&format=webp&quality=medium)
Suzlon Energy Share Price Target.
Stocks to BUY: सुजलॉन एनर्जी का शेयर लंबे समय से अंडर परफॉर्म कर रहा है. फिलहाल यह शेयर 22 महीनों के न्यूनतम स्तर पर 43 रुपए के नीचे ट्रेड कर रहा है. अब इस स्टॉक को लेकर गुड न्यूज है. कंपनी ने विंड एनर्जी के अलावा अब सोलर और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम यानी BESS में भी एंट्री लेने का फैसला किया है. इस फैसले से ब्रोकरेज का भरोसा बढ़ा है और 51% अपसाइड टारगेट दिया गया है.
डोमेस्टिक ब्रोकरेज फर्म ICICI सिक्योरिटीज ने सुजलॉन एनर्जी शेयर के लिए BUY की रेटिंग को मेंटेन रखा है और टारगेट 65 रुपए का दिया है. यह शेयर 43 रुपए के ठीक नीचे कारोबार कर रहा है जिसके मुकाबले यह टारगेट 51% अधिक है. वर्तमान में यह शेयर मई 2024 के बाद अपने न्यूनतम स्तर पर है. बता दें कि सितंबर 2024 में इस शेयर ने 86 रुपए का हाई बनाया था. उसके बाद से यह शेयर का न्यूनतम स्तर है और अपने हाई से 50% टूट चुका है.

मुख्य रूप से सुजलॉन एनर्जी अब तक विंड एनर्जी कंपनी रही है और पिछले कुछ सालों में इस सेगमेंट का ग्रोथ दमदार रहा है. अब कंपनी का फोकस सोलर और BESS यानी बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम पर भी है. आने वाले समय में ये ग्रोथ के नए ड्राइवर्स होंगे. इसके अलावा कंपनी एक्सपोर्ट को लेकर भी अपॉर्च्युनिटी की तलाश कर रही है. कंपनी का लक्ष्य अब विंड एनर्जी से हटकर डायवर्सिफाइड रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशन प्रोवाइडर बनने की है.
दरअसल पिछले कुछ समय से विंड प्रोजेक्ट्स को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इसमें सबसे बड़ी चुनौती लैंड एक्वीजिशन को लेकर है. इसके अलावा ट्रांसमिशन इन्फ्रास्ट्रक्चर को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. यह वजह है कि सुजलॉन एनर्जी का शेयर अंडर परफॉर्म भी कर रहा था
मैनेजमेंट ने सुजलॉन एनर्जी के लिए Suzlon 2.0 प्लान पेश किया है. इसके तहत मैनेजमेंट में बड़ा फेरबदल किया गया है. अजय कपूर को नया ग्रुप CEO नियुक्त किया गया है. कपूर इससे पहले अंबुजा सीमेंट में मैनेजिंग डायरेक्टर थे. जेपी चलसानी को ग्रुप एग्जीक्यूटिव काउंसिल (GEC) में एलिवेट किया गया है. वे चेयरमैन एंड मैनेजिंग डायरेक्टर विनोद तांती को रिपोर्ट करेंगे और स्ट्रैटिजिक रोल में बने रहेंगे.
करीब एक दशक की परेशानी के बाद बीते तीन साल कंपनी के लिए शानदार रहा है. FY20 में कंपनी का कुल कर्ज 120 बिलियन रुपए था. अब कंपनी कर्जमुक्त भी है और दिसंबर 2025 के आधार पर 1556 करोड़ रुपए का नेट कैश है. जनवरी 2026 के आधार पर 6.4 GW का ऑर्डर बुक भी है. सरकार ने हर साल 10GW का विंड एनर्जी प्रोजेक्ट टेंडर करने का भी ऐलान किया है. कुल मिलाकर ग्रोथ की दमदार विजिबिलिटी नजर आ रही है.
प्रमोटर की हिस्सेदारी पर करें फोकस
| कैटिगरी | Dec 2024 | Mar 2025 | Jun 2025 | Sep 2025 | Dec 2025 |
| प्रमोटर्स | 13.25% | 13.25% | 11.75% | 11.73% | 11.73% |
| FIIs | 22.87% | 23.04% | 23.02% | 22.70% | 23.73% |
| DIIs | 9.31% | 8.73% | 10.17% | 10.14% | 9.23% |
| पब्लिक | 54.56% | 54.98% | 55.07% | 55.40% | 55.29% |
| शेयरधारकों की संख्या | 54,68,871 | 56,74,619 | 56,04,610 | 56,36,240 | 56,35,389 |
सुजलॉन एनर्जी का मार्केट कैप 58700 करोड़ रुपए के करीब है. इसमें प्रमोटर की हिस्सेदारी 11.73% और पब्लिक की हिस्सेदारी 88.27% है. पब्लिक ओनरशिप में 33% के करीब इंस्टीट्यूशन के पास है. 34 म्यूचुअल फंड्स के पास 4.82% हिस्सेदारी और 14 इंश्योरेंस कंपनियों के पास 1.99% हिस्सेदारी है.5567255 रीटेल के पास 26.20% और 3973 इंडिविजुअल्स के पास 12.87% हिस्सेदारी है.

सुजलॉन एनर्जी का शेयर इस समय 43 रुपए के करीब है और 22 महीने के निचले स्तर पर कारोबार कर रहा है. प्रमोटर की हिस्सेदारी थोड़ी कम है जिसपर फोकस करने की जरूरत है. इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की हिस्सेदारी लगातार मेंटेन है. 55 लाख से अधिक रीटेल निवेशकों का पैसा लगा है. इस साल अब तक शेयर -18% टूट गया है. रिन्यूएबल्स को लेकर सेक्टोरल टेलविंड है और कंपनी भी डायवर्सिफिकेशन कर रही है. ऐसे में निवेश करने पर विचार किया जा सकता है.
