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Tata ग्रुप के इस स्टॉक में 38% की आ सकती है रैली!
शेयर बाजार में जब भी भरोसे और मजबूती की बात आती है, तो टाटा ग्रुप का नाम सबसे पहले दिमाग में आता है. इसी ग्रुप की एक दिग्गज कंपनी, टाटा कम्युनिकेशंस (Tata Communications) इस समय ब्रोकरेज हाउस ICICI Securities की पसंदीदा लिस्ट में शामिल हो गई है.
कंपनी ने हाल ही में अपनी चौथी तिमाही (Q4 Results) के नतीजे पेश किए हैं, जो न केवल उम्मीदों पर खरे उतरे हैं बल्कि भविष्य के लिए एक बड़ी तेजी का संकेत भी दे रहे हैं. ब्रोकरेज का मानना है कि इस स्टॉक में मौजूदा स्तर से करीब 38% तक की उछाल आ सकती है. इसके साथ ही कंपनी ने अपने निवेशकों के लिए 175% के भारी-भरकम डिविडेंड की भी घोषणा की है.
टाटा कम्युनिकेशंस ने इस तिमाही में अपनी कमाई के आंकड़ों से बाजार को काफी प्रभावित किया है. कंपनी का फोकस अब पुराने बिजनेस से हटकर डिजिटल सेवाओं की तरफ तेजी से बढ़ रहा है. कंपनी के डिजिटल रेवेन्यू में सालाना आधार पर 19% से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई है. नीचे दी गई टेबल से आप कंपनी के प्रदर्शन को आसानी से समझ सकते हैं-
| मुख्य मानक | आंकड़े (Q4FY26) | सालाना बदलाव |
| डेटा रेवेन्यू | 57 अरब रुपये | 11.5% वृद्धि |
| डिजिटल रेवेन्यू | 29.1 अरब रुपये | 19.2% वृद्धि |
| नेट कर्ज | 96 अरब रुपये | 4.8 अरब कम |
| डिविडेंड | 17.5 रुपये/शेयर | 175% |
अब कंपनी की कुल डेटा कमाई में डिजिटल सेवाओं की हिस्सेदारी 50% से भी ज्यादा हो गई है. अंतरराष्ट्रीय मार्केट से होने वाली कमाई में 15.6% की शानदार ग्रोथ देखी गई है. डिजिटल सेगमेंट में होने वाले नुकसान अब लगातार कम हो रहे हैं, जो अच्छे मुनाफे का संकेत है.

ब्रोकरेज हाउस ICICI Securities का मानना है कि कंपनी का नया मैनेजमेंट अब केवल विस्तार पर नहीं, बल्कि टिकाऊ और मुनाफे वाले विकास पर ध्यान दे रहा है. कंपनी को सप्लाई चेन को डिजिटल बनाने और अपनी सेवाओं में 'एआई एजेंट्स' को लागू करने की बड़ी डिमांड दिख रही है. मैनेजमेंट का मानना है कि एआई के क्षेत्र में टाटा कम्युनिकेशंस के पास बहुत बड़ी काबिलियत है, जिसका फायदा आने वाले सालों में रेवेन्यू बढ़ाने में मिलेगा.
एआई इनेबलमेंट: कंपनी अपने प्रोडक्ट्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस करने पर तेजी से काम कर रही है.
बड़ा लक्ष्य: मैनेजमेंट ने साल 2028 तक डेटा रेवेन्यू को 280 अरब रुपये तक ले जाने का विजन रखा है.
प्रॉफिट पर फोकस: डिजिटल पोर्टफोलियो को जल्द से जल्द उस स्तर पर लाने की कोशिश है जहां से केवल मुनाफा शुरू हो.
ब्रोकरेज हाउस ICICI Securities की रिपोर्ट के मुताबिक, टाटा कम्युनिकेशंस की ऑर्डर बुक पिछले दो सालों से लगातार शानदार रफ्तार से बढ़ रही है. यह दिखाता है कि दुनिया भर की बड़ी कंपनियों का भरोसा टाटा की सेवाओं पर बढ़ता जा रहा है. इस तिमाही में कंपनी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बड़े सौदे अपने नाम किए हैं, जिनमें ऑटोमोटिव और बैंकिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनियां शामिल हैं.
ग्लोबल बैंक का भरोसा: एक बड़े अंतरराष्ट्रीय बैंक ने भारत में अपना ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर बनाने के लिए टाटा कम्युनिकेशंस को चुना है.
इंश्योरेंस सेक्टर में पकड़: एक लीडिंग लाइफ इंश्योरेंस कंपनी के 155 लोकेशंस पर अपनी सेवाएं देने का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट भी कंपनी ने जीता है.
