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Sensex-Nifty क्रैश, लेकिन 8% उछला TATA Group का ये शेयर. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)
भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को भारी दबाव देखने को मिला. पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल, रुपए में कमजोरी और विदेशी निवेशकों (FII) की बिकवाली ने बाजार की हालत खराब कर दी. Sensex 1312 अंक टूटकर 76,015 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 360 अंक फिसलकर 23,815 के स्तर पर आ गया. Bank Nifty भी 870 अंक गिरकर 54,439 पर बंद हुआ.
लेकिन इस भारी गिरावट के बीच टाटा ग्रुप की एक कंपनी ने बाजार का पूरा ध्यान अपनी तरफ खींच लिया. FMCG सेक्टर की दिग्गज कंपनी Tata Consumer Products के शेयर में सोमवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली. मजबूत तिमाही नतीजों और बड़े ब्रोकरेज हाउसों की पॉजिटिव रिपोर्ट के दम पर शेयर इंट्राडे में 8.58 फीसदी तक उछल गया.
सोमवार को Tata Consumer Products का शेयर ₹1,176.20 के पिछले बंद भाव से उछलकर ₹1,279.40 तक पहुंच गया. यानी ऐसे दिन जब पूरा बाजार लाल निशान में था, उस समय यह शेयर निवेशकों को शानदार रिटर्न देता नजर आया.

शेयर में इस तेजी की सबसे बड़ी वजह कंपनी के मजबूत मार्च तिमाही नतीजे रहे. कंपनी ने सिर्फ मुनाफे में ही नहीं, बल्कि बिक्री और मार्जिन दोनों में मजबूत प्रदर्शन किया है. यही कारण है कि कई बड़े विदेशी ब्रोकरेज हाउस अब इस शेयर पर और बुलिश नजर आ रहे हैं.
कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में ₹491 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹407 करोड़ के मुकाबले 20 फीसदी ज्यादा है.
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यानी कंपनी लगातार अपनी प्रॉफिटेबिलिटी सुधारने में सफल हो रही है. FMCG सेक्टर में इस तरह की ग्रोथ को काफी मजबूत माना जाता है, खासकर ऐसे समय में जब कई कंपनियां डिमांड स्लोडाउन की चुनौती झेल रही हैं.
सिर्फ मुनाफा ही नहीं, कंपनी की बिक्री भी शानदार रही. मार्च तिमाही में Tata Consumer Products का रेवेन्यू 18 फीसदी बढ़कर ₹5,433 करोड़ पहुंच गया. पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा ₹4,608 करोड़ था.
भारत का कारोबार कंपनी की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा. कंपनी का इंडिया बिजनेस बढ़कर ₹3,327 करोड़ पहुंच गया, जबकि पिछले साल यह ₹2,936 करोड़ था. इससे साफ है कि चाय, नमक, मसाले, पैकेज्ड फूड और रेडी-टू-कुक जैसे सेगमेंट में कंपनी की पकड़ लगातार मजबूत हो रही है.
कंपनी के लिए सबसे बड़ा पॉजिटिव संकेत उसका तेजी से बढ़ता Quick Commerce और E-commerce बिजनेस माना जा रहा है. ब्रोकरेज फर्म CLSA के मुताबिक, कंपनी का Quick Commerce और E-commerce कारोबार अब उसके भारत कारोबार का 21 फीसदी हिस्सा बन चुका है.
सबसे खास बात यह रही कि FY26 में यह कारोबार 62 फीसदी से ज्यादा बढ़ा. यानी Blinkit, Zepto और Instamart जैसे प्लेटफॉर्म्स पर Tata Consumer के प्रोडक्ट्स की मांग तेजी से बढ़ रही है. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि आने वाले समय में यही बिजनेस कंपनी की ग्रोथ का सबसे बड़ा इंजन बन सकता है.
ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस Goldman Sachs ने Tata Consumer Products पर अपनी “Buy” रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹1,400 से बढ़ाकर ₹1,450 कर दिया है.
