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Tata Steel and SRF Futures Share Price: अनिल सिंघवी ने आज के कारोबार के लिए दो प्रमुख स्टॉक्स – टाटा स्टील और SRF – पर नज़र रखने की सलाह दी है. दोनों कंपनियों ने अपने तिमाही नतीजे पेश किए हैं और इन आंकड़ों के आधार पर आज निवेशकों को सतर्कता और समझदारी के साथ कदम बढ़ाने की सलाह दी जा रही है.
टाटा स्टील के नतीजे उम्मीदों के मुताबिक यानी इनलाइन रहे हैं. कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल आधार पर 4% गिरकर ₹56,218 करोड़ रहा, जबकि EBITDA में केवल 1% की गिरावट दर्ज हुई है और यह ₹6,559 करोड़ रहा. मार्जिन थोड़ा सुधरकर 11.25% से बढ़कर 11.7% हो गया, जो इस कठिन कारोबारी माहौल में अच्छा संकेत है.
कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) 113% की बड़ी बढ़त के साथ ₹1,301 करोड़ पहुंच गया है, जो निवेशकों को आकर्षित कर सकता है. वहीं, प्रति टन कंसोलिडेटेड EBITDA ₹7,810 रहा, जो कि अनुमानित ₹7,962 से थोड़ा नीचे रहा. हालांकि नतीजे खराब नहीं हैं, लेकिन कल ही स्टॉक में 6% की जबरदस्त तेजी देखी गई थी. इसलिए आज के सत्र में थोड़ी सावधानी बरतनी होगी, खासकर जब तक कंपनी की एनालिस्ट कॉल नहीं होती. अनिल सिंहवी का मानना है कि निवेशक इस स्टॉक में तेजी से पहले support और resistance levels पर खास ध्यान दें. सपोर्ट लेवल ₹144 और ₹147 पर है और हायर लेवल ₹155 और ₹157 का रहेगा.
SRF ने तिमाही नतीजे कल बाजार बंद होने के बाद पेश किए, और आज दोपहर 3 बजे कंपनी की कॉन्फ्रेंस कॉल भी होने वाली है. कंपनी के प्रदर्शन ने बाज़ार की उम्मीदों से बेहतर नतीजे दिए हैं. रेवेन्यू 20.8% की वृद्धि के साथ ₹4,313 करोड़ पहुंचा है, और EBITDA में 38% की मजबूत ग्रोथ के साथ यह ₹957 करोड़ रहा. EBITDA मार्जिन भी 22.2% रहा, जो कि अनुमानित 21.8% से बेहतर है और पिछले साल के 19.5% से साफ़तौर पर ऊपर है. कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) भी 25% बढ़कर ₹526 करोड़ रहा है.
इन आंकड़ों से साफ है कि ऑपरेशनल स्तर पर SRF ने अच्छा काम किया है. हालांकि स्टॉक हाल के सत्रों में पहले ही तेज़ी दिखा चुका है, और इस कारण उच्च स्तरों पर मुनाफावसूली की आशंका बनी हुई है. इसलिए ट्रेडरों को सावधानी से चलने की सलाह दी गई है और support-resistance स्तरों पर निगाह रखना ज़रूरी है. सपोर्ट लेवल ₹2,920 और ₹2,880 पर रहेगा और हायर लेवल ₹3,100 का रहेगा.
टाटा स्टील और SRF दोनों कंपनियों के तिमाही नतीजे स्थिर और अपेक्षा से बेहतर रहे हैं. हालांकि, दोनों स्टॉक्स में पहले ही तेज़ी देखी जा चुकी है, ऐसे में ट्रेडिंग से पहले कंपनी के एनालिस्ट कॉल्स का इंतजार करना समझदारी होगी. नतीजों के बाद मार्केट मूवमेंट में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है, इसलिए अनिल सिंघवी की सलाह है कि निवेशक तकनीकी स्तरों को ध्यान में रखते हुए ही ट्रेडिंग करेंं.