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नवंबर की शुरुआत के साथ ही फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स सेक्टर में हलचल तेज़ हो गई है. निवेशकों की नज़रें अब दो दिग्गज कंपनियों स्विगी और जोमैटो पर टिकी हुई हैं. दोनों कंपनियों ने सितंबर तिमाही (Q2 FY2025-26) के अपने नतीजे पेश किए हैं, जो मार्केट में नई रणनीति और संभावनाओं की झलक दिखाते हैं.
ब्रोकरेज फर्म Bernstein ने हाल ही में अपनी ई-कॉमर्स रिपोर्ट में कहा है कि स्विगी और Eternal (जोमैटो की पैरेंट कंपनी) दोनों कंपनियां क्विक कॉमर्स सेगमेंट में भविष्य के बड़े खिलाड़ियों के रूप में उभर रही हैं. रिपोर्ट के अनुसार, स्विगी का टारगेट प्राइस 570 रुपए और Eternal का टारगेट प्राइस 390 रुपए रखा गया है. दोनों स्टॉक्स पर ‘Outperform’ की रेटिंग दी गई है, यानी इनके भाव में दमदार बढ़त की उम्मीद जताई गई है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि “Quick Commerce आने वाले समय में सबसे ज्यादा ग्रोथ वाला सेगमेंट रहेगा. हालांकि इसमें कंपटीशन बहुत ज़्यादा है, लेकिन स्विगी और Eternal दोनों के पास इस रेस में आगे निकलने के लिए मजबूत पोजिशनिंग है. फूड डिलीवरी इनके लिए कैश मशीन की तरह काम कर रही है, जबकि क्विक कॉमर्स इनका भविष्य तय करेगा.”
वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में दोनों कंपनियों ने मजबूत रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की. स्विगी का रेवेन्यू 54% बढ़कर ₹5561 करोड़ तक पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी ने ₹3600 करोड़ के करीब रेवेन्यू दर्ज किया था. जोमैटो (Eternal) ने भी 2.72 गुना की शानदार वृद्धि दिखाते हुए ₹13,590 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया.
हालांकि, दोनों कंपनियों के प्रॉफिट में गिरावट देखने को मिली. स्विगी का घाटा बढ़कर ₹1,092 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹626 करोड़ था. वहीं, जोमैटो का प्रॉफिट 63% घटकर ₹65 करोड़ रह गया.
एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये घाटे अस्थायी हैं क्योंकि दोनों कंपनियां फिलहाल मार्केट शेयर हासिल करने की रणनीति पर काम कर रही हैं. उच्च मार्केटिंग खर्च और ग्राहक अधिग्रहण पर फोकस की वजह से मुनाफा कम हुआ है, लेकिन लॉन्ग टर्म में ये ग्रोथ को सपोर्ट करेगा.
क्विक कॉमर्स यानी वो सेगमेंट जिसमें ग्राहक को 10-20 मिनट में किराना और जरूरी सामान डिलीवर किया जाता है, अब भारतीय ई-कॉमर्स का नया युद्धक्षेत्र बन गया है. जोमैटो की सब्सिडियरी ब्लिंकिट इस समय इस मार्केट की लीडर है, जबकि स्विगी अपनी इंस्टामार्ट सर्विस के ज़रिए तेजी से पकड़ बना रही है.
Bernstein की रिपोर्ट बताती है कि “क्विक कॉमर्स भारत का सबसे तेजी से बढ़ता सेगमेंट है. यहां जो कंपनी स्केल और ग्राहक भरोसे को पहले हासिल कर लेगी, वही अगले 5 साल में बड़ी वैल्यू क्रिएट करेगी.”
ब्रोकरेज का मानना है कि फिलहाल दोनों कंपनियों के स्टॉक लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए आकर्षक हैं. स्विगी की बात करें तो इसके मजबूत ऑपरेशनल मॉडल, तेजी से बढ़ती क्विक कॉमर्स डिमांड और ग्राहक बेस विस्तार के कारण Bernstein ने इस पर 570 रुपए का टारगेट दिया है.
Eternal (जोमैटो) की बात करें तो ब्रोकरेज का मानना है कि ब्लिंकिट की सफलता और फूड डिलीवरी में स्थायी ग्रोथ इसे निवेशकों के लिए पॉजिटिव बनाती है. ब्रोकरेज ने इस पर 390 रुपए प्रति शेयर का टारगेट दिया है. दोनों कंपनियां फिलहाल अपने मार्जिन से समझौता कर रही हैं ताकि आने वाले समय में बड़ा मार्केट शेयर हासिल कर सकें.
नवंबर में अगर निवेशक दमदार प्रॉफिट की तलाश में हैं, तो जोमैटो और स्विगी दोनों ही स्टॉक्स पर नज़र रख सकते हैं. क्विक कॉमर्स इंडस्ट्री के तेजी से फैलते ट्रेंड और Bernstein जैसी फर्म की पॉजिटिव रिपोर्ट इन दोनों कंपनियों को आने वाले महीनों का ‘हॉट पिक’ बना सकती है.
Q1. Bernstein ने स्विगी और जोमैटो पर क्या रेटिंग दी है?
दोनों स्टॉक्स पर ‘Outperform’ की रेटिंग दी गई है.
Q2. स्विगी का टारगेट प्राइस कितना रखा गया है?
570 रुपए प्रति शेयर.
Q3. Eternal (जोमैटो की पैरेंट कंपनी) का टारगेट प्राइस क्या है?
390 रुपए प्रति शेयर.
Q4. जोमैटो का सितंबर तिमाही में प्रॉफिट कितना रहा?
₹65 करोड़, जो पिछले साल की तुलना में 63% कम है.
Q5. क्विक कॉमर्स में कौन सी कंपनी आगे है?
जोमैटो की ब्लिंकिट फिलहाल मार्केट लीडर है, जबकि स्विगी की इंस्टामार्ट तेजी से पीछा कर रही है.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)