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Goldman Sachs का कहना है कि कंपनी ने रेवेन्यू ग्रोथ और मार्जिन दोनों मामलों में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है. ब्रोकरेज के मुताबिक, भारत में कंपनी की वॉल्यूम ग्रोथ 16 फीसदी रही, जो भारतीय FMCG कंपनियों में सबसे ज्यादा है.
| ब्रोकरेज हाउस | रेटिंग | नया टारगेट प्राइस | पुराना टारगेट |
| Jefferies | Buy बरकरार | ₹1,450 | ₹1,310 |
| Morgan Stanley | Overweight बरकरार | ₹1,351 | ₹1,361 |
| Goldman Sachs | Buy बरकरार | ₹1,450 | ₹1,400 |
| CLSA | Accumulate | ₹1,337 | ₹1,193 |
| HSBC | Buy बरकरार | ₹1,380 | ₹1,390 |
रिपोर्ट में कहा गया कि यह ग्रोथ आगे भी बनी रह सकती है. Goldman Sachs ने यह भी कहा कि कंपनी के तेजी से बढ़ने वाले बिजनेस अब कुल रेवेन्यू का 30 फीसदी से ज्यादा हिस्सा बन चुके हैं और ये सेगमेंट 30 फीसदी से ज्यादा की दर से बढ़ रहे हैं.
Morgan Stanley ने स्टॉक पर “Overweight” रेटिंग बनाए रखी है और ₹1,351 का टारगेट दिया है. वहीं HSBC ने भी “Buy” रेटिंग बरकरार रखी है. HSBC के मुताबिक, कंपनी के “Growth Businesses” लगातार मजबूत प्रदर्शन कर रहे हैं. ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी का EBITDA अनुमान से 5 फीसदी बेहतर रहा और “संपन्न” ब्रांड ने सबसे ज्यादा प्रभावित किया.
अगर लंबे समय के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो Tata Consumer Products ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है. पिछले 5 साल में शेयर करीब 98 फीसदी चढ़ा है. 3 साल में इसमें 61 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है. पिछले एक साल में शेयर 13 फीसदी से ज्यादा बढ़ा है. सिर्फ 2026 में अब तक यह शेयर 7 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है, जबकि पिछले एक महीने में इसमें 15 फीसदी से ज्यादा की तेजी आई है.
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि Tata Consumer Products अब सिर्फ पारंपरिक FMCG कंपनी नहीं रह गई है. कंपनी तेजी से नए ग्रोथ सेगमेंट्स, Quick Commerce और डिजिटल चैनल्स पर फोकस बढ़ा रही है.
इसी वजह से बड़े ब्रोकरेज हाउस इस शेयर को लेकर लगातार पॉजिटिव बने हुए हैं. हालांकि, निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि FMCG सेक्टर में वैल्यूएशन पहले से ऊंचे हैं. ऐसे में आगे उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 Tata Consumer Products के शेयर में तेजी क्यों आई?
मार्च तिमाही के मजबूत नतीजों, बेहतर मुनाफे और बड़े ब्रोकरेज हाउसों के पॉजिटिव आउटलुक की वजह से शेयर में तेजी देखने को मिली.
Q2 कंपनी का Q4 मुनाफा कितना बढ़ा?
वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 20% बढ़कर ₹491 करोड़ पहुंच गया.
Q3 Tata Consumer Products का रेवेन्यू कितना रहा?
मार्च तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू 18% बढ़कर ₹5,433 करोड़ रहा.
Q4 किस ब्रोकरेज ने सबसे ज्यादा टारगेट प्राइस दिया है?
Jefferies और Goldman Sachs ने ₹1,450 का सबसे ऊंचा टारगेट प्राइस दिया है.
Q5 Quick Commerce बिजनेस कंपनी के लिए कितना महत्वपूर्ण है?
Quick Commerce और E-commerce कारोबार अब कंपनी के भारत बिजनेस का 21% हिस्सा बन चुका है और FY26 में इसमें 62% से ज्यादा की ग्रोथ दर्ज हुई है.