू का बेसब्री से इंतजार है. कंपनी IPO के जरिए 3042 करोड़ रुपए जुटाना चाहती है.
टाटा ग्रुप का पिछला पब्लिक इश्यू साल 2004 में आया था, जोकि TCS का था. इस IPO के बाद Tata ग्रुप कंपनी का यह पहला IPO है. IPO खुलने से करीब 1 महीने पहले अक्टूबर में प्रोमोटर Tata Motors ने TPG Rise Climate SF को 401.81 रुपए/share पर 9% हिस्सेदारी बेचीं, जिसकी कुल वैल्यू 1467 करोड़ रुपए थी. यह डील 16300 करोड़ की वैल्यूएशन पर हुई.
Tata Technologies ने IPO के लिए प्राइस बैंड 475-500 रुपए प्रति शेयर तय किया है, जोकि नई IPO वैल्यूएशन पर है. नई वैल्यूशन अब 19200-20300 करोड़ पर आ गयी है. पिछले करीब 1 महीने में कंपनी की वैल्यूएशन में 3000-4000 करोड़ रुपए यानी 18-25% की बढ़त हुई है. बात दें कि Tata Technologies ग्लोबल OEM और TIER-1 suppliers को प्रोडक्ट डेवलपमेंट और डिजिटल सोल्युशन सर्विस देने का कारोबार करती है.
Tata Technologies के साथ 11000 कर्मचारी जुड़े हुए हैं. इसके साथ कुल 18 ग्लोबल डिलीवरी सेंटर मौजूद हैं. यह IPO Tata Motors शेयरधारकों के लिए ख़ास है. क्योकि OFS का 10% हिस्सा टाटा मोटर्स के एलिजिबल शेयरधारकों के लिए उपलब्ध है. एलिजिबल शेयरधारक से तात्पर्य पब्लिक इक्विटी शेयरधारक से है जो कोई व्यक्ति और HUFs हो. पब्लिक इश्यू में अधिकतम 2 लाख तक निवेश कर सकते हैं.