&format=webp&quality=medium)
इन 2 शेयरों पर मिली Sell रेटिंग.
शेयर बाजार में जब कोई कंपनी अपना रिपोर्ट कार्ड पेश करती है और उसमें मुनाफा बढ़ा हुआ दिखता है, तो आम निवेशक को लगता है कि अब तो शेयर रॉकेट बनेगा. लेकिन आईटी सेक्टर की दो दिग्गज कंपनियों- परसिस्टेंट सिस्टम्स और टाटा एलेक्सी के साथ इस बार कुछ उल्टा ही हो रहा है.
चौथी तिमाही (Q4 FY26) के नतीजे शानदार रहने के बावजूद सिटी, मॉर्गन स्टैनली और मोतीलाल ओसवाल जैसे बड़े खिलाड़ियों ने इन्हें 'Sell' यानी बेचने की सलाह दे डाली है. सवाल यह है कि जब तिजोरी भर रही है, तो एक्सपर्ट्स को डर क्यों लग रहा है?
परसिस्टेंट सिस्टम्स ने वित्त वर्ष 2026 की आखिरी तिमाही में मुनाफे का चौका लगाया है. साल भर का नेट प्रॉफिट 1,865 करोड़ रुपये के पार निकल गया है. लेकिन दिग्गज ब्रोकरेज फर्म 'सिटी' (Citi) इस चमक से प्रभावित नहीं है.
परसिस्टेंट का रिपोर्ट कार्ड (FY26)-
| पैरामीटर | FY26 (करोड़ ₹) | ग्रोथ का हाल |
| कुल रेवेन्यू | ₹14,748.4 | भारी उछाल (FY25 में ₹11,938 था) |
| नेट प्रॉफिट | ₹1,865.1 | दमदार बढ़त (FY25 में ₹1,400 था) |
सिटी ने इस शेयर पर 'Sell' रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट दिया है ₹4,230. जबकि शेयर अभी ₹5,300 के आसपास ट्रेड कर रहा है.
महंगा वैल्यूएशन: सिटी का कहना है कि कंपनी के शेयर की कीमत इसके साथियों के मुकाबले बहुत ज्यादा है. बाजार ने इसे जरूरत से ज्यादा भाव दे दिया है.
एआई और कंपटीशन: एआई (AI) के आने से काम करने का तरीका बदल रहा है और कंपटीशन इतना बढ़ गया है कि भविष्य में मार्जिन बचाना मुश्किल होगा.
मैक्रो अनिश्चितता: मैनेजमेंट भले ही मार्केट शेयर बढ़ाने की बात कर रहा है, लेकिन ग्लोबल मार्केट के हालात अभी भी नाजुक हैं.
ये भी पढ़ें: MF-FII की दमदार होल्डिंग वाली कंपनी के आए शानदार Q4 नतीजे, ₹18 डिविडेंड का ऐलान, 5 साल में दिया 472% का रिटर्न
टाटा ग्रुप की डिजाइन और टेक्नोलॉजी कंपनी टाटा एलेक्सी ने भी चौथी तिमाही में ₹220 करोड़ का मुनाफा कमाया, जो पिछली तिमाही से 23.1% ज्यादा है. लेकिन जैसे ही नतीजे आए, मॉर्गन स्टैनली ने इसकी रेटिंग 'Underweight' कर दी.
रेवेन्यू: ₹993.8 करोड़ (तिमाही आधार पर 4.2% की ग्रोथ).
मार्जिन: PAT मार्जिन 21.1% रहा.
टारगेट में कटौती: मॉर्गन स्टैनली ने टारगेट ₹5,350 से घटाकर सीधा ₹4,200 कर दिया है.
ब्रोकरेज का कहना है कि कॉन्स्टेंट करेंसी (CC) के आधार पर रेवेन्यू ग्रोथ मात्र 0.9% रही है, जो बाजार के 2.0% के अनुमान से काफी कम है. यानी ग्रोथ की रफ्तार उम्मीद से बहुत सुस्त है.