नेटवर्क ट्रांसफॉर्मेशन: कंपनी का हाइब्रिड वान दुनिया भर में अपनी धाक जमा रहा है और नए ग्राहकों को जोड़ रहा है.
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निवेशकों के लिए एक और राहत भरी खबर यह है कि कंपनी ने अपना कर्ज काफी कम किया है. इस तिमाही में नेट कर्ज करीब 4.8 अरब रुपये कम हुआ है. इसके अलावा, कंपनी ने 17.5 रुपये प्रति शेयर के डिविडेंड का प्रस्ताव रखा है. यह कदम दिखाता है कि कंपनी अपने मुनाफे का हिस्सा शेयरधारकों के साथ बांटने में काफी उदार है.
बेहतर बैलेंस शीट: कर्ज कम होने से कंपनी की आर्थिक स्थिति और भी मजबूत हुई है.
डिविडेंड की खुशी: पिछले साल के मुकाबले इस बार भी कंपनी ने निवेशकों को निराश नहीं किया है.
भविष्य का निवेश: कंपनी अपने रेवेन्यू का एक हिस्सा लगातार नए इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक को बेहतर बनाने पर खर्च कर रही है.
टाटा कम्युनिकेशंस के लिए आने वाला समय काफी उम्मीदों भरा है. डेटा सेंटर कनेक्टिविटी के क्षेत्र में कंपनी को 2030 तक बहुत बड़ा मार्केट दिख रहा है. साथ ही, कंपनी की सहयोगी फर्म STT India का आने वाला IPO भी वैल्यू बढ़ाने का एक बड़ा मौका बन सकता है. हालांकि, बाजार की स्थितियों और नई तकनीकी चुनौतियों पर भी नजर रखना जरूरी है.
IPO से बढ़ेगी वैल्यू: STT India का संभावित IPO कंपनी की हिस्सेदारी को कैश करने का एक सुनहरा मौका होगा.
जोखिम की बात: अगर डिजिटल सेवाओं की रफ्तार धीमी पड़ती है या अधिग्रहण किए गए बिजनेस को सुधारने में वक्त लगता है, तो मुनाफे पर असर पड़ सकता है.
पॉजिटिव ट्रिगर: एआई आधारित बिजनेस में अगर तेजी बनी रहती है, तो शेयर का भाव टारगेट प्राइस को जल्दी छू सकता है.
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कुल मिलाकर देखा जाए तो टाटा कम्युनिकेशंस अब अपनी पुरानी इमेज को पीछे छोड़कर एक पूरी तरह से डिजिटल और टेक-आधारित कंपनी बन रही है. मजबूत मैनेजमेंट, बढ़ती हुई ऑर्डर बुक और कर्ज में कमी जैसे कारण इसे लॉन्ग टर्म के निवेश के लिए एक बेहतरीन विकल्प बनाते हैं. हालांकि, शेयर बाजार में जोखिम हमेशा रहता है, इसलिए निवेश करने से पहले अपने स्तर पर भी रिसर्च जरूर करें.
सवाल- क्या टाटा कम्युनिकेशंस आम जनता को भी सिम कार्ड बेचती है?
जवाब- नहीं, यह एक B2B कंपनी है जो मुख्य रूप से दूसरी कंपनियों और सरकारों को नेटवर्क और क्लाउड सेवाएं देती है.
सवाल- स्टॉक मार्केट में 'BUY' रेटिंग का क्या मतलब होता है?
जवाब- इसका मतलब है कि एक्सपर्ट्स को लगता है कि शेयर की कीमत मौजूदा स्तर से ऊपर जाएगी और इसे खरीदना फायदेमंद हो सकता है.
सवाल- क्या टाटा ग्रुप की इस कंपनी में सरकारी हस्तक्षेप रहता है?
जवाब- नहीं, यह पूरी तरह टाटा ग्रुप द्वारा संचालित है. हालांकि, यह पहले सरकारी कंपनी (VSNL) हुआ करती थी.
सवाल- डिजिटल रेवेन्यू बढ़ने से निवेशकों को क्या फायदा है?
जवाब- डिजिटल सेवाओं में मुनाफा ज्यादा होता है. इसलिए जितना ज्यादा डिजिटल रेवेन्यू बढ़ेगा, कंपनी की वैल्यू और शेयर के दाम उतने ही बढ़ेंगे.
सवाल- डिविडेंड का पैसा निवेशकों को कैसे मिलता है?
जवाब- डिविडेंड की रकम सीधे आपके उस बैंक खाते में आती है, जो आपके डीमैट अकाउंट से जुड़ा होता है.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)