&format=webp&quality=medium)
Tata Motors Demerger: सोमवार (14 अक्टूबर) को टाटा मोटर्स का शेयर निवेशकों के लिए एक नया अध्याय लेकर आया. कंपनी के डीमर्जर के बाद आज इसकी एक्स-डेट थी, और इस खास मौके पर शेयर बाजार में टाटा मोटर्स के शेयर की नई कीमत तय हुई. एनएसई पर टाटा मोटर्स का शेयर ₹400 प्रति शेयर पर डिस्कवर हुआ, जो पिछले क्लोजिंग प्राइस ₹660.75 से करीब 39.5% कम है. यह गिरावट पहली नजर में चौंकाने वाली लग सकती है, लेकिन दरअसल यह कंपनी के कॉमर्शियल व्हीकल (CV) बिजनेस के अलग होने (demerger adjustment) का असर है.
टाटा मोटर्स ने अपने दो प्रमुख कारोबारों -पैसेंजर व्हीकल्स (PV) और कॉमर्शियल व्हीकल्स (CV)- को अलग करने का फैसला लिया था. अब कॉमर्शियल व्हीकल बिजनेस नई कंपनी TML Commercial Vehicles Limited (TMLCV) में ट्रांसफर किया जाएगा, जबकि पैसेंजर व्हीकल्स और JLR (Jaguar Land Rover) का कारोबार मौजूदा कंपनी के तहत रहेगा, जिसका नया नाम होगा Tata Motors Passenger Vehicles Limited (TMPVL). इस डीमर्जर के तहत निवेशकों को 1:1 के अनुपात में शेयर मिलेंगे- यानी जिनके पास Tata Motors का 1 शेयर है, उन्हें TMLCV के भी 1 शेयर मिलेंगे. नए शेयरों की लिस्टिंग नवंबर 2025 में BSE और NSE दोनों पर होगी.
डीमर्जर के बाद जो Tata Motors अब बाजार में ट्रेड कर रहा है, वह केवल पैसेंजर व्हीकल और JLR बिजनेस को रीप्रेजेंट करेगा. इसलिए, पहले के मुकाबले शेयर की वैल्यू कम दिखाई दे रही है क्योंकि कॉमर्शियल व्हीकल का हिस्सा अब अलग हो चुका है. स्पेशल प्री-ओपन सेशन (9:00 बजे से 10:00 बजे तक) में मार्केट ने इस नए स्ट्रक्चर के मुताबिक शेयर की नई कीमत ₹400 प्रति शेयर (NSE) और ₹399 प्रति शेयर (BSE) तय की.
ग्लोबल ब्रोकरेज Jefferies ने डीमर्जर के बाद दोनों इकाइयों के वैल्यूएशन का आकलन किया है:
| बिजनेस यूनिट | वैल्यूएशन (₹/शेयर) | EV/EBITDA (FY27E) |
|---|---|---|
| India CV | ₹333 | 11x |
| India PV | ₹272 | 12x |
| JLR | - | 1.7x |
Jefferies का मानना है कि भारत का PV बिजनेस और CV मार्जिन्स दोनों मजबूत हैं, और यहां डिमांड का ट्रेंड बुलिश बना रहेगा. हालांकि, JLR के लिए कंपनी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है- खासकर यूरोप और चीन जैसे बाजारों में.
टाटा मोटर्स ने हाल ही में यूरोप की ऑटो कंपनी Iveco के साथ डील की है. हालांकि, Jefferies का कहना है कि यह अधिग्रहण अल्पकालिक रूप से मार्जिन पर दबाव डाल सकता है और इसमें इंटीग्रेशन का रिस्क भी शामिल है. टाटा मोटर्स का शेयर पिछले पांच सालों में 420% तक चढ़ चुका है, यानी यह उन चुनिंदा ऑटो स्टॉक्स में रहा जिसने निवेशकों को बेहतरीन रिटर्न दिए. लेकिन 2025 में अब तक शेयर में करीब 11% की गिरावट और पिछले एक महीने में 7% की कमजोरी देखी गई है, क्योंकि निवेशक डीमर्जर के बाद नई वैल्यूएशन स्ट्रक्चर का आकलन कर रहे हैं.
डीमर्जर के बाद अब दोनों बिजनेस वर्टिकल्स अलग-अलग फोकस और स्ट्रेटेजी के साथ काम करेंगे. TMPVL (Passenger Vehicles + JLR) अब प्रीमियम और इलेक्ट्रिक सेगमेंट पर फोकस करेगा. जबकि TMLCV (Commercial Vehicles) ट्रक, बस और औद्योगिक वाहन क्षेत्र में ग्रोथ पर ध्यान देगा. एनालिस्ट्स का मानना है कि इससे दोनों कंपनियों को कैपिटल एलोकेशन, प्रॉफिटेबिलिटी और वैल्युएशन क्लैरिटी बेहतर करने का मौका मिलेगा