Tata Motors Share Price: कमाल है! शेयर की सुस्ती से परेशान थे तो खुश हो जाइए- 3 ब्रोकरेज ने बढ़ा दिए टारगेट

Tata Motors Share Price: Tata Motors ने वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही के नतीजे पेश किए, जो कई मामलों में बाजार की उम्मीदों से बेहतर रहे. कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA भले ही साल-दर-साल 2% घटा हो, लेकिन यह Jefferies के अनुमान से 4% ज्यादा रहा.
Tata Motors Share Price: कमाल है! शेयर की सुस्ती से परेशान थे तो खुश हो जाइए- 3 ब्रोकरेज ने बढ़ा दिए टारगेट

Tata Motors Share Price: कई सेगमेंट दबदबा रखने वाली दिग्गज ऑटो कंपनी Tata Motors ने वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही के नतीजे पेश किए, जो कई मामलों में बाजार की उम्मीदों से बेहतर रहे. कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA भले ही साल-दर-साल 2% घटा हो, लेकिन यह Jefferies के अनुमान से 4% ज्यादा रहा. कंपनी की घरेलू कमर्शियल व्हीकल (CV) बिजनेस ने EBITDA मार्जिन को डबल डिजिट में बनाए रखा, जबकि पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में भी मार्जिन बेहतर रहा है. कई ब्रोकरेज फर्मों ने इस शेयर पर अपने टारगेट प्राइस बढ़ा दिए हैं.

JLR के नतीजे कैसे रहे?

कंपनी की प्रमुख विदेशी इकाई Jaguar Land Rover (JLR) ने भी चौथी तिमाही में अपने गाइडेंस के मुताबिक प्रदर्शन किया. JLR का EBIT मार्जिन 10.7% रहा, जो तिमाही दर तिमाही 160 बेसिस पॉइंट की बढ़त दिखाता है. हालांकि, FY26 को लेकर कंपनी ने सतर्कता जताई है. अमेरिका में संभावित टैरिफ, चीन में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और ग्राहक अधिग्रहण की लागत में इजाफा JLR की भविष्य की ग्रोथ पर असर डाल सकता है.

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Tata Motors Share में आगे क्या करें?

ब्रोकरेज फर्मों की ओर से टाटा मोटर्स पर मिक्स रेटिंग दी है, लेकिन अपना टारगेट प्राइस बढ़ाया है. Jefferies ने स्टॉक पर 'अंडरपरफॉर्म' की रेटिंग बरकरार रखी है और FY26-27 के EBITDA अनुमान में 8% की कटौती की है. इसके बावजूद उन्होंने EPS अनुमान 3-4% बढ़ाया है और टारगेट प्राइस ₹625 से बढ़ाकर ₹630 किया है.

CLSA ने स्टॉक पर 'अक्युमुलेट' की सलाह देते हुए टारगेट प्राइस ₹765 से बढ़ाकर ₹805 कर दिया है. उनका मानना है कि भारत में पैसेंजर व्हीकल बिजनेस ने PLI स्कीम और बेहतर प्रोडक्ट मिक्स के चलते मजबूत प्रदर्शन किया है. JLR के भी फ्री कैश फ्लो और नेट कैश पॉजिटिव स्थिति को उन्होंने सकारात्मक माना है.

Goldman Sachs ने स्टॉक पर 'न्यूट्रल' रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट ₹690 किया है, जो पहले ₹610 था. मैक्वेरी ने 'आउटपरफॉर्म' की रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस ₹826 रखा है, जो अब तक का सबसे ऊंचा अनुमान है.

क्या होनी चाहिए निवेशकों की स्ट्रैटेजी?

टाटा मोटर्स ने पिछले दो सालों में ₹49,000 करोड़ से ज्यादा का ऑटोमोटिव फ्री कैश फ्लो (FCF) जनरेट किया है और कंपनी अब कर्जमुक्त (net cash positive) हो चुकी है. साथ ही FY26 में नए मॉडलों की लॉन्च लाइनअप भी मजबूत बताई जा रही है. हालांकि, जेएलआर से जुड़ी वैश्विक अनिश्चितताओं और विदेशी बाजारों में दबाव को देखते हुए शेयर में वोलैटिलिटी बनी रह सकती है.

यदि निवेशक लंबी अवधि के नजरिए से देख रहे हैं, तो टाटा मोटर्स स्टॉक अभी भी आकर्षक है, खासकर इसके स्ट्रॉन्ग डोमेस्टिक फाउंडेशन और डीलेवरेजिंग ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए. हालांकि, जो निवेशक शॉर्ट टर्म गेन की तलाश में हैं, उन्हें आने वाले तिमाही अपडेट और ग्लोबल मैक्रो घटनाओं पर पैनी नजर रखनी चाहिए.

ब्रोकरेज फर्मों के अनुसार टाटा मोटर्स के लिए 12 महीने में संभावित टारगेट ₹630 से ₹826 तक दिए गए हैं. एक संतुलित औसत निकालें तो स्टॉक का मध्यम अवधि में ₹730-750 तक पहुंचना संभव है, यदि JLR का प्रदर्शन स्थिर रहता है और घरेलू डिमांड मजबूत बनी रहती है.

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