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फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स सेक्टर में बड़ा नाम बन चुकी Swiggy को लेकर ब्रोकरेज हाउसों की राय अलग-अलग है. एक तरफ जहां ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस JPMorgan ने कंपनी पर ‘Overweight’ की रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹470 तय किया है, वहीं दूसरी तरफ JM Financial ने कंपनी की स्थिति को देखते हुए इसे ‘Reduce’ की कैटेगरी में डाल दिया है और टारगेट प्राइस घटाकर ₹420 कर दिया है.
जेपी मॉर्गन का कहना है कि Rapido में हिस्सेदारी की बिक्री (stake sale) ने कंपनी की बैलेंस शीट को मजबूत किया है और अब उसके पास अतिरिक्त कैश मौजूद है. इससे Swiggy के क्विक कॉमर्स बिजनेस Instamart को 6 क्वार्टर (डेढ़ साल से ज्यादा) तक फंडिंग सपोर्ट मिलेगा.
जेपी मॉर्गन के अनुसार, इस कैश का फायदा यह होगा कि कंपनी को अभी तुरंत नए फंड जुटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. साथ ही मार्केटिंग, सब्सिडी और सेल्स जैसी आक्रामक रणनीति को कुछ समय तक जारी रखा जा सकता है.
ब्रोकरेज का मानना है कि Swiggy का मौजूदा शेयर मूल्य ₹438 है और यह निकट भविष्य में ₹470 तक जा सकता है. यानी निवेशकों को अधिकतम ₹20 का और फायदा देखने को मिल सकता है.
वहीं दूसरी तरफ JM Financial का मानना है कि Swiggy की मौजूदा रणनीति लंबे समय तक चलाना आसान नहीं है. उनका कहना है कि कंपनी को अपने आक्रामक मार्केटिंग और सब्सिडी मॉडल को जारी रखने के लिए कम से कम 500 मिलियन डॉलर (करीब 4,000 करोड़ रुपये से ज्यादा) की नई फंडिंग की आवश्यकता होगी.
JM Financial ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि Swiggy भले ही क्विक कॉमर्स में आक्रामक रणनीति अपना रही हो, लेकिन उसका प्रतिद्वंदी Blinkit कहीं तेज़ी से विस्तार कर रहा है. जबकि Swiggy की Instamart ने पिछले एक साल में 100% ग्रॉस ऑर्डर वैल्यू ग्रोथ दिखाई है, इसके बावजूद Blinkit की ग्रोथ रफ्तार ज्यादा है.
Swiggy की सबसे बड़ी चुनौती उसका नुकसान (losses) है. कंपनी पिछले 5 क्वार्टर से लगातार घाटे में चल रही है. कुल मिलाकर पिछले 9 क्वार्टर में Swiggy का नुकसान ₹6,600 करोड़ तक पहुंच चुका है. सिर्फ सबसे हालिया क्वार्टर में ही कंपनी को ₹2,278 करोड़ का घाटा हुआ है. एनालिस्ट्स का मानना है कि अगर कंपनी इस नुकसान को कम करने की दिशा में कदम नहीं उठाती, तो फंड जुटाना और भी मुश्किल हो जाएगा.
Swiggy ने हाल ही में अपने क्विक कॉमर्स बिजनेस Instamart को एक अलग कानूनी ढांचे में बदल दिया है. अब यह एक wholly owned subsidiary (पूरी तरह से स्वामित्व वाली सहायक कंपनी) के तौर पर काम करेगी. कंपनी का कहना है कि ऐसा करने से Instamart को भविष्य में नए निवेशक लाने या फंडिंग जुटाने में आसानी होगी. इसे Slump Sale के जरिए Swiggy Instamart Pvt Ltd में ट्रांसफर किया गया है.
स्टॉक मार्केट में Swiggy का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है. कंपनी का शेयर पिछले कारोबारी दिन ₹449.95 प्रति शेयर पर बंद हुआ, जो लगभग फ्लैट रहा. पिछले 6 महीनों में Swiggy के शेयर में 28% की बढ़त दर्ज की गई है. हालांकि, साल 2025 की शुरुआत से अब तक देखें तो यह शेयर 17% तक नीचे है.
एक्सपर्ट्स की राय में Swiggy में निवेश करने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए. जहां एक तरफ कंपनी का बैलेंस शीट हाल ही में मजबूत हुआ है और Instamart तेज ग्रोथ दिखा रहा है, वहीं दूसरी तरफ बढ़ते घाटे और भविष्य की फंडिंग की चुनौती चिंता का कारण है. अगर निवेशक शॉर्ट-टर्म के लिए निवेश कर रहे हैं तो उन्हें बहुत बड़े मुनाफे की उम्मीद नहीं करनी चाहिए. वहीं लॉन्ग-टर्म निवेशक कंपनी की फंडिंग और घाटा कम करने की रणनीति पर नज़र रखें.
Q1. Swiggy का शेयर अभी कितने पर चल रहा है?
Swiggy का शेयर ₹449.95 पर बंद हुआ, जो पिछले दिन लगभग फ्लैट रहा.
Q2. JPMorgan ने Swiggy का टारगेट प्राइस कितना दिया है?
JPMorgan ने Swiggy का टारगेट प्राइस ₹470 रखा है.
Q3. JM Financial ने Swiggy को कौन सी रेटिंग दी है?
JM Financial ने Swiggy को ‘Reduce’ रेटिंग दी है और टारगेट घटाकर ₹420 कर दिया है.
Q4. Swiggy को अब तक कितना घाटा हुआ है?
Swiggy को पिछले 9 क्वार्टर में कुल ₹6,600 करोड़ का घाटा हुआ है.
Q5. Instamart को अलग कंपनी क्यों बनाया गया है?
Instamart को अलग कंपनी बनाने से उसे भविष्य में निवेशकों से पूंजी जुटाने और विस्तार करने में आसानी होगी.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)