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Swan Defence को मिला बड़ा ऑर्डर. (Image: AI-generated)
Swan Defence Share Price: डिफेंस और हैवी इंडस्ट्री की स्मॉलकैप कंपनी Swan Defence and Heavy Industries Limited (SDHI) को देश का पहला अमोनिया ड्यूल-फ्यूल बल्क कैरियर बनाने का ऑर्डर मिला है. यह ऑर्डर Energy ONE Limited की तरफ से दिया गया है और इसकी कुल वैल्यू ₹1501 करोड़ से ₹3000 करोड़ के बीच आंकी जा रही है. BSE पर कंपनी का मार्केट कैप 8,900 करोड़ के आसपास है.
इस डील के तहत SDHI चार बड़े 92,500 DWT (Deadweight Tonnage) के बल्क कैरियर बनाएगी. खास बात यह है कि ये जहाज अमोनिया आधारित फ्यूल सिस्टम पर चलेंगे, जो कि भविष्य की ग्रीन शिपिंग टेक्नोलॉजी मानी जा रही है.
Swan Defence Share Price में पिछले तीन ट्रेडिंग सेशन से अपर सर्किट हिट हो रहा है. आज भी शेयर 5% की तेजी के साथ 1,703 रुपये के भाव पर लॉक हो गया था. इसके पहले 2 और 6 अप्रैल को भी शेयर में अपर सर्किट लगा था.
यह सिर्फ एक ऑर्डर नहीं, बल्कि भारत की ग्रीन शिपिंग मिशन का भी अहम पहलू है. पहली बार भारत में इतने बड़े और एडवांस्ड अमोनिया ड्यूल-फ्यूल जहाज बनाए जाएंगे. ये जहाज न सिर्फ देश के सबसे बड़े कमर्शियल वेसल्स में शामिल होंगे, बल्कि यह दिखाते हैं कि भारत अब हाई-टेक और लो-एमिशन शिपबिल्डिंग में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है.
SDHI के डायरेक्टर विवेक मर्चेंट के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट कंपनी के लिए एक बड़ा माइलस्टोन है और इससे ग्लोबल लेवल पर भारतीय शिपबिल्डिंग की विश्वसनीयता बढ़ेगी.
इन जहाजों की लंबाई 229.5 मीटर और चौड़ाई 37 मीटर होगी. हर जहाज में अमोनिया फ्यूल आधारित प्रोपल्शन सिस्टम लगाया जाएगा, जो पारंपरिक फ्यूल की तुलना में काफी कम प्रदूषण करता है.
डिजाइन साउथ कोरिया की KMS-EMEC कंपनी करेगी, जबकि इन्हें क्लासिफाई Det Norske Veritas (DNV) द्वारा किया जाएगा, जो दुनिया की प्रमुख क्लासिफिकेशन एजेंसियों में से एक है.
| पैरामीटर | विवरण |
| कंपनी | Swan Defence and Heavy Industries Limited (SDHI) |
| ऑर्डर देने वाली कंपनी | Energy ONE Limited |
| प्रोजेक्ट | अमोनिया ड्यूल-फ्यूल बल्क कैरियर निर्माण |
| कुल जहाजों की संख्या | 4 |
| प्रत्येक जहाज की क्षमता | 92,500 DWT |
| ऑर्डर वैल्यू | ₹1501 करोड़ – ₹3000 करोड़ |
| खासियत | भारत का पहला अमोनिया ड्यूल-फ्यूल जहाज |
| जहाज की लंबाई | 229.5 मीटर |
| चौड़ाई (Beam) | 37 मीटर |
| डिजाइन | KMS-EMEC (साउथ कोरिया) |
| क्लासिफिकेशन | DNV (Det Norske Veritas) |
| डिलीवरी टाइमलाइन | पहला जहाज: अक्टूबर 2029 |
| अन्य जहाजों की डिलीवरी | हर 4 महीने के अंतराल पर |
| टेक्नोलॉजी | अमोनिया-आधारित फ्यूल प्रोपल्शन सिस्टम |
| सेक्टर फोकस | ग्रीन शिपिंग / लो-एमिशन टेक्नोलॉजी |
Energy ONE Limited, New Energy One (NEO) फंड के साथ जुड़ी हुई है, जो ग्रीन और जीरो-एमिशन शिप्स में $2 बिलियन तक निवेश करने की योजना पर काम कर रहा है.
इसका मकसद इंडस्ट्रियल कंपनियों को उनके कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद करना है. इसके अलावा, NEO ने Sagarmala Finance Corp के साथ भी साझेदारी की है, जिससे भारत में ग्रीन शिपिंग प्रोजेक्ट्स को और बढ़ावा मिलेगा.
इस डील का सीधा असर SDHI की ग्रोथ विजिबिलिटी पर पड़ता है.
हालांकि, ध्यान रखने वाली बात यह है कि डिलीवरी टाइमलाइन लंबी है (2029 से शुरू), इसलिए इसका पूरा फायदा धीरे-धीरे दिखाई देगा.

शेयर की रिटर्न हिस्ट्री भी इम्प्रेसिव रही है. NSE के डेटा के मुताबिक, वैसे तो ये पिछले 1 महीने में 13% गिरा है, लेकिन पिछले 6 महीनों में इसमें 160% के करीब तेजी आई है. इस साल शेयर 20% ऊपर है. शेयर ने एक साल में 1750% तो 5 सालों में 3,932% का रिटर्न दिया है, यानी कि जिन निवेशकों ने इस शेयर को 5 सालों से होल्ड किया है, उन्हें इसमें 41 गुना रिटर्न मिल चुका है.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 अमोनिया ड्यूल-फ्यूल जहाज क्या होता है?
यह ऐसा जहाज होता है जो अमोनिया और पारंपरिक फ्यूल दोनों पर चल सकता है, जिससे कार्बन उत्सर्जन कम होता है.
Q2 इस डील की कुल वैल्यू कितनी है?
इस ऑर्डर की वैल्यू ₹1501 करोड़ से ₹3000 करोड़ के बीच है.
Q3 इस प्रोजेक्ट से भारत को क्या फायदा होगा?
भारत को ग्रीन शिपबिल्डिंग टेक्नोलॉजी में बढ़त मिलेगी और ग्लोबल मार्केट में पहचान मजबूत होगी
Q4 डिलीवरी कब से शुरू होगी?
पहला जहाज अक्टूबर 2029 में डिलीवर होगा, उसके बाद हर 4 महीने में बाकी जहाज मिलेंगे.
Q5 निवेशकों के लिए यह खबर क्यों अहम है?
यह कंपनी के लिए लॉन्ग-टर्म ग्रोथ और नए बिजनेस सेगमेंट में एंट्री का संकेत है, जिससे भविष्य में वैल्यू क्रिएशन हो सकता है.