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Tata Technologies Share Price Target 2025.
Tata Group Stocks: टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा टेक्नोलॉजी ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 की पहली तिमाही का रिजल्ट जारी कर दिया है. ऐनालिस्ट्स को रिजल्ट दमदार नहीं लगा जिसके कारण SELL की राय दी गई है, हालांकि दूसरी तिमाही से कंपनी के प्रदर्शन में सुधार की उम्मीद है. फिलहाल बाजार को रिजल्ट अच्छा लग रहा है इसलिए शेयर में करीब 2% की तेजी है और यह 730 रुपए (Tata Technologies Share Price) की रेंज में कारोबार कर रहा है. बता दें कि इस स्टॉक में 13.3 लाख रीटेल निवेशकों का पैसा लगा है और इनके पास कंपनी की 23.46% हिस्सेदारी है. लंबे समय से यह शेयर अंडर परफॉर्म भी कर रहा है. आइए निवेश की पूरी डीटेल जानते हैं.
ग्लोबल ऐनालिस्ट गोल्डमैन सैश ने Tata Technologies के लिए SELL की रेटिंग को मेंटेन किया है और टारगेट 560 रुपए का दिया है. कल यह शेयर 717 रुपए पर बंद हुआ था. ऐसे में टारगेट 22% डाउनसाइड का है. इस साल अब तक शेयर में 20% की गिरावट आई है. एक अन्य ऐनालिस्ट जेपी मॉर्गन ने भी अंडरवेट की रेटिंग को मेंटेन रखा है और टारगेट 580 रुपए से घटाकर 570 रुपए कर दिया है. बता दें कि नवंबर 2023 में इसका आईपीओ आया था जिसके लिए इश्यू प्राइस 500 रुपए था और करीब 70x सब्सक्रिप्शन मिला था. NSE पर 1200 रुपए पर इसकी लिस्टिंग हुई थी और उसी महीने में शेयर ने 1400 रुपए का लाईफ हाई बनाया. फिर गिरावट की शुरुआत हुई और अप्रैल 2025 में इसने 597 रुपए का लाइफ लो बनाया. ब्रोकरेज के टारगेट इसके भी नीचे है.
गोल्डमैन ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि मैनेजमेंट Q2 से सुधार की उम्मीद कर रहा है. सितंबर तिमाही से रेवेन्यू पिक-अप होना चाहिए. अप्रैल और मई महीने में कंपनी का कस्टमर इंगेजमेंट और बिजनस अवॉर्ड कमजोर था, लेकिन जून महीने से यह पिक होने लगा है. ऐसे में तिमाही आधार पर Q2 में रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद है. जेपी मॉर्गन ने कहा कि Q1 में रेवेन्यू अनुमान के मुताबिक रहा लेकिन मार्जिन्स उम्मीद से कमजोर रहे. डील क्लोजर में सुधार देखा जा रहा है. क्लाइंट फिर से R&D पर खर्च करने के इच्छुक दिख रहे हैं जिसका फायदा टाटा टेक्नोलॉजी को मिलेगा. लंब समय से क्लाइंट साइड रिसर्च पर खर्च बहुत कम कर दिया था.
FY26 की पहली तिमाही में कंसोलिडेटेड प्रदर्शन की बात करें तो QoQ/YoY आधार कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू -3.2%/-1.9% घटकर 1244.3 करोड़ रुपए रहा. ग्रॉस प्रॉफिट -20.0%/-10.9% घटकर 319 करोड़ रुपए रहा. ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी EBITDA -14.3%/-13.4% घटकर 200 करोड़ रुपए रहा. EBIT यानी अर्निंग बिफोर इंटरेस्ट एंड टैक्स -15.0%/-9.7% घटकर 182 करोड़ रुपए रहा. PBT यानी प्रॉफिट बिफोर टैक्स -9.9%/5.9% के साथ 232 करोड़ रुपए रहा और नेट प्रॉफिट तिमाही आधार पर -9.8% की गिरावट और सालाना आधार पर 5.1% उछाल के साथ 170 करोड़ रुपए रहा.
मार्जिन प्रोफाइल की बात करें तो Q1 में ग्रॉस मार्जिन 25.6% रहा जो मार्च तिमाही में 31.0% और एक साल पहले समान तिमाही (Q1FY25) में 28.2% रहा था. इसमें सर्विस सेक्टर का मार्जिन 27.7% और टेक सॉल्यूशन का मार्जिन 18.7% रहा जो मार्च तिमाही में 33.9%/19.6% रहा था. ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन 16.1% रहा जो मार्च तिमाही में 18.2% और एक साल पहले 18.2% था. EBIT मार्जिन 14.6% रहा जो मार्च तिमाही में16.7% और एक साल पहले 15.9% रहा था. नेट प्रॉफिट मार्जिन 13.7% रहा जो मार्च तिमाही में 14.7% और एक साल पहले 12.8% था.
कंपनी के CEO वारन हैरिस ने कहा कि जून तिमाही की शुरुआत कमजोर हुई लेकिन क्लाइंट का कॉन्फिडेंस मजबूत हो रहा है और वे लॉन्ग टर्म प्रोडक्ट ग्रोथ कमिटमेंट को लेकर फिर से आश्वस्त नजर आ रहे हैं. डील मोमेंटम मजबूत नजर आ रहा है और Q2 से रिकवरी का भरोसा है. FY26 की दूसरी छमाही में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है. डील पाइपलाइन एक साल पहले के मुकाबले रोबस्ट है और डील कंवर्जन को लेकर शुरुआती पॉजिटिव संकेत मिल रहे हैं. कंपनी की CFO सविता बालचंद्रन ने कहा कि Q1 में कंपनी का कैशफ्लो परफॉर्मेंस मजबूत रहा है. वर्किंग कैपिटल मैनेजमेंट और एग्जीक्यूशन हेल्दी मेंटेन है.
अप्रैल-जून तिमाही कंपनी के लिए काफी महत्वपूर्ण रहा है. एक लग्जरी यूरोपियन ऑटोमोटिव OEM ने टाटा टेक्नोलॉजी को टेक्निकल सर्विस के लिए चुना है. एक एशियन एयरलाइन ने फुली इंटीग्रेटेड एयरक्राफ्ट डॉकिंग सिस्टम के लिए कंपनी को चुना है. एक ग्लोबल कमर्शियल व्हीकल OEM ने कंपनी को इंजीनियरिंग पार्टनर पिक किया है. इसके अलावा Volvo Cars ने कंपनी को प्रोडक्ट इंजीनियरिंग के लिए स्ट्रैटिजिक सप्लायर के तौर पर चुना है. कुल मिलाकर Q1 में मोमेंटम बनता दिख रहा है और प्रॉस्पेक्ट पॉजिटिव नजर आ रहा है.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)