ये भी पढ़ें: Tata Elxsi ने जारी किए Q4 नतीजे, डबल हुआ मुनाफा, मार्जिन में बढ़ोतरी, ₹75/Sh डिविडेंड का ऐलान
मोतीलाल ओसवाल ने तो और भी कड़ा रुख अपनाते हुए इस शेयर को बेचने (Sell) की सलाह दी है. उनका एनालिसिस बताता है कि कंपनी के भीतर कुछ वर्टिकल बहुत कमजोर प्रदर्शन कर रहे हैं.
| सेगमेंट (टाटा एलेक्सी) | प्रदर्शन का हाल (Q4) |
| मीडिया और कम्युनिकेशन | 5.6% की बढ़त (राहत की बात) |
| हेल्थकेयर (HLS) | 13.1% की भारी गिरावट (सबसे बड़ा जोखिम) |
धीमी डील क्लोजर: नए सौदे मिलने में वक्त लग रहा है और क्लाइंट्स फैसले लेने में बहुत देर कर रहे हैं.
RoE में गिरावट: रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) जो कभी 41% हुआ करता था, वह अब गिरकर 21.3% रह गया है.
भविष्य का धुंधला गाइडेंस: मैनेजमेंट ने अगले साल के लिए 'हाई सिंगल डिजिट' ग्रोथ की बात कही है, जो ब्रोकरेज को रास नहीं आ रही है.
मैनेजमेंट ने माना है कि दुनिया भर में जारी तनाव और आर्थिक अनिश्चितता की वजह से क्लाइंट्स थोड़े डरे हुए हैं. वे बड़े प्रोजेक्ट्स पर पैसा लगाने से पहले कई बार सोच रहे हैं.
प्रोजेक्ट बेस्ड बिजनेस: इंजीनियरिंग सर्विसेज (ER&D) के प्रोजेक्ट्स छोटे होते हैं. हर तिमाही में पुराने काम खत्म होते हैं, तो नए काम लाने का भारी दबाव रहता है.
यूरोपीय बाजार: अमेरिका में सुस्ती के बीच यूरोप और बाकी दुनिया से आ रही ग्रोथ अभी भी अस्थिर है.
एआई का निवेश: कंपनियों को एआई और जेन-एआई में भारी निवेश करना पड़ रहा है, जिसका असर उनके कैश फ्लो पर पड़ सकता है.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 परसिस्टेंट सिस्टम्स पर सिटी ने 'Sell' रेटिंग क्यों दी है?
सिटी का मानना है कि शेयर की वैल्यूएशन बहुत ज्यादा है और सेक्टर में बढ़ता कंपटीशन और एआई का प्रभाव भविष्य के मार्जिन के लिए खतरा बन सकता है.
Q2 टाटा एलेक्सी के रेवेन्यू में क्या समस्या दिखी?
कंपनी की कॉन्स्टेंट करेंसी (CC) रेवेन्यू ग्रोथ मात्र 0.9% रही, जो बाजार के 2% के अनुमान से काफी कम थी. इसी सुस्ती की वजह से ब्रोकरेज सतर्क हैं.
Q3 टाटा एलेक्सी का सबसे कमजोर सेगमेंट कौन सा रहा?
हेल्थकेयर और लाइफ साइंसेज (HLS) सेगमेंट में 13.1% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जो ब्रोकरेज के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय है.
Q4 क्या एआई (AI) इन कंपनियों के लिए खतरा है?
मैनेजमेंट इसे अवसर मान रहा है, लेकिन ब्रोकरेज को लगता है कि एआई की वजह से आने वाले बदलाव और निवेश की जरूरत छोटी और मिड-कैप कंपनियों के मार्जिन पर दबाव डाल सकती है.
Q5 ब्रोकरेज ने टाटा एलेक्सी का क्या टारगेट दिया है?
मॉर्गन स्टैनली ने ₹4,200 और मोतीलाल ओसवाल ने और भी नीचे ₹3,350 का टारगेट प्राइस दिया है.